भाजपा पसमांदा मुस्लिम दांव,उप्र के तारीक मंसूर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,अब्दुल्ला कुट्टी पूर्व से टीम में

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भाजपा की नई टीम में दो मुस्लिम चेहरों को मौका, 2024 के लिए क्या बदल रहा पार्टी का प्लान

लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की नई टीम की घोषणा कर दी गई है। भाजपा राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची शनिवार जारी की गई। सूची देखकर लगता है कि पार्टी का फोकस चुनावी राज्यों और उत्तर प्रदेश पर अधिक है। सूची में कुछ नए चेहरे भी हैं जिनकी चर्चा भी खूब हो रही है।

मुख्य बिंदु 
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भाजपा की नई टीम की घोषणा
केरल के अब्दुल्ला कुट्टी और उत्तर प्रदेश से तारिक मंसूर को जगह
इस बार भाजपा अधिक मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतार सकती है

नई दिल्ली 30 जुलाई: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भाजपा की नई टीम की घोषणा शनिवार को हुई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से जिस टीम की घोषणा की गई उसमें 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महामंत्री, एक राष्ट्रीय महामंत्री संगठन, एक राष्ट्रीय सह संगठन, कोषाध्यक्ष और सह कोषाध्यक्ष और 13 राष्ट्रीय सचिव के नामों का ऐलान किया गया। नड्डा की टीम में चुनावी राज्य साधने की कोशिश की गई है। नई टीम में सबसे अधिक चर्चा उत्तर प्रदेश से आने वाले तारिक मंसूर की  है जिन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही केरल से आने वाले अब्दुल्ला कुट्टी को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। हालांकि अब्दुल्ला कुट्टी पहले से ही इस पद पर थे। 2024 के चुनाव से पहले पार्टी की ओर से यह संकेत है कि आने वाले चुनाव में भाजपा इस बार कुछ अलग करने वाली है। पसमांदा मुसलमानों तक पार्टी अपनी पहुंच बनाने में जुटी है। नई टीम में जगह पाए तारिक मंसूर भी पसमांदा मुसलमान हैं। पिछले दिनों जब यह चर्चा हुई कि इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा अधिक मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतार सकती है तो क्या यह उस ओर संकेत है?

तारिक मंसूर को मिली जगह, नई चर्चा शुरू

अब्दुल्ला कुट्टी शुरू से भाजपा में नहीं रहे। पहले वामदल और फिर कांग्रेस में रहे लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ के बाद दोनों जगहों से उन्हें निष्कासित कर दिया गया। जून 2019 में वह भाजपा में शामिल हुए। उन्हें पहले केरल भाजपा का उपाध्यक्ष बनाया गया उसके बाद 2020 में कुट्टी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। पार्टी की ओर से एक बार फिर उन पर भरोसा जताया गया है। भाजपा की नई टीम में पार्टी के मुस्लिम चेहरा तारिक मंसूर को जगह मिली है। फिलहाल वह भाजपा के विधान परिषद के सदस्य हैं। वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति भी रह चुके हैं। तारिक मंसूर पसमांदा मुसलमान हैं। भाजपा के साथ ही देश के प्रधानमंत्री भी पसमांदा मुसलमानों का जिक्र कर चुके हैं.

उप्र वाला प्रयोग दूसरी जगहों पर भी

पसमांदा मुसलमानों को लेकर भाजपा काफी समय से रणनीति तैयार कर रही है। उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में भाजपा ने एक प्रयोग किया था जो सफल भी रहा। उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में पहली बार सबसे अधिक मुस्लिम प्रत्याशियों को भाजपा ने टिकट दिया। 400 के करीब मुस्लिम प्रत्याशियों में से 60 से अधिक चुनाव जीत गए। कुछ समय पहले रामपुर की स्वार सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारा जिसकी जीत हुई। पसमांदा समुदाय से आने वाले दानिश अंसारी को उत्तर प्रदेश में मंत्री बनाया गया। पसमांदा मुसलमानों को लेकर जो तैयारी चल रही थी उस फॉर्मूले का उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में टेस्ट था और एक कदम आगे बढ़कर पार्टी इसे लोकसभा चुनाव में भी आजमा सकती है।

उत्तर प्रदेश क्या इस बार अधिक मुस्लिम प्रत्याशी उतारेगी मैदान में?

भाजपा ने साल 2014 और 2019 के आम चुनाव में शानदार जीत हासिल की। मोदी के नेतृत्व में  सीटों का आंकड़ा 300 के पार भी पहुंचा हालांकि इनमें भाजपा का कोई मुस्लिम प्रत्याशी जीतकर संसद नहीं पहुंचा। 2014 में भाजपा ने सात मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। वे सभी हार गए, जिसमें शाहनवाज हुसैन भी थे। वहीं 2019 में भगवा पार्टी ने छह मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था जम्मू- कश्मीर में तीन, पश्चिम बंगाल में दो और लक्षद्वीप में एक लेकिन फिर से उनमें से कोई भी सीट जीतने में कामयाब नहीं हुआ। 2009 में भाजपा ने 4 मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे और उसमें सिर्फ शाहनवाज हुसैन ही जीत पाए। इस बार देखना होगा पार्टी कितने मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारती है।

इस बार पार्टी की है कुछ अलग रणनीति

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भाजपा अलग-अलग रणनीति पर काम कर रही है। इस बार माना जा रहा है कि भाजपा पहले के मुकाबले अधिक मुस्लिम प्रत्याशी लोकसभा चुनाव में उतार सकती है। हाल ही में पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा का कहना था कि करीब 66 सीटें हैं जहां पार्टी मुस्लिम उम्मीदवारों को उतार सकती है। अभी चुनाव में वक्त है लेकिन भाजपा की नई टीम से संकेत मिलते हैं कि पार्टी इस चुनाव में कुछ अलग करने वाली है।

कांग्रेस से आए एंटनी के बेटे को बड़ी जिम्मेदारी

जेपी नड्डा की नई टीम में वसुंधरा राजे, रमन सिंह और कैलाश विजयवर्गीय सहित 38 नेताओं को जगह मिली है. इस लिस्ट में खास बात यह है कि हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में आए अनिल एंटनी को भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. अनिल पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के बेटे हैं.

इन्हें बनाया गया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधायक रमन सिंह, सांसद सरोज पांडेय और लता उसेंडी, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधायक वसुंधरा राजे, झारखंड से रघुवर दास, मध्य प्रदेश से सौदान सिंह, उत्तर प्रदेश से सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी, सांसद रेखा वर्मा और विधान परिषद सदस्य तारिक मंसूर, ओडिशा से बैजयंत पांडा, तेलंगाना से डीके अरुणा, नगालैंड से एम चौबा एओ और केरल से अब्दुल्ला कुट्टी.

 

इन्हें बनाया राष्ट्रीय महामंत्री

उत्तर प्रदेश से सांसद अरुण सिंह, सांसद राधामोहन अग्रवाल, मध्य प्रदेश से कैलाश विजयवर्गीय, दिल्ली से दुष्यंत कुमार गौतम, राजस्थान से सुनील बंसल, महाराष्ट्र से विनोद तावड़े, पंजाब से तरुण चुग, तेलंगाना से सांसद संजय बंदी. वहीं, बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री संगठन और शिवप्रकाश को राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री बनाया गया है.

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