रेडिसन ब्लू होटल मालिक अमित जैन के स्यूसाइड के पीछे उत्तरांखड का आईपीएस?

Suicide Case: करोड़ों रुपये के कर्ज में डूबे रेडिसन ब्लू होटल के मालिक ने की आत्महत्या
Delhi Suicide Case कौशाम्बी रेडिसन ब्लू के मालिक अमित जैन की आत्महत्या का मामला सामने आया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि मौके से अभी तक किसी तरह का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है

नई दिल्ली [शुजाउद्दीन]। Delhi Suicide Case: रेडिसन ब्लू होटल के मालिक ने करोड़ो रुपये के कर्ज के चलते शनिवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अमित जैन (47 वर्ष) के रूप में हुई है। उन्होंने राष्ट्र मंडल खेल गांव में किराये के घर में वारदात को अंजाम दिया। मंडावली थाना पुलिस खुदकुशी की धारा में प्राथमिकी पंजीकृत कर मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला कि अमित ने बैंक व कई लोगों से तीन सौ करोड़ रुपये का कर्ज लिया हुआ था, जिसकी भरपाई वह नहीं कर पा रहे थे। आशंका है कि कर्ज के चलते उन्होंने अपनी जान दी। पुलिस ने बताया कि अमित जैन अपने परिवार के साथ राष्ट्र मंडल खेल गांव में टावर नंबर-13 में किराये के फ्लैट में रहते थे। परिवार में पत्नी नीतू जैन, बेटी खुशी और बेटा आदित्य है। खुशी लंदन में पढ़ाई करती है, जबकि आदित्य दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। अमित कौशांबी स्थित होटल रेडिसन ब्लू के मालिक थे। शनिवार को अमित घर में अकेले थे।अब एबीपी न्यूज के संजय त्रिपाठी के एक ट्वीट से चर्चा उठी है कि कोरोना काल में भारी घाटे के बाद ऋणदाताओं का अमित जैन पर पैसा वापसी का दबाव था और उनमें उत्तरांखड का एक आईपीएस भी है जिसकी काली कमाई होटल में लगी थी। बताया जाता है कि अमित जैन पर तीन अरब रुपए से ज्यादा ऋण था। लेकिन साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि गाजियाबाद पुलिस ने अभी तक इस बारे में उत्तराखंड पुलिस से संपर्क नहीं किया गया है।

 

रविवार सुबह परिवार को सौंपा जाएगा शव

दोपहर के समय उनका बेटा कार चालक के साथ खेल गांव वाले घर पहुंचा, कई बार बेल बजाने के बाद भी अमित ने दरवाजा नहीं खोला। उनकी कार भी टावर से बाहर सड़क किनारे खड़ी हुई थी। चालक ने मामले की सूचना खेल गांव की सोसायटी को दी, बेटे व चालक ने दूसरी चाबी बनवाकर घर खोला तो उनके होश उड़ गए। अमित फंदे के सहारे पंखे से लटके हुए थे। 12: 30 बजे मामले की सूचना पुलिस को दी गई। अमित को फंदे से उतारकर अचेत हालत में पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को कब्जे में लेकर एलबीएस अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रात में उनका पोस्टमार्टम हुआ, रविवार सुबह परिवार को शव सौंपा जाएगा।

जानकारी के मुताबिक अमित जैन के दिल्ली के कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज में अपने घर में फांसी लगा लेने के संबंध में शनिवार 12:58 बजे पीएस मंडावली, पूर्वी जिले में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी।

पूछताछ में पता चला है कि अमित जैन अपने नोएडा स्थित नए घर (जहां वह परिवार सहित शिफ्टिंग कर रहे थे) से नाश्ता करके सुबह सीडब्ल्यूजी विलेज स्थित अपने घर आए थे. एक दिन पहले शुक्रवार को पूरा परिवार नोएडा में ही रुका था. सुबह वह गाजियाबाद में अपने भाई करण को उनके ऑफिस में छोड़ने के बाद एक कार में अकेले कॉमनवेल्थ गेम्स गांव चले गए.

पुलिस ने रिश्तेदारों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए
अमित जैन का बेटा आदित्य ड्राइवर के साथ जब सामान लेने के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज में उनके घर पहुंचा, तो उन्होंने जैन को लटका हुआ पाया. परिजन उन्हें तुरंत मैक्स पटपड़गंज ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस ने रिश्तेदारों और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं और अभी तक षड्यंत्र का कोई आरोप सामने नहीं आया है.

पुलिस के मुताबिक आगे की पूछताछ जारी है और सीआरपीसी की धारा 174 में कार्रवाई की जा रही है.

 

बैंक सहित कई लोगों से लिया हुआ था कर्जा

पुलिस को पूछताछ में परिवार ने बताया कि अमित ने कारोबार के लिए बैंक सहित कई लोगों से करीब तीन सौ करोड़ रुपये का कर्ज लिया हुआ था। काेरोनाकाल में कारोबार में काफी घाटा हो गया था, बैंक व अन्य लोग कर्ज वापसी करने के लिए दबाव बना रहे थे। जिस वजह से अमित काफी दबाव में थे, लेकिन वह अपनी परेशानी घर वालों से साझा नहीं कर रहे थे। अमित के मोबाइल को कब्जे में लेकर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पता लगा रही है उन्होंने कितने लोगों से कर्ज लिया हुआ था।

खुदकुशी से एक दिन पहले ही दिल्ली से नोएडा के घर में हुए थे शिफ्ट

पुलिस ने बताया कि कुछ दिनों पहले ही अमित ने नोएडा सेक्टर-44 में एक घर किराये पर लिया था, शुक्रवार को ही वह खेल गांव से अपने नए घर में शिफ्ट (स्थानांतरित) हो गए थे। अधिकतर सामान नोएडा ले गए थे, कुछ सामान खेल गांव के घर में बचा था। शनिवार सुबह उन्होंने नोएडा में परिवार के साथ नाश्ता किया। इसके बाद कार से पहले अपने छोटे भाई करण जैन को गाजियाबाद छोड़ा और फिर सामान लेने जाने का बहाना बनाकर अकेले ही खेल गांव में अपने घर चले गए।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *