जींस पहनने पर परिजनों ने कर दी युवती की हत्या,पुल पर लटके शव ने खोल दी पोल

चार घंटे तक पुल से लटकता रहा शव: मां की पिटाई देख बचाने गई बेटी को चाचा ने मार डाला, बचने के लिए पुल से फेंका

शव को ठिकाने लगाने के लिए पुल से फेंका, रेलिंग से चार घंटे तक लटका रहा शव, पुलिस ने वाहन चालक सहित आरोपित को लिया हिरासत में।

पुल से लटकता किशोरी का शव।

देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पारिवारिक विवाद में पिट रही मां को बचाने गई बेटी को चाचा ने इस कदर पीटा कि वह मरणासन्न हो गई। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। खुद को बचाने के लिए उसने टेंपो में शव रखकर तरकुलवा थाना क्षेत्र के देवरिया-कसया मार्ग पर पटना पुल से गंडक नदी में फेंकने की कोशिश की। लेकिन, शव लोहे के पुल की रेलिंग में फंस गया। करीब चार घंटे तक किशोरी का शव पुल से लटका रहा।

लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने शक के आधार पर वाहन चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो किशोरी के चाचा और चाची की करतूत का पर्दाफाश हो गया।

ये है पूरा मामला

सोमवार की शाम करीब सात बजे महुआडीह गांव निवासी अमर नाथ की पत्नी शकुंतला देवी की उसके देवर अरविंद ने पिटाई कर दी। बीच बचाव करने पहुंची बेटी नेहा (16 वर्ष) ने चाचा को थप्पड़ जड़ दिया। इसको लेकर गुस्साए चाचा ने नेहा को डंडे से पीट दिया और गला दबा दिया। वह अचेत हो गई।

अरविंद ने रात में करीब नौ बजे टेंपो से नेहा को लेकर जिला अस्पताल के लिए निकला लेकिन, किशोरी की मां शकुंतला को साथ नहीं ले गया। महुआडीह थाना क्षेत्र के पांडेय चक के पास किशोरी ने दम तोड़ दिया। चाचा और चाची शव को लेकर पटनवा पुल पहुंचे और शव को गंडक नदी में फेंककर भाग गए लेकिन शव पुल की रेलिंग में फंस गया और मंगलवार की सुबह करीब चार घंटे तक झूलता रहा।

घटना की जानकारी होने पर आसपास लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर श्रीपति मिश्र, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर श्रीयश त्रिपाठी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। दूसरी ओर, बेटी का शव मिलने की खबर पर मां ने देवर सहित अन्य के खिलाफ महुआडीह थाने में लिखित शिकायत दी । पुलिस ने वाहन चालक सहित आरोपित को हिरासत में ले लिया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।

एसपी डॉक्टर श्रीपति मिश्र ने कहा कि किशोरी के चाचा ने किशोरी से मारपीट की। उसकी हालत खराब होने पर जिला अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ते में मौत होने पर उसे पटनवा पुल थाना रामपुर कारखाना से नदी में फेंकना चाहा लेकिन, शव पुल की रेलिंग में फंस गया। सुबह शव पाए जाने पर रामपुर कारखाना थाने में केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

किशोरी के जींस पहनने पर पहले भी हो चुका था परिवार में विवाद
दादा व चाचा पहले भी करते थे एतराज पिता पंजाब में श्रमिक हैं।

आज भी लोगों की बेटा व बेटी के पहनाने व पढ़ाई लिखाई पर दो नजरिया है। महुआडीह थाना क्षेत्र के सवरेजी खर्ग गांव की घटना इसका जीता-जागता उदाहरण है। किशोरी की मात्र इसलिए चाचा, दादा व परिवार के अन्य लोगों ने हत्या कर दी कि वह उनके एतराज के बाद भी जींस पैंट पहनने से परहेज नहीं कर रही थी। घटना के बाद तरह-तरह की बातें कही जाने लगी है।

