उप्र विधानपरिषद चुनाव: भाजपा 33, दो निर्दलीय,सपा शून्य

पहली बार विधान परिषद में भाजपा को बहुमत:68 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी, योगी के सत्ता में रहते 50% सदस्य बढ़े; कांग्रेस के अस्तित्व पर संकट

लखनऊ 12 अप्रैल ।उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के 27 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। भाजपा ने इसमें 24 सीटों पर जीत हासिल की है। इसके अलावा 9 सीटें चुनाव से पहले ही निर्विरोध जीत ली थी। अब विधान परिषद यानी उच्च सदन में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। उसके पास अब 68 सदस्य हैं जो बहुमत के आंकड़े 51 से कहीं ज्यादा है। आजादी के बाद पहली बार है जब उत्तर प्रदेश के उच्च सदन में भाजपा को बहुमत मिला है। MLC चुनाव में सपा शून्य पर सिमटी गई हालांकि अभी भी उसके पास 17 सदस्य  हैं। 2017 में योगी आदित्य नाथ मुख्यमंत्री बने ,तब सपा सबसे बड़ी पार्टी थी। उसके बाद सपा की सीटें लगातार घटती गई। योगी के सत्ता में रहते हुए भाजपा के 50% से ज्यादा MLC बढ़े हैं।

वहीं, आजादी के बाद पहली बार ऐसा होगा कि 2 महीने के बाद उच्च सदन कांग्रेस विहीन हो जाएगा। अभी दीपक सिंह इकलौते कांग्रेस MLC हैं। उनका कार्यकाल में जुलाई में पूरा हो रहा है। इसके बाद कांग्रेस उच्च सदन में शून्य हो जायेगी। इस बार कांग्रेस और बसपा ने प्रत्याशी उतारे ही नहीं थे।

4 दशक बाद उच्च सदन में कोई पार्टी बहुमत में आई

उत्तर प्रदेश में 4 दशक बाद भाजपा ऐसी पहली पार्टी है, जिसने उच्च सदन में बहुमत के आंकड़े को छुआ है। इससे पहले 1982 में कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत था। उत्तर प्रदेश विधानसभा में 100 सीटें हैं। 51 बहुमत का आंकड़ा है। इस समय भाजपा के पास 68, सपा 17, बसपा 4, कांग्रेस, अपना दल (एस), निषाद पार्टी, जनसत्ता दल के एक-एक सदस्य हैं। वहीं शिक्षक दल के 2 और निर्दलीय 4 सदस्यों को मिलाकर कुल 99 सदस्य हैं। योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा चुनाव जीतने पर MLC पद से इस्तीफा दे दिया । उनकी सीट खाली है।

सत्ता में जिसकी पार्टी, उसके सबसे अधिक MLC, जानिए बीते तीन चुनाव का ट्रेंड

2004 में मुलायम सिंह यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। तब 36 सीटों के चुनाव में सपा ने 24 सीटें जीती थीं। 2010 में बसपा अध्यक्ष मायावती मुख्यमंत्री बनीं तो  36 सीटों पर चुनाव हुए जिनमें 34 सीटें उनकी झोली में आई थी। अखिलेश यादव के कार्यकाल में भी वही ट्रेंड रहा। 2016  चुनाव में सपा ने 36 में से 31 सीट जीती।

बता दें कि 9 अप्रैल को हुए मतदान के लिए MLC चुनाव के 58 जिलों में 739 बूथ बनें थे, जिसमें एक लाख 20 हजार 657 मतदाताओं ने वोट डाले थे। चुनाव में सांसद, विधायक, सभी प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्‍य और अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्‍य और अध्यक्ष के साथ नगर निगम के पार्षद, मेयर, नगर पंचायतों के सदस्य और अध्यक्ष मतदाता थे।

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परिणाम: कहां से कौन जीता

सीट          जीते                         पार्टी

1-लखनऊ-उन्नाव ,रामचंद्र प्रधान ,भाजपा
2-जौनपुर ,बृजेश सिंह प्रिंसूू, भाजपा
3-देवरिया-कुशीनगर, रतनपाल सिंह ,भाजपा
4-मेरठ-गाजियाबाद ,धर्मेंद्र भारद्वाज ,भाजपा
5-रायबरेली ,दिनेश प्रताप सिंह ,भाजपा
6-आगरा-फिरोजाबाद, विजय शिवहरे, भाजपा
7-आजमगढ़-मऊ ,विक्रांत सिंह ,निर्दलीय
8-गाजीपुर ,विशाल सिंह चंचल, भाजपा
9-वाराणसी, अन्नपूर्णा सिंह ,निर्दलीय
10-सीतापुर ,पवन सिंह चौहान ,भाजपा
11-बस्ती ,सुभाष यदुवंश ,भाजपा
12-इटावा-फर्रुखाबाद ,प्रांशुदत्त द्विवेदी ,भाजपा
13-बाराबंकी ,अंगद कुमार सिंह ,भाजपा
14-बलिया, रविशंकर सिंह पप्पू ,भाजपा
15-गोरखपुर ,सी पी चंद ,भाजपा
16-झांसी-जालौन-ललितपुर, रमा निरंजन, भाजपा
17-प्रयागराज ,के पी श्रीवास्तव ,भाजपा
18-सुल्तानपुर ,शैलेन्द्र प्रताप सिंह ,भाजपा
19-मुरादाबाद-बिजनौर ,सत्यपाल सिंह सैनी ,भाजपा
20-अयोध्या ,हरिओम पाण्डेय ,भाजपा
21-प्रतापगढ़ ,अक्षय प्रताप सिंह ,जनसत्ता दल
22-बहराइच-श्रावस्ती ,प्रज्ञा त्रिपाठी, भाजपा
23-गोंडा ,अवधेश कुमार सिंह ,भाजपा
24-रामपुर-बरेली ,कुंवर महाराज सिंह ,भाजपा
25-कानपुर-फतेहपुर ,अविनाश सिंह चौहान, भाजपा
26-पीलीभीत-शाहजहांपुर , डॉक्टर सुधीर गुप्ता ,भाजपा
27-मुजफ्फरनगर-सहारनपुर, वंदना मुदित वर्मा ,भाजपा

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बहराइच-श्रावस्ती से भाजपा की प्रज्ञा त्रिपाठी ने जीत दर्ज की है।

वाराणसी में भाजपा की करारी हार

वाराणसी सीट पर बाहुबली बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा देवी ने बीजेपी के सुदामा पटेल को चुनाव हरा दिया है। सुदामा पटेल यहां तीसरे नंबर पर आए हैं। बृजेश सिंह इस समय जेल में हैं।

10 अप्रैल को हुए मतदान के लिए MLC चुनाव के 58 जिलों में 739 बूथ बनाए गए थे, जिसमें एक लाख 20 हजार 657 मतदाताओं ने वोट डाले थे। इस चुनाव में सांसद, विधायक, सभी प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्‍य और अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्‍य और अध्यक्ष के साथ नगर निगम के पार्षद, मेयर, नगर पंचायतों के सदस्य और अध्यक्षों ने मतदान किया।

आजमगढ़ में BJP से निष्कासित MLC यशवंत सिंह के बेटे विक्रांत सिंह ने BJP प्रत्याशी अरुणकांत यादव को चुनाव हरा दिया है।

इस चुनाव में उत्तर प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी का तो सफाया हो गया है। भाजपा के अलावा दो सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं जबकि एक सीट पर राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक को जीत मिली है।

प्रतापगढ़ में राजा भैया का जलवा: जनसत्ता दल लोकतांत्रिक प्रत्याशी अक्षय प्रताप जीते

 

उत्तर प्रदेश राजनीति में पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का जलवा है। विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक को दो सीट मिली तो विधान परिषद चुनाव में भी प्रतापगढ़ सीट जीती है।

प्रतापगढ़ के एमएलसी चुनाव में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रत्याशी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी 1721 मत पाकर 1107 वोटों से जीते। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी हरि प्रताप सिंह को 614 मत मिले। तीसरे स्थान पर रहे समाजवादी पार्टी प्रत्याशी विजय यादव को 380 मत मिले। अक्षय प्रताप सिंह ने लगातार पांचवीं बार इस सीट पर जीत दर्ज की है।

सहारनपुर-मुजफ्फरनगर-शामली से जीती भाजपा की वंदना वर्मा

भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी वंदना मुदित वर्मा ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर-शामली विधान परिषद के चुनाव में समाजवादी पार्टी के मोहम्मद आरिफ जौला को बड़े अंतर से पराजित किया। वंदना वर्मा को 3843 मत मिले। प्रतिदंद्धी आरिफ को 842 वोट मिले। वंदना वर्मा ने 3001 वोट के बड़े अंतर से जीत हासिल की। निर्दलीय सुशील कुमार को 11, मोहम्मद जाहिद को छह व प्रमोद आर्य को 18 वोट मिले। 212 मत निरस्त घोषित किये गए।

वंदना मुदित वर्मा मुजफ्फरनगर जनपद के कुतुबपुर गांव निवासी हैं। दो बार से जिला पंचायत सदस्य हैं। डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक की दो बाएं चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। इनके जेठ शशांक शेखर सिंह मायावती सरकार में कैबिनेट सचिव थे। निकाय चुनाव से पहले वंदना भाजपा में शामिल हुई थींं। इनके पति मुदित वर्मा बड़े कारोबारी हैं।

कानपुर-फतेहपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी अविनाश सिंह को एकतरफा जीत

कानपुर- फतेहपुर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन में भाजपा प्रत्याशी अविनाश सिंह ने बड़ी जीत पाई। अविनाश सिंह ने एकतरफा प्रथम वरीयता में ही 4619 मत हासिल कर लिए। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी दिलीप सिंह उर्फ कल्लू को मात्र 299 मत हासिल हुए।

इटावा-फर्रुखाबाद से जीते भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशुदत्त द्विवेदी

भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशुदत्त द्विवेदी ने इटावा-फर्रुखाबाद स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद सदस्य चुनाव में जीत दर्ज की है। मतगणना समाप्त होने पर जिला प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार भाजपा प्रत्याशी प्रांशुदत्त द्विवेदी 3482 मतों से चुनाव जीत गए हैं।

उन्हें कुल 4139 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी सपा प्रत्याशी हरीश यादव को मात्र 657 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। निर्दलीय उम्मीदवार नरेंद्र सिंह को कुल 28 वोट मिले। मतगणना के दौरान 232 वोट निरस्त किए गए। भाजपा प्रत्याशी प्रांशुदत्त द्विवेदी भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

वाराणसी-भदोही-चंदौली सीट से निर्दलीय अन्नपूर्णा सिंह ने जीत दर्ज की, भाजपा तीसरे स्थान पर : वाराणसी-भदोही-चंदौली सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी अन्नपूर्णा सिंह ने जीत दर्ज की है। विधान परिषद सदस्य रहे माफिया बृजेश सिंह की पत्नी ने वाराणसी-भदोही-चंदौली सीट पर अंतिम चक्र की मतगणना के बाद जीत दर्ज की।

अन्नपूर्णा सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी उमेश यादव को हराया। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डाक्टर सुदामा पटेल तीसरे स्थान पर रहे। निर्दलीय अन्नपूर्णा सिंह को 4234, भाजपा के डाक्टर सुदामा पटेल को 170 तथा समाजवादी पार्टी के उमेश यादव को 345 वोट मिले। यहां  कुल 4876 में से 127 मतपत्र निरस्त भी हुए।

आजमगढ़ से भाजपा से निष्कासित यशवंत सिंह के पुत्र निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत सिंह रिशू जीते

