कोरोना प्रभाव:दून अस्पताल में ओपीडी पंजीकरण सिर्फ आठ से 10 बजे तक

अब दून अस्पताल में सुबह दो घंटे होगा ओपीडी पंजीकरण, पांच विभागों की आइपीडी पहले से बंद
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अस्पताल में भीड़ कम करने के लिए ओपीडी पंजीकरण का समय साढ़े तीन घंटा घटा दिया गया है। अब पंजीकरण सुबह आठ से दस बजे के बीच ही होगा।देहरादून11 अप्रैल: कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अस्पताल में भीड़ कम करने के लिए ओपीडी पंजीकरण का समय साढ़े तीन घंटा घटा दिया गया है। अब पंजीकरण सुबह आठ से दस बजे के बीच ही होगा। जबकि अभी तक इसका समय डेढ़ बजे तक था। रविवार को प्राचार्य डॉक्टर आशुतोष सयाना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बता दें कि पांच विभागों की आइपीडी पहले ही बंद कर दी गई है।

गत वर्ष मार्च में कोरोना की दस्तक होने के साथ दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय को कोविड-हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया गया था। कोरोना के खिलाफ जंग में अस्पताल ने अहम भूमिका निभाई थी। सामान्य ओपीडी व आइपीडी भी यहां बंद कर दी गई थी। पर कोरोना का प्रसार कम होने पर एक-एक कर व्यवस्थाएं बहाल होने लगी। अब जबकि कोरोना का ग्राफ फिर तेजी से बढ़ रहा है, कॉलेज प्रशासन ने इस ओर एहतियात बरतनी शुरू कर दी है। प्राचार्य ने बताया कि गत वर्ष नवंबर माह में अस्पताल की ओपीडी खुलने पर प्रत्येक विभाग में हर दिन 25-25 मरीज देखने की व्यवस्था की गई थी। कोरोना के मामले कम होने पर यह बाध्यता हटा दी गई। पर अब मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में भीड़ नियंत्रित करनी जरूरी है। उन्होंने बताया कि सोमवार से ओपीडी पंजीकरण सिर्फ दो घंटे किया जाएगा। इसके बाद किसी का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।

बैठक में डॉक्टर अनुराग अग्रवाल, डॉक्टर नारायण जीत, डॉक्टर निधि उनियाल, डॉक्टर शेखर पाल, डॉक्टर एमके पंत, डॉक्टर भावना पंत, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी महेंद्र भंडारी, जनसंपर्क अधिकारी सुधा कुकरेती आदि मौजूद रहे।

इमरजेंसी में केवल गंभीर मरीज

कोरोना के कारण अब अस्पताल की इमरजेंसी में भी गंभीर मरीज ही देखे जाएंगे। यही नहीं मरीज की स्थिति सामान्य होने पर उसे अन्य अस्पताल में रेफर कर दिया जाएगा। प्राचार्य का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। आगे जैसी भी स्थिति बनेगी उसी अनुरूप निर्णय लिया जाए।

कंटेनर में शुरू होगी फ्लू ओपीडी

कॉलेज प्रशासन ने फ्लू ओपीडी पुन: कंटेनर में शुरू करने का फैसला लिया है। गत वर्ष अप्रैल में यह व्यवस्था की गई थी, पर मामले कम होने पर इसे बंद कर दिया गया। पर कोरोना संदिग्ध और सामान्य मरीजों का अलग-अलग इलाज करने व संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए व्यवस्था फिर बहाल कर दी गई है। सर्दी, खांसी, बुखार के मरीज अब अस्पताल के बाहर कंटेनर नुमा ओपीडी में ही देखे जाएंगे। कोरोना जांच के लिए मरीज को फॉर्म भी यहीं दिया जाएगा।

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