एक और कोरोना पॉजिटिव वृद्ध की मौत, सैंपलिंग बढ़ी, परिणाम को प्रतीक्षा भी

Update: उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीज की इलाज के दौरान मौत
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित एक मरीज की इलाज के दौरान दून अस्पताल में मौत हो गई। …

देहरादून। कोरोना की दृष्टि से उत्तराखंड के लिए संतोषजनक खबर है। प्रदेश के दो पर्वतीय जिले रुद्रप्रयाग व टिहरी कोरोना के सभी मरीज स्वस्थ हो गए। इनमें अब कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं है। अगले 28 दिन तक यहां कोई नया केस नहीं आता है तो दोनों ही जिले कोरोना मुक्त की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे। सुखद पहलू यह कि चमोली,चंपावत, पौड़ी गढ़वाल व पिथौरागढ़ में भी भर्ती मरीजों की संख्या दहाई के अंक से नीचे है।
Coronavirus: जांच लैब बढ़ने पर भी सैंपलिंग में न आई तेजी,6000 तक वेटिंग प्रदेश में औसतन प्रतिदिन जांच को जा रहे 1200 सैंपल
उत्तराखंड सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी कोरोना सैंपलों की जांच में तेजी नहीं आई है। हालांकि प्रदेश सरकार ने सैंपलों की जांच के लिए लैबों की संख्या बढ़ाई है लेकिन प्रतिदिन हजार से 1200 सैंपलों की जांच हो रही है। ऐसे में सैंपलों की वेटिंग छह हजार से अधिक हो गई है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। शुरूआत में कोरोना सैंपल की जांच के लिए कोई सुविधा नहीं थी। वर्तमान में पांच सरकारी और दो निजी लैब में कोविड सैंपलों की जांच हो रही है। वहीं एनसीडीसी दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ भी सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर रिपोर्ट के अनुसार 21 से 27 जून तक 10277 सैंपलों की जांच की गई है। वहीं 28 जून से चार जुलाई तक 10185 सैंपल की जांच की गई। सरकार का दावा है कि सभी जिलों को सैंपल जांच के लिए ट्रूू नेट मशीनें और तीन मेडिकल कॉलेजों में स्थापित लैब की क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक मशीनों और उपकरणों की खरीद के लिए 11.25 करोड़ की राशि जारी की गई है।
एक जुुलाई के बाद प्रदेश में सैंपलिंग जांच की स्थिति
प्रभारी सचिव डॉक्टर पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि प्रदेश में पहले की तुलना में सैंपलिंग बढ़ी है। इसमें और तेजी लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में स्थापित लैब के अलावा बाहरी राज्यों से भी सैंपल जांच कराए जा रहे हैं।

तारीख जांच को भेजे सैंपल टेस्टिंग सैंपल की रिपोर्ट
एक जुलाई 951 1488
दो जुलाई 1143 1205
तीन जुलाई 1224 1342
चार जुलाई 1021 2461
पांच जुलाई 838 1606
कोरोना संक्रमित मरीज की मौत

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बिजनौर के नजीबाबाद निवासी एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई है। वह कोरोना संक्रमित थे और विगत 24 जून से अस्पताल में भर्ती थे। दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉक्टर एनएस खत्री ने बताया कि वृद्ध को सांस,बीपी और फेफड़ों संबंधी बीमारी थी। उन्हें आइसीयू में रख उपचार किया जा रहा था। उनकी तबीयत मैं सुधार नहीं हुआ सोमवार रात करीब 1:00 बजे उनका निधन हो गया। जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से वृद्ध के शव का अंतिम संस्कार कराया जा रहा है।

एक व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) ऋषिकेश में पिछले 24 घंटे में एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमित मरीज देहरादून का रहने वाला है। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि संस्थान में की गई सैंपलिंग में देहरादून निवासी एक शख्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने बताया कि शिमला बाइपास रोड,देहरादून निवासी एक 65 वर्षीय पुरुष,जो गत चार जुलाई को एम्स की कोविड स्क्रीनिंग ओपीडी में छाती में दर्द की शिकायत लेकर आए थे। चिकित्सकों ने सैंपल ले उन्हें एम्स के आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस व्यक्ति की रिपोर्ट सोमवार देरशाम पॉजिटिव आई है। इसके बाद उन्हें आइसोलेशन वॉर्ड से एम्स कोविड वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में संस्थान की ओर से स्टेट सर्विलांस ऑफिसर को सूचित कर दिया गया है।
काशीपुर में कोरोना ‘विस्फोट’, एक दिन में मिले 17 पॉज़िटिव
प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रहा है. काशीपुर में भी एक साथ 17 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं. जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. काशीपुर में आज का यह आंकड़ा एक दिन में सर्वाधिक है. वहीं, अब काशीपुर में कोरोना संक्रमितों का आकंड़ा शतक पार कर चुका है. खास बात ये है कि आज आए पॉजिटिव केसों में कई ऐसे हैं, जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है. जिस वजह से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. वहीं, सभी मरीजों को रुद्रपुर स्थित कोविड केयर सेंटर भेज दिया गया है.नोडल स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अमरजीत साहनी ने बताया कि दो मामले आवास विकास कॉलोनी का है. जहां 34 और 24 साल के दो लोगों को खांसी-जुकाम की शिकायत थी जिसके बाद दोनों एक क्लीनिक में इलाज करा रहे थे. इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे. जो पॉजिटिव आए हैं।वहीं, कविनगर के एक ही परिवार के छह लोग भी कोरोना पॉजिटिव आए हैं. इनमें 63 वर्षीय वृद्धा समेत एक ढाई साल का बच्चा भी शामिल है. यह सभी लोग एक कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए थे. जबकि, कुंडेश्वरी के 64 वर्षीय वृद्ध की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है. वो भी एक क्लीनिक में दिखाने आए थे.मोहल्ला गंज की एक 26 वर्षीया महिला एक निजी क्लीनिक में अपना इलाज करवा रही थी. जिसकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव निकली है. वहीं, वैशाली कालोनी निवासी 35 वर्षीय युवक के अलावा 41 वर्षीय महिला और उसकी 15 साल की बेटी और 11 साल का बेटा भी कोरोना संक्रमित निकले हैं. कुंडेश्वरी की 40 साल की महिला और हेमपुर इस्माइल के 30 और 36 साल के युवक भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. एक युवक बीते 30 जून को मुरादाबाद से लौटा था.
प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल 3161 मामले आए हैं। जिनमें से 2586 यानि 81.81 प्रतिशत स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश में 505 एक्टिव केस हैं। यहां गौर करने वाली बात यह है कि एक्टिव केस की तुलना में पांच गुणा मरीज अब तक ठीक हो गए हैं। कोरोना पॉजिटिव 28 मरीज राज्य से बाहर चले गए हैं,जबकि 42 की मौत हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1361 सैंपल की ताजा जांच रिपोर्ट मिली है जिनमें 1324 की रिपोर्ट निगेटिव व 37 केस पॉजिटिव हैं। ऊधमसिंहनगर में सर्वाधिक 20 मामले आए हैं जिनमें एक स्वास्थ्य कर्मी व तीन पूर्व संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोग हैं। इसके अलावा रामपुर से लौटे चार, मुरादाबाद व मुंबई से लौटे दो-दो और आंध्र प्रदेश के सिकंदराबाद,उत्तर प्रदेश के सीतापुर,नहटौर दिल्ली,गुरुग्राम से लौटे एक-एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव है।
हरिद्वार में पांच नए मामले आए हैं। जबकि तीन की ट्रेवल हिस्ट्री अभी पता नहीं लग पाई है। सोमवार को जितने नए मामले आए उसके डेढ़ गुणा यानि 62 लोग स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। इनमें देहरादून से 15,नैनीताल से 13, हरिद्वार से सात, बागेश्वर से छह, रूद्रप्रयाग, पौड़ी व चमोली से पांच-पांच और पिथौरागढ़, चंपावत व टिहरी से दो-दो मरीज डिस्चार्ज हुए हैं।

