अग्निवीर पहला बैच आयेगा 2023 में,ये रहे सवालों के जवाब

30-40 हजार सैलरी, 11.70 लाख फंड… अग्निपथ के जरिए सेना में भर्ती होने वालों को क्‍या-क्‍या मिलेगा

Indian Army Recruitment Scheme Agneepath: भारतीय सेना की नई भर्ती योजना का नाम ‘अग्निपथ’ रखा गया है। इसमें, सशस्‍त्र सेनाओं में भर्ती होने वाले सैनिकों को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा।

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सेना की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव
हाइलाइट्स
भारतीय सेना में भर्ती के लिए नई योजना ‘अग्निपथ’ का ऐलान
2023 में आएगा अग्निवीरों का पहला बैच: रक्षा मंत्री राजनाथ सिह
अब तीनों सेनाओं में सिर्फ चार साल के लिए होंगी नई भर्तियां
चार साल सर्विस के बाद 75% सैनिकों को घर भेज दिया जाएगा

नई दिल्‍ली 16 जून: भारतीय सेनाओं का हिस्‍सा बनकर देशसेवा करना चाहते हैं तो तरीका बदल गया है। अब थलसेना, वायुसेना और नौसेना में युवाओं की भर्ती चार साल के लिए होगी। मंगलवार को भारत सरकार ने नई भर्ती प्रक्रिया ‘अग्निपथ’ की घोषणा की। आर्मी भर्ती के इस नए प्रोसेस से निकले सैनिकों को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि सुरक्षा संबंध कैबिनेट समिति ने यह फैसला किया है। उन्‍होंने कहा कि ‘हम अग्निपथ नामक एक योजना ला रहे हैं जो हमारी सेना में परिवर्तनकारी बदलाव कर उन्हें पूरी तरह से आधुनिक और सुसज्जित बनाएगी।’ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने सेना की नई भर्ती प्रक्रिया ‘अग्निपथ’ के बारे में विस्‍तार से बताया। भर्ती की योग्‍यता, परीक्षा, साक्षात्‍कार से लेकर चयन और फिर ट्रेनिंग, नौकरी और वेतन-भत्‍ते व पेंशन से जुड़ी जानकारी भी दी गई। आइए आपको बताते हैं कि भारतीय सेना में भर्ती होने की प्रक्रिया कितनी बदल गई है।

‘अग्निपथ’ स्‍कीम में कितनी भर्तियां होंगी?
फोर्स पहले-दूसरे साल तीसरे साल चौथे साल
भारतीय थलसेना 40,000 45,000 50,000
भारतीय वायुसेना 3,500 4,400 5,300
भारतीय नौसेना 3,000 3,000 3,000
अग्निपथ: नई भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी हर जानकारी

अग्निपथ योजना क्‍या है

आर्मी, एयरफोर्स और नेवी में भर्ती के लिए रक्षा मंत्रालय ने नई प्रक्रिया अपनाई है। इसे ‘अग्निपथ’ नाम दिया गया है। नए सैनिकों को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा।

अग्निपथ योजना में नई भर्ती कब शुरू होगी

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने बताया कि अग्निवीरों की पहली रैली 90 दिन के भीतर शुरू हो जाएगी। पहला बैच 2023 में आएगा।

हम अग्निपथ नामक एक योजना ला रहे हैं जो हमारी सेना में परिवर्तनकारी बदलाव कर उन्हें पूरी तरह से आधुनिक और सुसज्जित बनाएगी। अग्निवीर सेवा के दौरान अर्जित कौशल एवं अनुभव से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त होगा।
राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री

सेना में भर्ती की योग्‍यता क्‍या होगी?

सिपाहियों, एयरमैन और सेलर्स की भर्ती होगी। आयु साढ़े 17 साल से 21 साल के बीच होनी चाहिए। बाकी योग्‍यता शर्तें वही रहेंगी जो अभी हैं।

भर्ती के तरीके में कोई बदलाव है?

नहीं। मेरिट आधारित भर्ती होगी।

अग्निवीरों की ट्रेनिंग कैसे होगी? कितने दिन चलेगी?
नई प्रक्रिया में, अग्निवीरों को बेहद टेक्निकल माहौल में ट्रेन किया जाएगा। यह ट्रेनिंग 10 सप्‍ताह से लेकर अधिकतम छह महीने चलेगी।

क्या चीन-पाकिस्तान बॉर्डर पर सिर्फ चार साल की ट्रेनिंग कारगर होगी?

अग्निवीरों की नौकरी कितने साल की होगी?

ट्रेनिंग पीरियड मिलाकर कुल चार साल की सर्विस होगी।

अग्निवीरों को कितनी सैलरी मिलेगी?

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी के अनुसार, पहले साल अग्निवीरों को करीब 4.76 लाख रुपये का सैलरी पैकेज मिलेगा। हर साल इसमें इजाफा होगा। चौथे साल में वेतन बढ़कर करीब 6.92 लाख रुपये हो जाएगा।

अग्निवीरों का सैलरी स्‍ट्रक्‍चर

चार साल के बाद क्‍या होगा?

चार साल के बाद, अग्निवीर रेगुलर कैडर के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं। सेना एक बैच के अधिकतम 25% अग्निवीरों को परमानेंट सर्विस देगी। अगर अग्निवीर एयरफोर्स या नेवी जॉइन करने का फैसला करते हैं तो उन्‍हें खास ट्रेनिंग दी जाएगी।

किसी तरह की पेंशन मिलेगी?

नहीं। मगर ‘सेवा निधि’ का फायदा जरूर मिलेगा। हालांकि इस फंड के लिए अग्निवीरों की मासिक सैलरी का 30% काटा जाएगा। इतनी ही रकम सरकार जमा करेगी। चार साल की सर्विस के बाद ‘सेवा निधि’ में जमा रकम ब्‍याज सहित मिल जाएगी जो करीब 11.71 लाख रुपये बैठेगी।

अगर सर्विस के दौरान वीरगति को प्राप्‍त हुए तो?

सभी अग्निवीरों का 48 लाख रुपये का नॉन-प्रीमियम इंश्‍योरेंस कवर होगा। ड्यूटी के दौरान मृत्‍यु होने पर 44 लाख रुपये की अतिरिक्‍त अनुग्रह राशि मिलेगी। इसके अलावा, परिवार को सेवा निधि सहित चार सालों तक सेवा न किए गए हिस्‍से का भी भुगतान किया जाएगा।

अगर दिव्‍यांग हुए तो?

जितने प्रतिशत अक्षमता होगी, उसके आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। 100% अक्षमता पर 44 लाख रुपये, 75% अक्षमता पर 25 लाख रुपये और 50% अक्षमता पर 15 लाख रुपये दिए जाएंगे।

अग्निपथ योजना में महिलाएं भी होंगी?

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि अग्निपथ योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों में भर्ती में आमूल-चूल परिवर्तन लाना है। वहीं नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने जानकारी दी कि अग्निपथ योजना के तहत महिलाओं को भी सशस्त्र सेनाओं में शामिल किया जाएगा।

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