आजमगढ़-मऊ सीट से भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह के पुत्र निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत सिंह रिशू ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को हराया है। विक्रांत को मैदान में उतारने के कारण ही भाजपा ने इनके पिता पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह को छह वर्ष के लिए पार्टी से निकाल दिया है।

आजमगढ़-मऊ स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य चुनाव के परिणाम में भाजपा के बागी प्रत्याशी और एमएलसी यशंवत सिंह के पुत्र निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत सिंह रिशू 4076 मत पाकर विजयी हुए। यहां भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी पूर्व विधायक अरुणकांत यादव को 1262 और समाजवादी पार्टी के राकेश कुमार यादव को 356 मत मिले हैं। निर्दलीय अंबरीश को मात्र 13 और सिकंदर कुशवाहा को तीन मत मिले। सीट पर पहली बार कोई निर्दल प्रत्याशी जीता ।

लखनऊ-उन्नाव सीट पर भाजपा के रामचंद्र प्रधान ने अखिलेश यादव का करीबी हराया

उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य के चुनाव में लखनऊ-उन्नाव सीट पर भाजपा के रामचंद्र प्रधान ने जीत दर्ज की है। रामचंद्र प्रधान ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बेहद करीबी निर्वतमान एमएलसी सुनील सिंह यादव ‘साजन’ को हराया है।

भाजपा प्रत्याशी रामचंद्र प्रधान को 3488 वोट मिले। समाजवादी पार्टी के सुनील सिंह यादव साजन को 400 वोट मिले हैं। यहां पर 88 वोट अवैध घोषित हो गए।

बहराइच से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा त्रिपाठी को मिली जीत

विधान परिषद सदस्य बहराइच-श्रावस्ती के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा त्रिपाठी ने एकतरफा जीत दर्ज की । भाजपा प्रत्याशी ने 3188 मतों के अंतर से जीत हासिल की है। उन्हें 3369 मत मिले, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी अमर यादव मात्र 225 मत प्राप्त कर सके। 1996 में सुभाष त्रिपाठी की एमएलसी जीत के बाद भाजपा को अब इस बार सफलता मिली। स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य बहराइच-श्रावस्ती पर लगातार दो बार से समाजवादी पार्टी के पहले कुंवर अरुणवीर सिंह और पिछली बार हाजी इमलाक खां एमएलसी निर्वाचित हुए थे।

जौनपुर से भारतीय जनता पार्टी के बृजेश सिंह प्रिंसू ने जीत दर्ज की, सपा प्रत्याशी को 2357 मत से हराया

जौनपुर से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी निर्वतमान एमएलसी भाजपा प्रत्याशी बृजेश सिंह प्रिंसू ने जीत दर्ज की है। प्रिंसू ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को 2357 मतों से शिकस्त दी।  भाजपा प्रत्याशी बृजेश सिंह प्रिंसू 2357 मतों से विजयी हुए।  कुल 3961 मतों में भाजपा प्रत्याशी बृजेश सिंह प्रिंसू को 3129 मत तथा समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डाक्टर मनोज यादव को 772 मत मिले। इसके अलावा निर्दल प्रत्याशी भानू प्रसाद को 11 मत मिले। 51 मत अवैध घोषित किए गए हैं।

 

बदायूं, हरदोई, खीरी, मिर्जापुर-सोनभद्र, बांदा-हमीरपुर, अलीगढ़, बुलंदशहर और मथुरा-एटा-मैनपुरी जैसे आठ स्थानीय प्राधिकरणों के निर्वाचन क्षेत्रों से नौ एमएलसी निर्विरोध चुने गए हैं जिसमें मथुरा-एटा-मैनपुरी स्थानीय प्राधिकरण के निर्वाचन क्षेत्र से दो एमएलसी, जबकि बाकी निर्वाचन क्षेत्रों से एक-एक एमएलसी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

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