कोरोना से वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी की मौत

वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी 53 वर्षीय नंदन सिंह रावत व 86 वर्षीय सरोजनी देवी का निधन हो गया है। राज्य आंदोलनकारी मंच से जुड़े राज्य आंदोलनकारियों ने इनके निधन पर शोक जताया है। मंच के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने बताया कि वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी नंदन सिंह रावत कोरोना से संक्रमित थे। उन्हें दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
वह मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के पत्थर कोट गांव निवासी थे। पिछले लंबे समय से वह दिल्ली के करमपुरा इलाके में रहते थे। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के बोध गया घाट पर किया गया। वहीं,वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी सरोजनी देवी पिछले लंबे समय से बीमार चल रही थी।
उनके पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया गया। कहा कि पृथक राज्य आंदोलन के दौरान इन दोनों आंदोलनकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राज्य आंदोलन के दौरान नंदन सिंह रावत जेल भी गये थे। वह राज्य चिह्नित आंदोलनकारी समिति के संरक्षक भी थे। श्रद्धांजलि देने वालों में जगमोहन सिंह नेगी,ओमी उनियाल, रामलाल खंडूड़ी,अशोक वर्मा,केशव उनियाल,जगमोहन रावत, वीरेन्द्र गुसाईं,मोहन खत्री,प्रभात डंडरियाल,गणेश डंगवाल, जयदीप सकलानी,विनोद असवाल,जीतपाल आदि राज्य आंदोलनकारी शामिल रहे।

मर्चेंट नेवी में कार्यरत युवक समेत चार संक्रमित

सोमवार का दिन दून के लिए भी सुकूनभरा रहा। यहां कोरोना के केवल चार नए मामले सामने आए हैं। इनमें एक मर्चेंट नेवी में कार्यरत युवक भी शामिल है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीसी रमोला ने बताया कि पटेलनगर इलाके में मर्चेंट नेवी में काम करने वाला एक युवक घर पर छुट्टी आया था। उसे वापस ज्वाइन करना है। जिससे पहले उसने अपनी जांच कराई थी। जिसमें वह पॉजिटिव पाए गए हैं।
मसूरी के एक व्यक्ति की रिपेार्ट भी पॉजिटिव आई है। इसके अलावा दो अन्य लोगों में कोरोना संक्रमण पाया गया है। बता दें, जनपद देहरादून में अब तक कोरोना के 758 मामले आए हैं। जिनमें 603 लोग ठीक हो गए हैं। वर्तमान में 111 मरीज अलग-अलग अस्पतालों व कोविड-केयर सेंटरों में भर्ती हैं। कोरोना संक्रमित 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 19 लोग राज्य से बाहर चले गए हैं।

सेना के जवानों का होगा रैपिड टेस्ट

सेना में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद अब जवानों की रैपिड जांच कराने का फैसला लिया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की ओर से सेना अस्पताल को 100 रैपिड एंटीजन किट दी गई हैं। इसके अलावा गर्भवतियों की भी ये जांच की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीसी रमोला ने बताया कि महानिदेशालय से दो हजार रैपिड एंटीजन किट मिल गई है। जिसमें रिजल्ट 15 से 30 मिनट में आ जाता है।
सेना को किट दी गई है। उनका कहना है कि जहां भी ज्यादा मामले सामने आएंगे, वहां पर ये किट दी जाएंगी। इसके अलावा इमरजेंसी या गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के दौरान इन्हें प्रयोग किया जाएगा ताकि उन्हें बिना वजह का इंतजार न करना पड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *