सहारनपुर के गांव झबीरन और बीराखेड़ी से हैं उप्र महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी नीशू और वर्णिका चौधरी

सहारनपुर…छोटे गांव की दो बेटियों का धमाल:सीनियर वूमेंस वनडे क्रिकेट टीम में मिली जगह, कर्नाटक के खिलाफ खेलेंगी

नीशू चौधरी का फाइल फोटो।

सहारनपुर20 अक्तूबर। सहारनपुर के एक गांव की दो बेटियों का यूपी की सीनियर वूमेंस वनडे क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। दोनों बेटियां नीशू चौधरी व वर्णिका चौधरी महाराष्ट्र के नागपुर में होने वाले वनडे मैच में उत्तर प्रदेश की ओर से कर्नाटक टीम के खिलाफ खेलेंगी। कुछ दिन पूर्व वर्णिका का चयन उत्तर प्रदेश अंडर-19 की टीम में भी हुआ था।

इनका चयन होने से खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। सहारनपुर डिस्ट्रिक क्रिकेट एसोसिएशन (एसडीसीए) के पदाधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

वर्णिका चौधरी का फाइल फोटो

31 अक्टूबर को नागपुर में खेलेंगी वनडे मैच बुधवार को एसडीसीए के सचिव लतीफ उर्रहमान ने बताया कि क्रिकेट के क्षेत्र में सहारनपुर को बड़ी सफलता हाथ लगी है। नीशू चौधरी व वर्णिका चौधरी का चयन उत्तर प्रदेश की सीनियर महिला वनडे क्रिकेट टीम के लिए हुआ है। सहारनपुर की दोनों बेटियां महाराष्ट्र के नागपुर में 31 अक्टूबर को होने वाले वनडे क्रिकेट मैच में यूपी की ओर से कर्नाटक के खिलाफ खेलेंगी।

नीशू पहले भी उत्तर प्रदेश रणजी टीम का हिस्सा रही

सहारनपुर के सरसावा के गांव झबीरन में किसान परिवार में पैदा हुई नीशू चौधरी पहले भी उत्तर प्रदेश रणजी टीम का हिस्सा रही हैं। उनके प्रदर्शन को देखते हुए फिर से टीम में जगह दी गई है। नीशू वर्तमान में रेलवे में तैनात हैं और कानपुर में खेल का अभ्यास करती हैं।

उत्तर प्रदेश अंडर-19 में उपकप्तान रही हैं वर्णिका

गंगोह के बीराखेड़ी में एक प्राइवेट स्कूल के टीचर राजपाल सिंह की दूसरे नंबर की बेटी वर्णिका चौधरी हैं। कम सुविधाओं में वर्णिका ने जी-तोड़ मेहनत कर उत्तर प्रदेश की सीनियर वूमेंस वनडे क्रिकेट टीम में सेलेक्ट हुईं। वर्णिका राइट हैंड बैट्समैन हैं। सितंबर में उनका सेलेक्शन उत्तर प्रदेश की अंडर-19 क्रिकेट टीम में उपकप्तान के रूप में हुआ था। कुछ ही दिनों में सीनियर वूमेंस वनडे क्रिकेट टीम में सेलेक्शन होने पर परिजनों के साथ-साथ ग्रामीणों में भी खुशी की लहर है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि पर सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के अमर गुप्ता, रवि सिंघल, योगेश गुप्ता, पुण्य गर्ग, राज कुमार राजू, अमित सेठी, पल्ली कालरा, परविंदर सिंह, साजिद उमर, राकेश शर्मा, सैयद मशकूर, सत्यम शर्मा, विक्की चौधरी, आमिर कुरैशी, रणधीर कपूर, राजीव गोयल, संजय, अर्जुन कुमार, रविश राठी व तनवीर आदि ने उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

पशुओं के बाड़े में लड़कों संग करती थीं क्रिकेट का अभ्यास, बनी T20 यूपी टीम की कप्तान,चुनौतियों ने रास्ता रोकने की कोशिश की लेकिन प्रतिभा के ‘बाउंसर’ से उसने हर मुश्किल को ‘क्लीन बोल्ड’ कर दिया।

