पुण्य स्मृति: ब्रिटिश भेदिया मान बंदी अब्दुल जलील की जान ली थी जापानियों ने

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बच्चों में मानवीय मूल्यों के विकास, समाज-सुधार तथा राष्ट्रवादी जन-चेतना के लिए समर्पित *मातृभूमि सेवा संस्था* आज देश के स्वतन्त्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों एवं ज्ञात-अज्ञात राष्ट्रभक्तों को उनके जयंती, पुण्यतिथि व बलिदान दिवस पर कोटिश: नमन करती है।🙏🙏

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🔥🔥 *अब्दुल जलील जी* 🔥🔥
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*समर में घाव खाता है उसी का मान होता है,*
*छिपा उस वेदना में अमर बलिदान होता है।*

📝 राष्ट्रभक्त साथियों, मातृभूमि की अजादी में अनेक क्रांतिकारी संगठनों का योगदान रहा है। अनुशीलन समिति, युगांतर पार्टी, HRA, HSRA, मातृवेदी आदि। साथियों, ठीक इसी तरह देश की आज़ादी में *’भारतीय स्वतंत्रता लीग’* Indian Independence League अर्थात् IIL ने भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। IIL 1920 से 1940 के दशक तक भारत के बाहर रहने वाले लोगों को संगठित करने के लिए संचालित एक राजनीतिक संगठन था, जिसका उद्देश्य भारत से ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन को हटाना था। राष्ट्रभक्त साथियों महान क्रांतिकारी रासबिहारी बोस जी द्वारा स्थापित IIL बाद में आज़ाद हिंद फौज़ ( *INA* ) के नाम से प्रसिद्ध हुई, जिसका नेतृत्व जनरल मोहन सिंह जी के पास था, जिसे बाद में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी को सौंपा गया। आज हम बात करेंगे क्रांतिकारी संगठन IIL से जुड़े अमर बलिदानी अब्दुल जलील जी की, जिनका जन्म 15.02.1910 को अंडमान के नज़ीर मोहम्मद के पुत्र के रूप में हुआ था।🙏🙏🌷🌷

📝 अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर के अबरडीन बाज़ार के निवासी अब्दुल जलील जी पेशे से शिक्षक थे। देशभक्ति भावना से ओतप्रोत अब्दुल जलील जी ने *भारतीय स्वतंत्रता लीग* की सदस्यता ग्रहण की और संस्था के राजनैतिक एवं वित्तीय (political & financial) समर्थन में सक्रिय हो गए। वर्ष 1942-1945 के दौरान अंडमान निकोबार जापान एवं आज़ाद हिंद फौज़ के अधिकार क्षेत्र में था। इस दौरान अक्टूबर 1943 में अब्दुल जलील जी को ब्रिटिश सरकार के लिए गुप्तचरों करने के संदेह पर जापानी सैनिकों द्वारा गिरफ्तार के सेल्यूलर जेल में कैद कर लिया गया। उनसे जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से उन पर अत्यधिक अमानवीय अत्याचार किए गए और अंत में 30 जनवरी, 1944 को जापानी सैनिकों द्वारा उन्हें गोली मार दी गई। उन्हे अंडमान के होमफ्रेगुंज में दफनाया गया। *मातृभूमि सेवा संस्था आज अमर बलिदानी अबदुल जलील जी के 77वें बलिदान दिवस कोटि कोटि नमन करती है।* 🌷🙏🌷

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✍️ राकेश कुमार
🇮🇳 *मातृभूमि सेवा संस्था 9891960477* 🇮🇳

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