‘हिट एंड रन’ पर नये कानून के विरुद्ध उत्तरांखड में भी निजी चालकों की हड़ताल शुरू

केंद्र सरकार के नए कानून के विरोध में हड़ताल पर निजी ट्रांसपोर्टर, जगह-जगह प्रदर्शन; पुलिस ने बरसाए डंडे
प्रदेशभर में केंद्र सरकार के नए कानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहा है। रोडवेज बसों का चक्काजाम है। चालकों ने बस संचालन से इनकार कर दिया। किसी भी राज्य की रोडवेज बस भी नहीं आ रही, जो बसें कल बाहर गई थी वो वापस लौट गई। हजारों यात्री परेशान होकर इधर उधर भटकते रहे ।

केंद्र सरकार के नए कानून के विरोध में हड़ताल पर निजी ट्रांसपोर्टर,जगह-जगह प्रदर्शन;पुलिस ने बरसाए डंडे केंद्र सरकार के नए कानून के विरोध में हड़ताल पर निजी ट्रांसपोर्टर

देहरादून 01 जनवरी । केंद्र सरकार की ओर से एमवी एक्ट के नियमों में बदलाव को लेकर प्रदेश के निजी ट्रांसपोर्टर राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। तीन दिवसीय हड़ताल शुरू होते ही ट्रांसपोर्टर हड़ताल में ज्यादातर निजी बस, टैक्सी,मैक्सी,ट्रेवलर,विक्रम आदि रहे। ट्रांसपोर्टर केंद्र सरकार के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। साफ है कि प्रदेश गुप्तचर विभाग और संबंधित विभाग सोते पकड़े गए।
रोडवेज बसों का चक्काजाम है। चालकों ने बस चलाने से इनकार कर दिया है। यात्री परेशान होकर इधर उधर भटक रहे हैं। किसी भी राज्य की रोडवेज बस भी नहीं आ रही और वहीं जो बसें कल बाहर गई थी, वो अब वापस लौट रही। अप्रत्याशित हड़ताल को लेकर किसी अधिकारी को जानकारी नहीं थी। रोडवेज के उच्चाधिकारी आइएसबीटी पर जमा हो गए। सरकार का गुप्तचर तंत्र भी संकट भाप पाने में रहा विफल।

मुस्कान चौक पर बाहर से आने वाले वाहन रोके

हड़ताल में बाहर से आने वाले वाहनों को ऑटो व टैक्सी चालकों ने आइएसबीटी के पास मुस्कान चौक पर रोक दिया, जिससे वहां भीड़ लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस से प्रदर्शनकारियों की नोकझोंक हुई। इसके बाद भीड़ को तितर बितर करने को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर डंडे बरसाए। एमडी टैक्सी सर्विस से संचालक फरहाद ने बताया कि मामला बढ़ता देख कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस आइएसबीटी चौकी ले गई।

वार्ता के बाद ऋषिकेश को बस रवाना

इसके बाद आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी ने आइएसबीटी पहुंच बस चालकों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हमें सबसे पहले उन यात्रियों की परेशानी को समझना होगा जो सुबह चार बजे से बसों का इंतजार कर रहे हैं। वार्ता के बाद उन्होंने ऋषिकेश की बस रवाना करवाई। उन्होंने कहा कि इसके बाद हरिद्वार, सहारनपुर, रुड़की की बस रवाना होंगी।

IMPACT OF CHANGE IN HIT AND RUN LAW VISIBLE IN UTTARAKHAND
हिट एंड रन’ कानून में बदलाव का उत्तराखंड में दिखा असर, जाम हुए गाड़ियों के पहिये, सड़कों पर परेशान घूमते दिखे लोग
चालक परिचालक संघ की देशव्यापी हड़ताल के कारण का उत्तरखंड में भी असर देखने को मिला. देहरादून, हरिद्वार में लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट न मिलने के कारण परेशान होना पड़ा. हरिद्वार देहरादून में ऑटो, टैक्सी और यहां तक की प्राइवेट और सरकारी बसों के पहिए भी जाम रहे.