गांव के अमरनाथ पासवान चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके बाद भाई ब्यास, अरविद व सत्येंद्र हैं। अमरनाथ का परिवार भाइयों से अलग रहता है। अमरनाथ इन दिनों लुधियाना में किसी प्राइवेट कंपनी में श्रमिक हैं। अमरनाथ को दो बेटे व दो बेटियां थीं। जिसमें सबसे बड़ी निशा, उसके बाद बेटा विशाल, बेटी नेहा व सबसे छोटा विवेक है। अपने बच्चों की परवरिश पर उनका विशेष ध्यान रहा है। बड़ी बेटी निशा बीए कर चुकी है, जबकि छोटी बेटी नेहा कक्षा नौ की छात्रा थी। नेहा पढ़ने के साथ ही कपड़ों की भी शौकीन थी। जींस पैंट व टी-शर्ट भी पहनती थी। जिसका चाचा, दादा व चाची भी विरोध करती थीं। कई बार इसको लेकर कहासुनी भी हुई। हर बार बातचीत कर मामले को शांत करा दिया जाता।

ढ़ें़े़ें़़ें़े़ें़़ें़

सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस

पटनवा पुल दो थाना क्षेत्रों में पड़ता है। सुबह में ही लोगों ने किशोरी का शव पुल से लटके हुए देख लिया। किशोरी के शव लटने की सूचना पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। आसपास के लोग पहुंचे और शव की शिनाख्त करने में जुट गए। कपड़ा हटने से कुछ हिस्सा नग्न भी हो चुका था। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। तीन घंटे तक पुलिस यह तय करने में जुटी रही कि वह क्षेत्र किसका है। बाद में अधिकारियों के पहुंचने के बाद तरकुलवा, रामपुर कारखाना पुलिस भी पहुंची और शव को तरकुलवा पुलिस ने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम को भेज दिया। पुलिस की लापरवाही को लेकर तरह-तरह की बातें कही जा रही है। चाचा व दादा का हाथ जोड़ती रह गई बहन निशा

मृतका की सबसे बड़ी बहन निशा जब नेहा की चाचा व दादा पिटाई करने लगे और गला दबाने लगे तो वह विरोध करने लगी। साथ ही अपनी मां को भी बुला लिया। आरोपित ने दोनों को धक्का देकर गिरा दिया। जब नेहा को आटो में रखने लगे तो भी निशा ने विरोध जताया। लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गई। शव फेंकने के बाद चाचा व अन्य लोग घर पहुंचे तो बहन के बारे में निशा पूछने गई तो आरोपित कुछ भी बताने की बजाय अपशब्द बोल कर भगा दिए।

आटो चालक खुद पहुंचा पुलिस के पास, उगला राज

जब शव की पहचान कर पुलिस गांव में पहुंची तो आटो चालक खुद पुलिस के पास पहुंच गया और पूरी बात बता दिया। उसने बताया कि वह अपनी मां के साथ मछली बेचकर लौट रहा था। दरवाजे से गुजरते समय आरोपितों ने उसे रोक लिया और नेहा को अस्पताल पहुंचाने की बात कही। जिस पर आटो चालक आरोपितों की बात मान लिया और नेहा को लेकर जिला अस्पताल के लिए चल दिया। पांडेयचक चौराहे पर आटो पहुंचने के बाद आरोपित अस्पताल की बजाय पटनवा पुल लेकर चलने की बात कहने लगे। आटो चालक ने विरोध जताया तो आरोपितों ने उसकी भी पिटाई करने की धमकी दी। जिसके बाद आटो चालक पुल पर आटो ले गया। चाचा समेत तीन लोगों ने शव को पुल से फेंक दिए और आटो से ही घर पहुंच गए। दादा, दादी समेत नौ के खिलाफ हत्या का मुकदमा

सिर पर चोट से मौत की पुष्टि

नेहा हत्या कांड के मामले में मंगलवार की रात आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नेहा की मौत सिर पर चोट लगने के कारण होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मृतका की मां शकुंतला देवी की लिखित शिकायत पर मृतका की दादी भगना देवी, दादा परमहंस, चाचा अरविद, व्यास, चाची गुड्डी देवी (पत्नी ब्यास), पूजा देवी (पत्नी अरविद), आटो चालक हसनैन, गांव के राहुल व पन्नेलाल के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छुपाने का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर श्रीयश त्रिपाठी ने कहा कि नौ लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *