रोज 7500 टन आक्सीजन उत्पादन है भारत में, राज्य सरकारों के लिए है कंट्रोल रूम

Oxygen Production In India: सरकार ने बताया रोज कितनी ऑक्सीजन का हो रहा उत्पादन, जानें कैसे हो रहा है आवंटन!
भारत में प्रतिदिन 7,500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है और इसमें से आज की तारीख में 6,600 मीट्रिक टन चिकित्सीय उपयोग के लिए राज्यों को आवंटित की जा रही है। 24 घंटे संचालित होने वाला एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जहां राज्य सरकारें उनके सामने आ रहीं समस्याओं को उठा सकती हैं।

नई दिल्ली21 अप्रैल। देश में ऑक्सीजन की कमी की खबरों के बीच केंद्र ने बुधवार को कहा कि भारत में प्रतिदिन 7,500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है और इसमें से आज की तारीख में 6,600 मीट्रिक टन चिकित्सीय उपयोग के लिए राज्यों को आवंटित की जा रही है। केंद्र ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉक्टर वी के पॉल ने संवाददाता सम्मेलन में राज्यों, अस्पतालों और कई नर्सिंग होम से अपील की कि ऑक्सीजन का समुचित उपयोग सुनिश्चित करें क्योंकि यह कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों के लिए ‘जीवन रक्षक’ है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, ‘‘हम प्रतिदिन 7,500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहे हैं जिसमें से 6,600 मीट्रिक टन चिकित्सीय मकसद से राज्यों को आवंटित की जा रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने फिलहाल निर्देश दिये हैं कि कुछ उद्योगों को छोड़कर बाकी उद्योगों को आपूर्ति प्रतिबंधित की जाएगी ताकि चिकित्सीय उपयोग के लिए अधिक से अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध हो सके।’’

भूषण ने कहा कि 24 घंटे संचालित होने वाला एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जहां राज्य सरकारें उनके सामने आ रहीं समस्याओं को उठा सकती हैं। मसलन उनका ट्रक कहीं फंस रहा है या आवाजाही बाधित हो रही है आदि। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप इतनी बड़ी चुनौती, इतनी बड़ी महामारी और कई पक्षों से निपटते हैं तो कई बार घबराहट और संशय का माहौल हो जाता है और ऐसे में जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की मिलकर काम करने की है ताकि इन चुनौतियों पर फौरन ध्यान दिया जा सके।’’’

अधिकारियों ने कहा कि वे ऑक्सीजन के आयात के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ता के आवेदनों को भी देख रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मेडिकल ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के मद्देनजर केंद्र ने चिकित्सीय ऑक्सीजन के 50,000 मीट्रिक टन के आयात के लिए एक निविदा निकाली है और मंगलवार को इस संदर्भ में बैठक हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय को इसके लिए निविदा को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित करने के लिए 162 प्रेशर स्विंग एडसॉर्पशन (पीएसए) संयंत्रों की मंजूरी दी गयी है जो ऑक्सीजन की क्षमता 154.19 मीट्रिक टन बढ़ाएंगे। इन 162 संयंत्रों में से 33 लग चुके हैं और 59 अप्रैल के अंत तक लग जाएंगे वहीं 80 संयंत्र मई के अंत तक लग जायेगें

महाराष्ट्र है लिक्विड ऑक्सीजन का धनी, गुजरात और झारखंड दूसरे और तीसरे स्थान पर!

बहुत से लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि आखिर वो कौन सा राज्य है, जो ऑक्सीजन के मामले में धनी है? आइए जानते हैं देश में कहां-कहां होता ऑक्सीजन का प्रोडक्शन और किस राज्य के पास है सबसे बड़ा भंडार।

हाइलाइट्स:
कोरोना की दूसरी लहर में पहले से भी अधिक लोग तेजी से संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।
इस बार ऑक्सीजन की कमी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है।
ऐसे में बहुत से लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि आखिर वो कौन सा राज्य है, जो ऑक्सीजन के मामले में धनी है?
ऐसी भी शिकायतें आ रही हैं कि कुछ राज्य दूसरे राज्यों को ऑक्सीजन देने में आनाकानी कर रहे हैं।

कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में पहले से भी अधिक लोग तेजी से संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। इस बार ऑक्सीजन की कमी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है। ऐसे में बहुत सारी कंपनियों ने अपने उद्योग में इस्तेमाल होने वाली ऑक्सीजन भी तमाम राज्यों और अस्पतालों को सप्लाई करनी शुरू कर दी है, जिससे मरीजों को आराम मिल सके। इसी बीच कुछ शिकायतों की खबरें भी आईं कि जिस राज्य के पास ऑक्सीजन है, वह दूसरे राज्यों को देने में कुछ आनाकानी कर रहे हैं। दिल्ली के जीटीबी अस्पताल से भी ऐसी शिकायत सुनने को मिली। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि आखिर वो कौन सा राज्य है, जो ऑक्सीजन के मामले में धनी है? आइए जानते हैं देश में कहां-कहां होता ऑक्सीजन का प्रोडक्शन और किस राज्य के पास है सबसे बड़ा भंडार।

महाराष्ट्र के पास है ऑक्सीजन का सबसे बड़ा भंडार
अगर बात ऑक्सीजन के प्रोडक्शन की करें तो सबसे अधिक लिक्विड ऑक्सीजन का प्रोडक्शन महाराष्ट्र में होता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में कुल 7 ऑक्सीजन मैन्युफैक्चरर्स हैं। ये मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं आइनॉक्स नागपुर (97 MT), आइनॉक्स चकन पुणे (149 MT), आइनॉक्स मुंबई (122 MT), आइनॉक्स रायगढ़ (80 MT), यो निप्पों (100 MT), लिंडे मुर्बाद थाणे (173 MT) और लिंडे तालोजा रायगढ़ (270 MT) हैं। पूरे राज्य में कुल मिलाकर 991 MT ऑक्सीजन का प्रोडक्शन रोजाना होता है।

गुजरात दूसरे और झारखंड तीसरे नंबर पर

सबसे अधिक लिक्विड ऑक्सीजन बनाने के मामले में गुजरात दूसरे नंबर पर है, जहां आइनॉक्स करजन, बड़ौदा (120 MT), आइनॉक्स हजीरा (144 MT), आइनॉक्स अहमदाबाद (149 MT), एयर लिक्विड भरूच (15) और लिंडे दहेज (60 MT) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। वहीं झारखंड में आइनॉक्स बोकारो (134 MT) और लिंडे जमशेदपुर (300 MT) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं।

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