उमेश पाल हत्या: सपाई माफिया मिट्टी में मिला देंगें

उमेश पाल हत्या…योगी बोले- माफिया मिट्टी में मिला देंगे:विपक्ष पर तंज- अपराधी को सांसद बनाया, अब तमाशा कर रहे; सात संदिग्ध हिरासत में

अमरीश शुक्ल

प्रयागराज 25 फरवरी। बसपा विधायक राजू पाल हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल और गनर की शुक्रवार को हुई हत्या के मामले में पुलिस ने FIR अंकित की है। उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने अतीक अहमद के साथ ही अतीक के भाई, पत्नी शाइस्ता परवीन, अतीक अहमद के दो बेटों और अन्य पर मुकदमा कराया है। प्रयागराज पुलिस ने अतीक अहमद के दोनों बेटों के साथ सात संदिग्ध हिरासत में लिये हैं।

इधर, CM योगी ने सदन में जवाब दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘हम माफिया  विरोधी हैं, उन्हें मिट्टी में मिला देंगे। किसी माफिया को नहीं छोड़ेंगे।’ उन्होंने कहा कि सपा ने ही अतीक अहमद को बढ़ावा दिया। अपराधी को सांसद बनाओ फिर तमाशा करो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा माफिया बढ़ाती है। राजू पाल हत्याकांड में अतीक अहमद दोषी है, उसे सपा ने विधायक बनाकर बढ़ावा दिया।

सदन में योगी-अखिलेश में तीखी बहस

CM योगी ने मुलायम सिंह यादव के ‘लड़कों से गलती हो जाती है’। बयान का जिक्र किया तो अखिलेश ने टोका- आप ये भी बताएं चिन्मयानंद किसका गुरु है, शर्म आनी चाहिए। इस पर योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया कि शर्म तो तुम्हें करनी चाहिए जो अपने बाप का सम्मान नहीं कर पाए। इसके बाद सदन में हंगामा होने लगा। भाजपा और सपा नेता आमने-सामने आ गए।

बसपा विधायक रहे राजू पाल की 2005 में हत्या की गई थी

इलाहाबाद पश्चिमी के बसपा विधायक रहे राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को सुलेमसराय में गोली मारकर हत्या की गई थी। उनकी पत्नी पूजा पाल कौशांबी की चायल सीट से सपा विधायक हैं। राजू पाल हत्याकांड में पूर्व सांसद अतीक अहमद व उनके छोटे भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ समेत अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उमेश पाल घटना का मुख्य गवाह था। वह राजू पाल की पत्नी पूजा पाल की सगी बुआ का लड़का था।

राजू पाल हत्याकांड की जांच CBI ने की थी। इसमें उमेश पाल मुख्य गवाह थे। इसी से उन्हें कई बार हत्या की धमकी मिली थी। राजू पाल की पत्नी विधायक पूजा पाल ने भी कई बार आशंका जताई कि गवाही प्रभावित करने को उमेश पाल की हत्या हो सकती है। उमेश पाल ने भी अपनी जान खतरे में बताई थी।

अतीक की पत्नी से पूछताछ, CCTV-कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस

हत्या में पुलिस ने अतीक की पत्नी ​शाइस्ता से भी पूछताछ की है। पुलिस ने बताया श कि हमलावर उमेश पाल की कार का पीछा कर रहे थे। हमलावर बैग में बम लाये थे। उमेश पाल का पीछा करने को हमलावरों ने कार और बाइक इस्तेमाल की। पुलिस ने उमेश पाल के कोर्ट से लेकर उसके घर तक के पूरे रास्ते के CCTV फुटेज खंगाले हैं।

पुलिस ने अतीक के 2 नाबालिग बेटों और उसके दोस्त की कॉल डिटेल भी निकलवाई । CCTV फुटेज और स्थानीय बदमाशों को उनकी फोटो दिखाकर पहचान कराने कोशिश हो रही है। देर रात तक उमेश पाल की हत्या के बाद पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा और डीएम संजय खत्री धूमनगंज थाने में थे।

फुटेज उमेश पाल की हत्या के समय के बताए जा रहे हैं। उन्हें गाड़ी से उतरते ही गोली मारी गई।

