तीन मंत्रियों समेत भाजपा के आठ सांसदों को बंगले खाली करने का नोटिस

BJP के 8 सांसदों को मिला नोटिस, कहा- 30 दिनों में खाली करो बंगला, जानें क्यों
Lok Sabha Awas Samiti Send Notice Vacate Bunglow Bjp Sansads: विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद लोकसभा सांसदों ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है. वहीं खबर है कि त्यागपत्र देने वाले सांसदों को बंगला खाली करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
दिल्ली में आवास समिति की ओर से इस्तीफा देने वाले सांसदों को बंगला खाली करने को कहा है.

नई दिल्ली आठ दिसंबर: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधायक का चुनाव जीतने के बाद संसद सदस्यता से त्यागपत्र देने वाले भाजपा सांसदों को दिल्ली के उनके सरकारी आवासों को खाली करने का नोटिस दे दिया गया है.
सूत्रों के अनुसार, भाजपा सांसद सी. आर. पाटिल की अध्यक्षता वाली लोक सभा की आवास समिति ने पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल और पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह सहित संसद से त्यागपत्र देने वाले सभी सांसदों को नियमों के अनुसार दिल्ली के सरकारी घर खाली करने का नोटिस दे दिया है.
लोकसभा की आवास समिति ने नियमों के अनुसार इन्हें 30 दिन के भीतर सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया है.तीनों पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के अलावा संसद सदस्यता से त्यागपत्र देने वाले राव उदय प्रताप,राकेश सिंह,रीति पाठक, राज्यवर्धन सिंह राठौड़,दीया कुमारी,महंत बालकनाथ,अरुण साव और गोमती साय को भी सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया गया है.
मालूम हो कि इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कल गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और रेणुका सिंह का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया. इन तीनों मंत्रियों ने हाल में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की थी. त्यागपत्र स्वीकारने के साथ ही राष्ट्रपति मुर्मू ने जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा को कृषि मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया.
उल्लेखनीय है कि देश की राजधानी दिल्ली के लुटियन जोन में सांसदों,केंद्रीय मंत्रियों, राज्य मंत्रियों को टाइप 6 से टाइप 8 तक के सरकारी बंगले अलॉट किए जाते हैं.किस सांसद को किस टाइप का बंगला मिलेगा यह उसकी वरिष्ठता पर निर्भर है. नियम यह है कि अगर कोई सांसद त्यागपत्र दे देते हैं तो उन्हें नोटिस मिलने के बाद 30 दिनों में बंगला खाली करना होता है.हालांकि 30 दिन के नोटिस के बाद भी कुछ समय तक संबंधित सांसद उस बंगले में रह सकते हैं लेकिन इसको उन्हें बाजार मूल्य की दर से किराए का भुगतान करना होता है.

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