राहुल को अमेरिका से ही जवाब- जीवंत लोकतंत्र है भारत में, वहां महसूस भी होता है

 

America Slams Rahul Gandhi Without Taking Name Of Congress Leader Leave Pm Narendra Modi
प्रधानमंत्री मोदी को छोड़‍िए, अमेरिका ने ही राहुल गांधी को दिखा दिया आईना!

राहुल गांधी ने छह दिवसीय अमेरिकी दौरे पर मोदी सरकार की तीखी आलोचना की थी। उन्‍होंने एक कार्यक्रम में भारतीय लोकतंत्र बचाने को सहयोग की अपील की थी। राहुल गांधी का जिक्र किए बिना अमेरिका ने इसका जवाब दे दिया है। उसने कहा है कि भारत में जाकर इसे महसूस किया जा सकता है।

हाइलाइट्स
राहुल गांधी ने अमेरिका में की थी मोदी सरकार की तीखी आलोचना
कांग्रेस नेता ने एक कार्यक्रम में भारतीय लोकतंत्र पर की थी बातचीत
अमेरिका ने राहुल का नाम लिए बगैर कांग्रेस नेता को दिखाया दर्पण

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को छोड़‍िए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को अमेरिका ने जवाब दे दिया है। इस महीने के अंत में पीएम के दौरे से पहले अमेरिका ने दो-टूक कहा है कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है। कोई भी भारत जाकर खुद इसे महसूस कर सकता है। इसे भारत के लोकतंत्र पर राहुल गांधी के हालिया बयान के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। यह राहुल को आईना दिखाने जैसा है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था ने बिना नाम लिए भारतीय लोकतंत्र पर राहुल के नैरेटिव को खारिज कर दिया है। यह इस बात का भी क्‍लीयर मैसेज है कि राहुल विदेश में जाकर जो कुछ भी बोलते-चालते हैं, उसका अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। अव्‍वल तो भाजपा कहती है कि राहुल को घरेलू मसलों को विदेशी मंचों पर नहीं उठाना चाहिए। लेकिन, अमेरिकी बयान से स्‍पष्‍ट होता है कि वह राहुल की बातों को महत्व नहीं देता है। राहुल का जिक्र किए बिना अमेरिका ने इशारों में कांग्रेस नेता को जवाब दे दिया है

राहुल गांधी ने बीते दिनों अमेरिका के छह दिवसीय दौरे पर मोदी सरकार को निशाने पर लिया। ‘नेशनल प्रेस क्लब’ में आयोजित एक कॉन्‍फ्रेंस में राहुल बोले थे, ‘भारत में लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़ना हमारा काम है। यह एक ऐसी चीज है, जिसे हम समझते हैं। जिसे हम स्वीकार करते हैं और जो हम करते हैं।’

एक कार्यक्रम में वह बोले थे कि भारत के लोकतंत्र से पूरी दुनिया का लोकहित जुड़ा है। अगर इसमें बिखराव होता है तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। राहुल ने अमेरिका में बसे भारतीयों से अनुरोध किया था कि वे भारत वापस आएं। लोकतंत्र के साथ भारतीय संविधान की रक्षा में खड़ें हों। कांग्रेस नेता पहले भी विदेशी मंचों पर भारतीय लोकतंत्र पर खतरा होने की बातें कहते रहे हैं। भाजपा इस पर कड़ी आपत्ति जताती रही है।

भारत एक जीवंत लोकतंत्र: अमेरिका

हालांकि, इस बार मामले में अमेरिका ने ही प्रधानमंत्री मोदी की ओर से बात रख दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सामरिक संचार समन्वयक जॉन किर्बी ने कहा, ‘भारत एक जीवंत लोकतंत्र है। जो कोई भी भारत जाता है इसे महसूस कर सकता है। निश्चित तौर पर मुझे उम्मीद है कि लोकतांत्रिक संस्थानों की ताकत और उनकी स्थिति चर्चा का हिस्सा होगी।’
किर्बी ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘देखिए, हम कभी झिझकते नहीं हैं। आप दोस्तों के साथ ऐसा कर सकते हैं। आपको दोस्तों के साथ ऐसा करना चाहिए। आप कभी भी उन चिंताओं को व्यक्त करने से नहीं कतराते हैं जो दुनिया में कहीं भी उठ रही हों।’

मोदी के दौरे से पहले आया अमेरिका का बयान

प्रधानमंत्री मोदी 21 से 24 जून को अमेरिका का दौरा करेंगे। इस दौरान पीएम कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन आधिकारिक राजकीय यात्रा के लिए प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करेंगे। 22 जून, 2023 को मोदी एक राजकीय रात्रिभोज में शामिल होंगे। मोदी के दौरे से पहले राहुल के बयान पर अमेरिका का यह बयान आना कई दृष्टियों से महत्‍वपूर्ण है। यह दिखाता है कि अमेरिकी लीडरशिप प्रधानमंत्री मोदी को किस हद तक महत्व देता है। दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति को इस बात का एहसास है कि मोदी कैसे पांसा पलट सकते हैं। मोदी सरकार की कूटनीति का नतीजा ही है कि आज भारत अपनी शर्तों के साथ अमेरिका के साथ टेबल पर बैठ रहा है। जिस रूस से संबंध रखने वाले सभी देश अमेरिका के दुश्‍मन बन गए। भारत ने अपने पुराने दोस्‍त को छोड़े बगैर अमेरिका के साथ रिश्‍ते बनाकर रखे।

 

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