विदेशी व्यापार बढ़ाने को 75% भारतीय विक्रेताओं की नजर यूएस एवं यूके पर

सीमापार व्यापार बढ़ाने को 73 प्रतिशत भारतीय विक्रेताओं की नजर अमेरिका और यूके परः पेयोनीयर एवं सैलरऐप रिपोर्ट 2022

होम एवं किचन की श्रेणी ने 2022 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ई-कॉमर्स श्रेणी बनी।

रुड़की,30 मई, 2023: विश्व में छोटे और मध्यम व्यवसायों को पैसों का लेन-देन करने, व्यापार करने और ग्लोबलवृद्धि करने में समर्थ बनाने वाली फाईनेंशल टेक्नॉलॉजी कंपनी, पेयोनीयर ने सैलरऐप के साथ साझेदारी में ‘एमेज़ॉन सैलर रिपोर्ट 2022’ का अनावरण किया है। साल 2022 विश्व में ई-कॉमर्स को अपनाने के मामले में बेहतरीन रहा, इस अवधि में काफी उतार चढ़ाव हुए। ऑनलाईन विक्रेताओं की प्रतिरोधक क्षमता ने उनकी सफलता में बड़ा योगदान दिया, वो आर्थिक मंदी द्वारा उत्पन्न चुनौतियों को पार करने में समर्थ बने। यह रिपोर्ट 2022 में ई-कॉमर्स का एक विस्तृत अवलोकन प्रदान करती है, जिसमें ऑनलाईन बिक्री, खरीददारों की भावनाओं, विक्रेता की वृद्धि और लोकप्रिय श्रेणियों को शामिल किया गया है।
ई कॉमर्स सेक्टर डिजिटल क्रांति के दौर से गुजर रहा है, जिसे सीमापार की एसएमबी से बल मिल रहा है। ये एसएमबी परिवर्तन को बहुत ही फुर्ती से अपना रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल बाजारों में लगभग 63 प्रतिशत छोटे और मध्यम व्यवसाय (एसएमबी) मौजूद हैं, जो कुल रिटेल बिक्री में लगभग 60 प्रतिशत का योगदान देते हैं। इसके अलावा 86 प्रतिशत विक्रेताओं ने कोविड शुरू होने के बाद अपनी आय में वृद्धि दर्ज की, जिससे विपत्ति के समय इस उद्योग की रेज़िलियंस और एडैप्टेबिलिटी प्रदर्शित  होती हैं।
इसके अलावा भारतीय सीमापार व्यवसाय नए क्षेत्र तलाश रहा है, 73 प्रतिशत व्यवसाय अमेरिका और यूके में वृद्धि के अवसर तलाश रहे हैं।
इस रिपोर्ट में फैलते ई कॉमर्स उद्योग के बारे में गहन जानकारी और रोचक बातें दी गई हैं। इसके मुख्य परिणाम निम्नलिखित हैंः
1. खरीद की उच्च आवृत्ति – 58 प्रतिशत ऑनलाईन खरीददार कुछ हफ्तों में कम से कम एक बार ऑनलाईन खरीद करते हैं।
65 प्रतिशत ऑनलाईन शॉपर ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग अपने कंप्यूटर या लैपटॉप द्वारा करना पसंद करते हैं। हालाँकि एक तिहाई ग्राहकों ने मोबाईल शॉपिंग शुरू कर दी है, जिससे प्रोडक्ट के पेजेस को मोबाईल डिवाईस के लिए ऑप्टिमाईज़ करने की जरूरत प्रदर्शित होती है।
2. ई कॉमर्स पर बिज़नेस तीव्र वृद्धि और लाभ अर्जित कर रहे हैं – 63 प्रतिशत ई  कॉमर्स विक्रेताओं ने अपने काम के पहले वर्ष में लाभ अर्जित किया।
अमेरिका में थर्ड पार्टी विक्रेता ग्लोबल बाजारों में प्रति मिनट लगभग 7000 उत्पाद बेचते हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा वालमॉर्ट और शॉपिफाई पर भी बिक्री करते हैं।
76 प्रतिशत ई कॉमर्स विक्रेता लाभ अर्जित करते हैं, जबकि 63 प्रतिशत ने ई कॉमर्स विक्रेता बनने के पहले साल में ही लाभ अर्जित कर लिया।
3. दुनिया में ऑनलाईन रिटेल के लिए उत्पाद की लोकप्रिय श्रेणियाँ – इलेक्ट्रॉनिक्स, क्लोदिंग, फुटवियर, ज्वेलरी, और ब्यूटी एवं पर्सनल केयर उत्पाद हैं।
होम एवं किचन की श्रेणी 2022 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाला ई कॉमर्स श्रेणी हैं, जिसने 29.3 बिलियन डॉलर अर्जित  किए । इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ों, जूते एवं ज्वेलरी में से प्रत्येक ने 17.1 बिलियन डॉलर अर्जित किए और क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर रहे।
4. खरीददारों में महिला एवं पुरुषों में फर्क
मुख्यतः युवा पुरुष विक्रेता – दुनिया में ई कॉमर्स विक्रेताओं में 64 प्रतिशत पुरुष और 32 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिनमें से ज्यादातर 25 से 44 साल के आयु समूह में हैं।
महिला खरीददारों ने पुरुष खरीददारों को पीछे छोड़ाः इलेक्ट्रॉनिक्स की श्रेणी में अधिकांश ऑनलाईन शॉपर्स (56 प्रतिशत) पुरुष होने के बाद भी क्लोदिंग एवं ज्वेलरी और ब्यूटी एवं पर्सनल केयर की श्रेणियों में क्रमशः 72 प्रतिशत और 80 प्रतिशत के साथ महिलाओं का वर्चस्व रहा।
विधि
ये आँकड़े उन विक्रेताओं पर आधारित हैं, जो सैलर ऐप प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं, जहाँ ईकॉमर्स सैलिंग और एमेज़ॉन के लिए ट्रेंड्स तैयार करने के लिए यूज़र के संपूर्ण सार्वजनिक आँकड़ों का उपयोग किया जाता है। कुछ विशेष आँकड़े सीमापार ई-कॉमर्स विक्रेताओं के सर्वे पर आधारित हैं। पूरी रिपोर्ट यहाँ पर पढ़ेंः

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