‘द प्रिंट’ और राहुल का दुष्प्रचार पकड़ा रूसी राजदूत ने

शेखर ‘कूप्ता’ के ‘दी प्रिंट’ ने छापा झूठ, राहुल गाँधी ने आगे बढ़ाया, रूसी राजदूत ने पकड़ा प्रपंच

रूसी राजदूत निकोलाय कुदशेव, राहुल गाँधी, शेखर गुप्ता (बाएँ से दाएँ)

भारत में रूस के राजदूत निकोलाय कुदशेव (Nikolay Kudashev) ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी और शेखर गुप्ता की प्रोपेगेंडा मशीनरी ‘दी प्रिंट’ को भारत और रूस के संबंधों के बारे में अफवाह फैलाने पर फटकार लगाते हुए इसे वास्तविकता से एकदम हटकर बताया है।

दरअसल, करीब दो दशकों में यह पहला अवसर होगा, जब भारत और रूस के बीच होने वाली वार्षिक शिखर बैठक का आयोजन नहीं किया जाएगा। भारत और रूस दोनों ने बुधवार (दिसंबर 23, 2020) को एक बयान जारी करके कहा कि ऐसा कोरोना वायरस महामारी की वजह से हो रहा है और अन्य किसी भी प्रकार की अटकलें गलत और गुमराह करने वाली हैं।

वहीं, अक्सर केंद्र सरकार के खिलाफ फर्जी तथ्यों से हमलावर रहने की कोशिश करने वाले राहुल गाँधी ने ‘दी प्रिंट’ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रूस भारत का एक महत्वपूर्ण मित्र है और पारंपरिक संबंधों को नुकसान पहुँचाना अदूरदर्शी और देश के भविष्य के लिए खतरनाक है।

वास्तव में, राहुल गाँधी ने ट्वीट करते हुए दोनों देशों के बीच सम्मेलन को रद्द करने पर केंद्र की आलोचना करने की बेकार कोशिश की थी। शेखर गुप्ता के ‘दी प्रिंट’ ने अपनी खबर में इसका कारण कोरोना महामारी नहीं, बल्कि ‘पुतिन सरकार द्वारा अमेरिकी अगुवाई वाले चार देशों के गठबंधन क्वॉड (Quad) में भारत के शामिल होने पर ऐतराज’ जताने को बताया था और राहुल गाँधी ने भी इसी खबर को केंद्र सरकार की आलोचना का आधार भी बनाया।

ज्ञात हो कि ‘क्वाड’ यानी, क्वाड्रीलैटरल सिक्टोरिटी डायलॉग। इसमें भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया व अमेरिका शामिल हैं। क्वाड का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति की स्थापना और शक्ति का संतुलन है।

शेखर गुप्ता के ‘दी प्रिंट’ की फर्जी खबर
रूसी राजदूत निकोलाय कुदशेव ने राहुल गाँधी के इस ट्वीट और दी प्रिंट की रिपोर्ट का खंडन करते हुए ट्वीट में लिखा, “एक न्यूज पोर्टल में वार्षिक रूसी-भारतीय शिखर सम्मेलन में हुई देरी को लेकर किया गया दावा ‘वास्तविकता से दूर’ है।

कुदशेव ने लिखा, “रूस और भारत के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी कोविड-19 के बावजूद अच्छी प्रगति कर रही है। हम महामारी के कारण स्थगित किए गए शिखर सम्मेलन के लिए नई तारीखें तय करने के लिए अपने भारतीय दोस्तों के साथ संपर्क में बने हुए हैं। हमें विश्वास है कि यह जल्दी आयोजित किया जाएगा, जबकि रूसी भारतीय संबंध अपने आगे के विकास को जारी रखेंगे।”

इससे पहले केंद्र सरकार ने भी भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन रद्द होने पर स्पष्ट करते हुए कहा था कि ये कोविड-19 महामारी के संकट के कारण रद्द किया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव का यह बयान भी कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के उस ट्वीट के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पारंपरिक रिश्तों में कमज़ोरी भारत के भविष्य के लिए खतरा है।

श्रीवास्तव ने बुधवार को कहा, “भारत और रूस के बीच सालाना शिखर सम्मेलन कोविड-19 महामारी के कारण आयोजित नहीं किया गया है। इसमें दोनों देशों की सरकारों की सहमति है। इसके लिए कोई अन्य वजह बताने की खबरें पूरी तरह से भ्रामक और झूठ हैं।”

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी राहुल गाँधी को फर्जी खबर फ़ैलाने को लेकर फटकार लगाते हुए राजदूत का बयान शेयर करते हुए लिखा, “ये पढ़ लीजिए राहुल गाँधी। वैसे आप टोटल शर्मप्रूफ़ हैं, पर फिर भी अगर शर्म आ जाए तो माफी माँग लेना। आप केवल कॉन्ग्रेस का नुकसान कर सकते हैं, देश का नुकसान नहीं कर पाएँगे।”

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