पुलिस ने ‌BJP नेता उठाया, ड्राइवर से पूछताछ

इसके अलावा STF ने उमेश पाल हत्याकांड में BJP अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष राहिल हसन को रसूलाबाद निवास से सवा दस बजे उठाया । गोपनीय पूछताछ हो रही है। पुलिस उमेश के ड्राइवर प्रदीप शर्मा की भूमिका भी संदिग्ध मानती है। देर रात ही पुलिस प्रदीप से पूछताछ में जुटी है। कॉल डिटेल भी निकलवाया जा रहा है। घटना बाद प्रदीप गाड़ी छोड़ भाग गया था।

पूर्वांचल के शूटरों पर हमला कराने का शक

CCTV फुटेज है कि बदमाश झोले से बम निकालकर मारते दिख रहा है। हमले में पूर्वांचल के शूटरों का हाथ होने का संदेह है। इसी से हमलावर पकड़ने को स्पेशल टॉस्क फोर्स में प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी की टीमें लगी हैं। उमेश पाल के घर पर भी हमले के बाद पुलिस फोर्स तैनात है। शनिवार दोपहर उमेश पाल का दाह संस्कार हुआ।

ये तस्वीर राजू पाल मर्डर केस के मुख्य गवाह उमेश पाल की है। (फाइल फोटो)

प्रयागराज के धूमनगंज थाने में जया पाल ने दी लिखित शिकायत

मामले में उमेश की पत्नी जया पाल ने अहमदाबाद के साबरमती जेल में बंद माफिया अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, बरेली जेल में बंद भाई पूर्व विधायक अशरफ, अतीक के बेटों और अन्य सहयोगियों के खिलाफ षड्यंत्र, हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में धूमनगंज थाने में FIR कराई है।

मुख्य गवाह उमेश पाल हत्याकांड को लेकर DGP ने रपट मांगी है। अतीक और उसके भाई अशरफ पर भी जेल में निगाह  है। जेल में मिलने वालों की भी पड़ताल हो रही है। अतीक पर कोर्ट में 54 मुकदमे विचाराधीन हैं। कुछ महीने पहले गवाह उमेश पाल ने पूर्व सांसद माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के खिलाफ धमकी देने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।

गवाही देकर गेट पर उतरे, तभी हमला हुआ

प्रयागराज में हमलावरों ने घर में घुसकर हत्या की। अभी, हमलावरों के बारे में पता नहीं चल पाया है। हमला तब हुआ, जब उमेश पाल कोर्ट से गवाही देकर घर के गेट तक ही पहुंचे थे। कार से उतरे तभी 4-5 हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसा दी। वह घर में भागे, तो उन पर बम से हमला हुआ। हमले का CCTV फुटेज भी है।

वकील बोले- आज बहस खत्म होनी थी, दूसरे पक्ष ने और समय मांगा

घटना पर एडवोकेट विक्रम सिन्हा ने कहा, ”केस में फाइनल बहस चल रही थी। हमारी तरफ से बहस समाप्त हो चुकी। डिफेंस के वकील ने आज बहस की। ढाई बजे से शुरू कर उन्होंने सवा चार-साढ़े चार बजे तक बहस की। इसके बाद उन्होंने कोर्ट से बहस खत्म करने को सोमवार तक का समय मांगा। जबकि इस केस में कोर्ट आज बहस खत्म करना चाहती थी। इसके बाद किसी को समय नहीं मिलता।” उमेश पाल अपहरण में विक्रम सिन्हा उमेश पक्ष के वकील हैं।

अपहरण केस में 27 को थी गवाही, 28 को था फैसला

उमेश पाल की मां, बहन और भाइयों ने सीधे अतीक अहमद, मोहम्मद अशरफ के साथ दिलीप पासी पर हत्या करवाने का आरोप लगाया है। मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का 2 महीने में निस्तारित करने का आदेश है। CBI सभी पक्षों के बयान दर्ज करके अपनी रिपोर्ट कोर्ट को दे चुकी । अब इस मामले में केवल फैसला आना है।

इस हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल के 2008 में हुए अपहरण और मारपीट प्रकरण की गवाही चल रही है। शुक्रवार को उमेश पाल MP-MLA कोर्ट में गवाही देकर लौटे थे। अगली तारीख 27 फरवरी  है। 28 फरवरी को कोर्ट इस मामले में फैसला आना था।

