हाईकोर्ट से ज्ञानवापी पर केंद्र, राज्य और पुरातत्व को नोटिस

विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में केंद्र सरकार, पुरातत्व विभाग और गृह सचिव बने पक्षकार, हाईकोर्ट ने तीनों से मांगा जवाब
प्रयागराज 18 अगस्त।( विधि संवाददाताा) इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के विश्वेश्वरनाथ (काशी विश्वनाथ) मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर नोटिस जारी की है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के पुरातत्व विभाग, आर्केलाजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और प्रदेश शासन के गृह सचिव को पक्षकार बनाते हुए तीनों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने दिया है। कोर्ट ने संशोधन अर्जी पर दाखिल जवाबी हलफनामे का याची को प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है। इस अर्जी की सुनवाई 24 अगस्त को होगी। उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की तरफ से मंदिर का सर्वे कराने के आदेश की वैधता को चुनौती दी गई है। जिला न्यायालय और हाईकोर्ट दोनों में इस मुद्दे को उठाने पर की गई आपत्ति के बाद बोर्ड ने जिला जज की अदालत के समक्ष दाखिल पुनरीक्षण अर्जी वापस ले ली और याचिका में संशोधन अर्जी दाखिल की है।

यह है प्रकरण

विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर यह मुकदमा 1991 में दायर किया गया था। इसमें नए मंदिर के निर्माण और हिंदुओं को पूजा पाठ करने का अधिकार देने की मांग की गई थी। निचली अदालत व सत्र न्यायालय के आदेश के खिलाफ 1997 में हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी गई। हाईकोर्ट में कई वर्षों से स्टे से मामला लटका रहा। 2019 में सिविल जज सीनियर डिवीजन (फास्ट ट्रैक कोर्ट) की अदालत में प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वरनाथ की ओर से वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से अपील की गई कि संपूर्ण ज्ञानवापी परिसर का भौतिक तथा पुरातात्विक दृष्टि से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से राडार तकनीक से सर्वेक्षण कराया जाए।

पांच सदस्यीय कमेटी से सर्वेक्षण का आदेश

सिविल जज सीनियर डिविजन (फास्ट ट्रैक कोर्ट) आशुतोष तिवारी की अदालत ने आठ अप्रैल को पुरातात्विक सर्वेक्षण का आदेश दिया। कोर्ट ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित करने का भी निर्देश दिया। इस आदेश के खिलाफ सुन्नी सेंट्रल वफ्फ बोर्ड व अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर अर्जी दाखिल की गई। लेकिन पिछले ही हफ्ते याचिका वापस ले ली गई।

 

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