मेधा के अंकुरण के लिए संसाधनों का होना आवश्यक नहीं..। यदि मन में विश्वास और इरादों में दृढ़ता हो तो चुनौतियों का फलक भी झुकने लगता है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के अति पिछड़े गांव झबीरण की बिटिया नीशु चौधरी ने इसे साबित भी किया है। उसने संसाधनों की कमी के बीच क्रिकेट के गुर सीखे, यहां तक कि पशुओं के बाड़े में लड़कों के साथ क्रिकेट का अभ्यास किया। चुनौतियों ने रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रतिभा के ‘बाउंसर’ से उसने हर मुश्किल को ‘क्लीन बोल्ड’ कर दिया। नेतृत्व क्षमता के कारण आलराउंडर नीशू को उत्तर प्रदेश की सीनियर महिला टी-20 क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया है।

पशुओं के बाड़े में क्रिकेट खेलना किया प्रारंभ

सहारनपुर के सरसावा कस्बे से लगा हुआ गांव है झबीरण। यहां के किसान हरवीर सिंह की पुत्री नीशु ने अपनी रुचि के मुताबिक बचपन में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। उन दिनों गांव में बेटियों का क्रिकेट खेलना किसी भी अजूबे से कम नहीं था। इसलिये नीशु चौधरी ने नेट लगाकर पशुओं के बाड़े में लड़कों संग क्रिकेट खेलना प्रारंभ किया। उनके चाचा सचिन कालियर ने प्रशिक्षण में उनकी मदद की। कुछ महीनों में गेंद और बल्ला नीशु के इशारे समझने लगे। वर्ष 2007 में शीलू की प्रतिभा के कारण उनका चयन अंडर 19 महिला क्रिकेट टीम में हो गया।

नीशु की मार्गदर्शक शिक्षिका राज सिंह विशेष योगदान

शीलू के प्रशिक्षक सचिन कालियर के अनुसार अपने प्रदर्शन के बलबूते शीलू अंडर 19-मध्य भारत की टीम का हिस्सा बन गईं। सन् 2010 में नीशु का चयन यूपी की सीनियर टीम में हुआ। सन् 2011 में नीशु इंडियन चैलेंजर की टीम इंडिया रेड का हिस्सा बनीं। सन् 2018 में इनका चयन इंडियन चैलेंजर की टीम इंडिया ग्रीन में हुआ। सन् 2018 में ही टीम इंडिया ए में चयनित होकर आस्ट्रेलिया की टीम के साथ अभ्यास मैच खेलने का अवसर मिला। हाल ही में इन्हें यूपी की सीनियर महिला टी-20 क्रिकेट टीम का कप्तान चुना गया। नीशु की सफलता में इनकी माता सविता सिंह तथा इनकी मार्गदर्शक शिक्षिका राज सिंह विशेष योगदान है। वर्तमान में नीशु भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं, तथा कानपुर में तैनात हैं।

आसान नहीं था यह मुकाम

नीशु के चाचा एवं प्रशिक्षक सचिन कालियर बताते हैं कि निशु को इस मुकाम तक पहुंचाना आसान नहीं था। गांव में इन बेटियों को क्रिकेट सिखाने की कोई व्यवस्था नहीं थी, तब गांव में ही हमने पिच बनाने का फैसला लिया, नेट खरीदकर लाए, इसमें प्रशिक्षण प्रारंभ कराया। पिच बनाने के लिये गांव में ही सीमेंट का रोलर तैयार किया, फील्ड के चारों तरफ लकड़ी की पट्टियों से मैदान की घेराबंदी की, ताकि गेंद किसी के लग न सके। अपने पैसों और संसाधनों से निशु यहां तक पहुंची। आज वह जो कुछ भी है, अपनी योग्यता के बलबूते है।

गर्व से चौड़ा है सीना

नीशु के किसान पिता हरवीर सिंह बेटी पर गर्व जताकर कहते हैं कि उनके गांव के आसपास भी क्रिकेट की कोई अकादमी नहीं थी। लड़कियों का क्रिकेट खेलना तो कोई सपने में नहीं सोच सकता था, तब उनकी बेटी बाड़े में लड़कों संग क्रिकेट खेलना शुरू किया, और आगे बढी, आज वह यूपी की मुख्य टीम की कप्तान है, यह देख उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।

 

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