हमले में गंभीर घायल दोनों गनर भी अस्पताल पहुंचाये गये।

पूजा पाल को न्याय दिलाने को 18 साल से लड़ रहा था मुकदमा

उमेश पाल पूजा पाल को न्याय दिलाने को 18 साल से मुकदमा लड़ रहा था। आए दिन उसे जान से मारने की धमकी मिल रही थी। शादी के एक हफ्ते में उसकी विधवा हुई, चचेरी बहन पूजा पाल को न्याय तो नहीं मिला, लेकिन एक और हत्या हो गई।

धूमनगंज थाना क्षेत्र के सुलेमसराय निवासी उमेश पाल 3 भाइयों में दूसरे नंबर के हैं। उनके बड़े भाई पप्पू पाल और सबसे छोटे भाई दिनेश पाल हैं। परिवार में 90 वर्षीय  मां, पत्नी और दो बेटे और बेटियां हैं। उमेश पाल चचेरे बहनोई राजू पाल हत्या के मुख्य गवाह थे, जिससे उनका अपहरण और हमले हुए। लेकिन वह डिगे नहीं।

हाईकोर्ट में वकालत करते थे उमेश पाल, जिला पंचायत सदस्य भी रहे

इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील उमेश पाल प्रयागराज के नवाबगंज से जिला पंचायत सदस्य भी रह चुके । अभी वह भाजपा में थे। वकालत के साथ-साथ जमीन का कारोबार भी करते थे। राजू पाल हत्याकांड में गवाही देने से उन्हें कई बार रोकने की कोशिश हुई। अपहरण हमले का आरोप भी पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद और उनके छोटे भाई और पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ मोहम्मद अशरफ पर लगे। उमेश पाल की हत्या से उनके घर परिवार और परिचितों में आक्रोश है।

पूजा पाल ने भी भाई की जान को जताया था खतरा

पूजा पाल ने भी कोर्ट और पुलिस को लिखित दिया था कि उमेश पाल मेरे चचेरे भाई हैं, मेरे पति की हत्या में प्रमुख गवाह भी हैं। उनकी जान को खतरा है। इसी से उमेश पाल को भी सरकारी गनर संदीप मिला था। उसकी इस हमले में मौत हो गई। अब तक पुलिस ने पत्नी, बेटे समेत करीब 8 लोगों से पूछताछ की है।

 

अतीक अहमद से 17 साल पुरानी दुश्मनी

बसपा के पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद के बीच दुश्मनी 17 साल पुरानी है। राजू पाल हत्याकांड में उमेश गवाह बने, तो उनका अपहरण हुआ था। आरोप अतीक पर लगा।

उमेश अतीक गिरोह के खिलाफ अब तक पांच FIR करा चुके थे। 25 जनवरी 2005 को शहर पश्चिम के विधायक राजू पाल को सुलेम सराय इलाके में गोलियों से भून दिया गया था। तब राजू पाल के दोस्त और रिश्तेदार उमेश पाल  मामले के गवाह बने थे।

उमेश पाल पर कई बार पहले भी हो चुका था हमला

राजू पाल हत्याकांड में गवाह बनते ही अतीक गिरोह उमेश पाल को दुश्मन मानने लगा। उन पर कई बार हमले हुए, लेकिन वे बच निकले । 28 फरवरी 2008 को उमेश का अपहरण कर उनसे मारपीट हई। धमकी मिली-गवाही दी तो मार दिया जाएगा।  छूटे तो उन्होंने अतीक, अशरफ समेत गिरोह के कई लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई ।

इसके बाद भी अतीक के गुर्गे उमेश के पीछे पड़े रहे। 11 जुलाई 2016 को उमेश गवाही देने कचहरी गए थे। उन पर कचहरी परिसर में ही जानलेवा हमला हुआ। उमेश ने अतीक, अशरफ समेत गिरोह के तमाम लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

दोनों मामले कोर्ट में  थे। इस बीच, उमेश ने अतीक गिरोह पर तीसरी FIR दर्ज कराई थी। इसके अलावा 2022 में जान से मारने की धमकी और एक अन्य मामले में FIR लिखाई थी।

