यूक्रेन में दूसरे भारतीय छात्र की जान गई बीमारी से,

Russia Ukraine War: यूक्रेन में गई एक और भारतीय छात्र की जान, पंजाब के चंदन जिंदल के रूप में हुई पहचान

Russia Ukraine War: मृतक छात्र की पहचान पंजाब राज्य से आने वाले 22 साल के चंदन जिंदल के रूप में हुई थी
यूक्रेन में गई एक और भारतीय छात्र की जान, पंजाब के चंदन जिंदल के रूप में हुई पहचान
Russia Ukraine War: रूस यूक्रेन में जारी भीषण युद्ध (Russia Ukraine War) के बीच एक और भारतीय छात्र की मौत (Indian Student Death) हो गई है। रिपोर्टों में कहा गया है कि इस छात्र की पहचान के पंजाब (Punjab) के निवासी के रूप में हुई है। भारतीय छात्र की 2 मार्च को युद्ध प्रभावित यूक्रेन में मौत हुई है।

मृतक की पहचान पंजाब राज्य से आने वाले 22 साल के चंदन जिंदल (Chandan Jindal ) के रूप में हुई है। हिंदुस्तान टाइम्स ने बताया कि यह छात्र यूक्रेन के विनित्सिया में मेमोरियल मेडिकल यूनिवर्सिटी, विनितसिया नेशनल पायरोगोव में पढ़ाई कर रहा था।

इससे एक दिन पहले खार्किव में कर्नाटक के 22 साल के छात्र नवीन एसजी की सैन्य गोलाबारी के कारण मौत हो गई थी। यूक्रेन में यह दूसरे भारतीय छात्र की मौत है।

यूक्रेन व रूस युद्ध: बरनाला के परिवार को पड़ी ऐसे दोहरी मार, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

यूक्रेन में जारी युद्ध से बरनाला के जिंदल परिवार को दोहरा झटका लगा है। फार्मासिस्ट शिशन जिंदल का पुत्र चंदन जिंदल जोकि यूक्रेन के वनीशिया शहर में नेशनल पिरोगोव मेमोरियल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई कर रहा था। वह 2018 में यूक्रेन गया था तथा चौथे साल की पढ़ाई कर रहा था कि 2 फरवरी रात को उसको दीमागी व दिल का दौरा पड़ा और वह कोमा में चला गया। 4 फरवरी को डॉक्टरों ने उनका एमरजेंसी ऑपरेशन किया। जब चंदन जिंदल की देखभाल के लिए उसके पिता शिशन कुमार व ताया कृष्ण कुमार यूक्रेन चले गए तो वहां पर युद्ध शुरू हो गया तथा इस परिवार के 3 सदस्य इस युद्ध में फंस गए हैं। परिवारिक सदस्यों को दिन- रात चिंता सता रही है।

मां व बहन का रो-रो कर बुरा हाल

चंदन जिंदल की मां व बहन का रो-रो कर बुरा हाल है। अपना दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि उन पर दोहरी मार पड़ गई है। मां ने बताया कि उनका बेटा बीमार था ऊपर से उनका पति व जेठ भी वहां युद्ध में फंस गए हैं। उनके जेठ कृष्ण कुमार भारत वापसी के लिए सीमा बार्डर पर गए जिनका अभी तक कोई पता नहीं है। शिशन कुमार 7 मंजिला बिल्डिंग में अकेले रह रहे हैं क्योंकि युद्ध कारण वहां की बिल्डिंग खाली हो गई है। वह भी वहां डर के साए में जी रहे हैं।

 

 

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