बच्ची से गैंगरेप में हाईकोर्ट ने समझौता किया निरस्त,चाचा सलीम को जेल

पॉक्सो के मामले में हाईकोर्ट ने रद्द किया समझौता, आरोपित को भेजा जेल, जानें क्या है मामला

Nainital हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने पॉक्सो एक्ट में आपसी समझौते को निरस्त करते हुए आरोपित को कोर्ट से जेल भेज दिया। साथ ही थानेदार रुद्रपुर को पीड़िता व उसकी माता को पुलिस सुरक्षा देने के निर्देश एसएचओ रुद्रपुर को दिए।

नैनीताल 02 फरवरी: हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने पॉक्सो एक्ट में आपसी समझौते को निरस्त करते हुए आरोपित को कोर्ट से जेल भेज दिया। साथ ही स्टेशन हाऊस आफिसर  रुद्रपुर को पीड़िता व उसकी माता को पुलिस सुरक्षा देने के निर्देश रुद्रपुर के थानेदार को दिए।

ये था मामला

मामले के अनुसार रुद्रपुर की पीड़िता ने रुद्रपुर थाने में 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराकर कहा था कि उसके पिता की दो शादियां हैं। पिता किसी अन्य केस के चलते जेल में हैं, जब वह 9 साल की थी, तब उसके साथ पिता व चाचा ने दुष्कर्म किया। उसके चाचा सलीम सलमानी बार-बार उन्हें समझौते के लिए दबाव डाल रहे हैं। अपनी जान माल की डर से वे बड़ी मुश्किल से समझौते लिए तैयार हुए। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323,504,506,376 व पॉक्सो एक्ट की धारा 5,6,9,10 में मुकदमा ।

हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में दायर समझौता याचिका को खारिज कर पीड़िता के आरोपित चाचा को कोर्ट से ही जेल भेज दिया। साथ ही, रुद्रपुर के एसएचओ को निर्देश दिए कि पीड़िता और उसकी मां कोे सुरक्षा दें।

न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार पीड़िता ने पिछले साल रुद्रपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि उसके पिता की दो शादियां हैंं। उसके पिता किसी अन्य केस में सजा काट रहे हैं। पीडि़ता ने कोर्ट के समक्ष पेश होकर कहा कि जब वह नौ वर्ष की थी तो उसके साथ उसके पिता व चाचा ने दुष्कर्म किया था। उसका कहना था कि अब दोनों पक्ष समझौता करना चाहते हैं क्योंकि वह जयपुर में पढ़ाई करती है और बयान देने के लिए उसे पढ़ाई छोडकर रुद्रपुर आना पड़ता है। इससे उसकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। पीड़िता ने कहा कि उसको और उसकी मां को जान का खतरा भी है। इसके बाद कोर्ट ने पीड़िता के बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लेने के निर्देश देते हुए समझौता याचिका को निरस्त कर दिया और आरोपित चाचा को कोर्ट से ही जेल भेज दिया।

 

पीड़िता व उसकी मां काे पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश

बुधवार को एकलपीठ में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कहा कि उन्हें और उनकी माता को जानमाल का खतरा है। कोर्ट ने इस बात का संज्ञान लेकर याचिका को निरस्त करते हुए आरोपित चाचा को जेल भेज दिया। साथ ही पीड़िता व उसकी मां काे सुरक्षा देने का निर्देश दिया है।

 

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