मर्डर केस में फंसाने की भी हुई थी कोशिश

अतीक गिरोह ने उमेश पर न सिर्फ हमले कराए और धमकियां दीं, बल्कि 2016 में धूमनगंज में जीतेंद्र पटेल की हत्या के मुकदमे में नामजद भी करवा दिया। हालांकि, जांच में उमेश को बरी हो गये।उमेश पाल की मौत के बाद उनका शव पोस्टमॉर्टम को भेजा गया।

राजू पाल ने अतीक के भाई को चुनाव में हराया था

अतीक अहमद के सांसद बनने से शहर पश्चिमी सीट खाली हो गई। उपचुनाव हुआ तो अतीक के भाई अशरफ को बसपा के राजू पाल ने हरा दिया। इस हार के बाद जो राजू पाल कभी अतीक अहमद के खास हुआ करते थे, वे एक झटके में सबसे बड़े दुश्मन बन गए। विधायक बनने के तीन माह बाद 15 जनवरी 2005 को राजू ने पूजा से शादी की।

राजू पाल की हत्या के बाद उनकी पत्नी पूजा उसी सीट से 2007 और 2012 में विधायक बनीं। हालांकि, 2017 में वे हार गई। 2022 के चुनाव में वे कौशांबी की चायल सीट से सपा प्रत्याशी रही।

25 जनवरी 2005 को राजू पाल पर क्वालिस चलाते हुआ था हमला

25 जनवरी 2005, इलाहाबाद का हर चौराहा तिरंगे झंडों से पटा पड़ा था। दोपहर 3 बजे इलाहाबाद शहर पश्चिमी के बसपा विधायक राजू पाल SRN हॉस्पिटल से निकले। साथ में दो गाड़ियां थी। क्वालिस और स्कॉर्पियो। राजू पाल जुलूस की क्वालिस खुद चला रहे थे। बगल की सीट पर रुखसाना बैठी थी। रुखसाना राजू के दोस्त की पत्नी थी जो रास्ते में मिल गई थी।

ये तस्वीर राजू पाल और उनकी पत्नी पूजा पाल की है। 15 जनवरी को उनकी शादी हुई थी।

गाड़ी का शीशा चीर गोली सीने में जा धंसी थी

राजू पाल का जुलूस सुलेमसराय के जीटी रोड पर था, तभी बगल से तेज गति स्कॉर्पियो उनकी गाड़ी के आगे आ गई। राजू के समझने के पहले ही गोली सामने का शीशा चीर उनके सीने में घुस गई। स्कॉर्पियो से पांच हमलावर धड़धड़ाते उतरे। तीन ने राजू पाल की गाड़ी घेर फायर शुरू किया और बाकी दो ने पीछे चल रही स्कॉर्पियो पर।

 

डॉक्टरों ने शव से निकाली थी 19 गोलियां

हमलावरों को जब लगा कि राजू की सांसें थम गई हैं, तब वे भागे। धूमनगंज पुलिस आई। टैक्सी से राजू को लेकर SRN भागी। डॉक्टरों ने राजू को मृत घोषित कर दिया।  राजू का पोस्टमॉर्टम हुआ तो उनके शव से 19 गोलियां निकलीं। साथ बैठे संदीप यादव और देवी लाल की भी जान गई।

पुलिस ने तब के सपा सांसद अतीक अहमद, उनके भाई अशरफ, फरहान, रंजीत पाल, आबिद, गुफरान पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। आज तक फैसला नहीं हो पाया।

उमेश पाल के टैंकर क्लीनर से करोड़पति तक की यात्रा

एक टैंकर क्लीनर से अपने करियर की शुरुआत करने वाले कृष्ण कुमार पाल उर्फ उमेश पाल आज की तारीख में करोड़ों के मालिक थे। उमेश के पास सफारी, क्रेटा, इनोवा जैसी लग्जरी गाड़ियां और 12 से ज्यादा भूखंडों का स्वामित्व था। पैसा आने के बाद उमेश पाल की राजनैतिक महत्वाकांक्षा भी उड़ान भरने लगी। वह भी विधायकी लड़ना चाहते थे, जिसकी वजह से चचेरी बहन विधायक पूजा पाल (राजू पाल की पत्नी) से भी उनकी अनबन हो गई थी।

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