बारामूला एनकाउंटर में आर्मी डॉग एक्सल को आतंकियों ने मारी तीन गोलियां, बलिदान

बारामुला एनकाउंटर में बलिदान हुआ 2 साल का ‘एक्सल’, बहादुरी देख सेना ने दी श्रद्धांजलि: आतंकियों को पकड़वाने में थी खास भूमिका

एक्सल, सेना का खोजी कुत्ता, श्रद्धांजलि समारोह आयोजित

आतंकियों की गोली लगने के कारण बलिदान हुए एक्सल को सेना ने दी श्रद्धांजलि

श्रीनगर 31 जुलाई। जम्मू-कश्मीर के बारामुला में शनिवार (30 जुलाई 2022) को आतंकियों को पकड़ने के ऑपरेशन में भारतीय सेना के खोजी कुत्ते ‘एक्सल (Axel)’ की मृत्यु हो गई। एक्सल की तैनाती 29 राष्ट्रीय रायफल में थी। शनिवार को आतंकियों ने उनके सिर पर गोली मारी।

पोस्टमार्टम में सामने आया कि एक्सल के शरीर पर दस से अधिक चोटें थी और फीमर का फ्रैक्चर भी था। सेना में दिए गए उनके योगदान को देखते हुए उनके सम्मान में फोर्स कमांडर द्वारा रविवार को श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया।

बता दें कि बारामुला ऑपरेशन के दौरान एक्सल की भूमिका काफी अहम रही। सेना ने आतंकियों का पता लगाने के लिए उन्हें ही ठिकाने में अंदर भेजा था। खबरों की मानें तो एक्सल को आता देख कई आतंकी भागने लगे थे, जिसके बाद सेना उनके ऊपर आसानी से निशाना साध पाई। लेकिन इसी सब के बीच उन आतंकियों ने एक्सल पर गोली दाग दी। वह बुरी तरह घायल हो गए और अपने जीवन का बलिदान देकर कई सुरक्षाबल जवानों की जान बचाई। इस मुठभेड़ में एक्सल के अलावा तीन जवान भी घायल बताए जा रहे हैं जबकि एक आतंकी अख्तर हुसैन भट्ट को ढेर किए जाने की खबर हैं।

मात्र 2 साल का था एक्सल

 

मालूम हो कि आतंकियों के विरुद्ध चलाए गए सेना के अभियान में मुख्य भूमिका अदा करने वाला ‘एक्सल’ मात्र दो साल के थे। उनका रंग हल्का भूरा था और ब्रीड बेल्जियन मैलिनोइस थी। वह 26 आर्मी डॉग यूनिट का हिस्सा थे और 29 राष्ट्रीय रायफल में उनकी तैनाती हुई थी।

सेना के अधिकारियों ने ऑपरेशन के दौरान एक्सल की भूमिका बयां करते हुए कहा कि एक बिल्डिंग क्लीयरेंस ऑपरेशन के दौरान शुरू में सेना के एक दूसरे डॉग ‘बालाजी’ को बिल्डिंग इंटरवेंशन के लिए भेजा गया और कॉरिडोर को अंदर से सैनिटाइज किया गया। इसके बाद ‘एक्सल’ को तैनात किया गया।

सेना अधिकारियों के मुताबिक, ‘एक्सल’ पहले कमरे में गए, तो उस कमरे को क्लीयर किया गया। मगर,दूसरे कमरे में घुसते ही ‘एक्सल पर फायरिंग कर दी गई। गोली लगने के बाद भी ‘एक्सल’ ने 15 सेकंड के लिए कुछ हलचल दिखाई, पर इसके बाद वह गिर गए। सुरक्षाबल के जवान जब तक उन्हें अस्पताल ले जाते, तब तक वह दम तोड़ चुके थे।

5 घंटे चली इस मुठभेड़ के बाद एक्सल के शव को बरामद किया गया। सामने आई वीडियो में देख सकते हैं कि सुरक्षाबल का जवान कहता नजर आ रहा है कि एक्सल को तीन गोली लगी।

 

Major Surendra Poonia (@MajorPoonia) tweeted at 9:35 AM on Sun, Jul 31, 2022:
Indian Army’s sniffer dog Axel laid down his life in the line of duty during an operation against Jihadi terrorists in Baramulla, of Jammu Kashmir. Axel was hit by the 3 bullets fired by the terrorists.
Tribute & Salute to Warrior 🌺🙏 https://t.co/SvZMAQ39q9
(https://twitter.com/MajorPoonia/status/1553592562186846209?t=SEjJ-02simVMQFEqn_JH4Q&s=03)

 

वहीं सोशल मीडिया यूजर्स भी इस वीडियो को देख भावुक हो रहे हैं। उन्होंने भी एक्सल को श्रद्धांजलि दी है।

 

Jammu Kashmir Encounter :बारामुला में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को किया ढेर, ऑपरेशन में तीन जवान भी जख्मी

बारामुला जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक आतंकी को ढेर कर दिया है। अभी कई आतंकी घिरे हैं। पुलिस और सुरक्षा बल संयुक्त रूप से ऑपरेशन में लगे हैं। दोनों तरफ से रुक-रुककर गोलीबारी हो रही है।

Baramulla Encounter

बारामुला में शनिवार को हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को मार गिराया। मुठभेड़ में सेना के दो जवान और एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। ऑपरेशन के दौरान एक खोजी कुत्ते की मौत हुई है। मुठभेड़ स्थल पर भारी मात्रा में हथियार और असलहा बरामद किया गया है।

शनिवार तड़के बारामुला जिले के वानीगाम बाला में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर सेना, पुलिस और एसओजी के जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एक मकान में छिपे दहशतगर्दों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी।

इसमें सेना के दो और पुलिस का एक जवान घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी ढेर दिया। रिहाइशी इलाका होने के चलते सुरक्षा बलों ने संयम बरतते हुए ऑपरेशन को अंजाम दिया। बारामुला के एसएसपी रईस मोहम्मद भट के अनुसार मारे गए आतंकी की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।

मुठभेड़ स्थल से एक एके47 राइफल, तीन मैगजीन और एक पाउच के अलावा अन्य हथियार व असलहा मिला है। फिलहाल ऑपरेशन बंद कर दिया गया है।

मस्जिद व रिहायशी इलाके को नहीं होने दिया नुकसान

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ स्थल के पास मस्जिद शरीफ और रिहायशी इलाका होने के चलते सेना व पुलिस ने संयम बरतते हुए विस्फोटकों का न्यूनतम उपयोग किया। इसमें बड़े हथियारों व असलहे का इस्तेमाल नहीं किया गया। अधिकारी ने बताया कि अमूमन मुठभेड़ के दौरान आईईडी और एमएलजी आदि का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन मस्जिद और रिहायशी इलाके में नुकसान को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए।

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