‘केंद्र सरकार ने हाल ही में हिट एंड रन कानून में संशोधन किया है. जिसमें दोषी ड्राइवर पर सात साल तक की सजा के साथ ही दस लाख रुपये तक जुर्माना है. कानून में बदलाव के बाद हिट एंड रन मामलों में सजा बढ़ गई है, जिससे देश भर में ड्राइवरों का विरोध शुरू हो गया है. जिसका असर देहरादून, हरिद्वार में देखने को मिल रहा है. यहां ड्राइवर यूनियन ने चक्का जाम कर दिया है. जिसके कारण नये साल के पहले दिन लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
देहरादून में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के स्टैंडों पर दिखी भीड़ साल 2024 का पहला दिन देहरादून के आम लोगों के लिए मुश्किल भरा रहा.  देहरादून में विक्रम और मैजिक जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हड़ताल से लोगों को आवाजाही में बड़ी परेशानियां रही. घंटों लोग इंतजार करते रहे. पब्लिक ट्रांसपोर्ट के स्टैंडों पर लोगों की भीड़ लगी रही. नये साल देहरादून घूमने आये पर्यटक भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट न मिलने के कारण परेशान दिखे.

दरअसल, देहरादून में अधिकांशत: लोग विक्रम और दूसरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करते हैं. देहरादून शहर में एक हजार विक्रम और मैजिक व अन्य वाहन चलते हैं. यही आवाजाही के प्रमुख साधन हैं. ऐसे में हड़ताल के चलते लोगों की मुश्किलें बढ़ गई . बातचीत में विक्रम चालक दीपक वर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार के कानून से  उनमें नाराजगी है. इस पर सरकार विचार करे.

हरिद्वार में भी परेशान दिखे यात्री

हरिद्वार में भी ड्राइवर यूनियन के विरोध से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. धर्मनगर हरिद्वार में भी इसका खासा असर दिखा. नए साल के पहले दिन हरिद्वार  पहुंचे श्रद्धालुओं को खासी दिक्कत हुई. लोगों ने कहा कि उन्हें किसी भी तरह की पूर्व सूचना नहीं थी. अब उनके लिए घर पहुंचना मुश्किल हो रहा है.
नए ट्रैफिक कानून के विरोध में आज चालक परिचालक संघ की देशव्यापी हड़ताल है. हरिद्वार में भी हड़ताल का  असर दिखा. ऑटो, टैक्सी और यहां तक की प्राइवेट और सरकारी बसों के पहिए भी जाम रहे. ट्रांसपोर्ट महासंघ के अध्यक्ष ने केंद्र सरकार के बनाए नए ट्रैफिक कानून को गलत बताया. उन्होंने सरकार से एक बार फिर से इस कानून पर पुनर्विचार करने की मांग की.

Uttarakhand Roadways: three days Strike Of Kemu Buses Started In Uttarakhand
रोडवेज समेत केमू बसों की हड़ताल शुरू, यहां-वहां भटक रहे यात्री

नए कानून के विरोध में  रोडवेज बस चालक हड़ताल पर चले गए। चालकों के प्रदर्शन और हड़ताल का असर प्रदेश के साथ-साथ रामनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में भी देखने को मिला। इससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बता दें कि, हिट एंड रन केस के नए प्रावधान को लेकर ट्रांसपोर्ट नगर व्यापारी एसोसिएशन ने केंद्र सरकार की ओर से लागू नए प्रावधान को लेकर नाराजगी जता विरोध  प्रदर्शन किया। सरकार से इस प्रस्तावित कानून पर पुनः विचार करने की मांग की गई।
केंद्रीय मंत्रीमंडल ने वाहन से दुर्घटना होने पर चालक को 10 वर्ष का करावास और पांच लाख अर्थदंड के नए प्रावधान के विरोध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन कांग्रेस ने तीन दिनी देशव्यापी हड़ताल की है। महासंघ टैक्सी यूनियन कुमाऊं मंडल ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है। बुधवार तक टैक्सियां नहीं चलेंगी।
महासंघ टैक्सी यूनियन कुमाऊं मंडल के अध्यक्ष ठाकुर सिंह बिष्ट ने कहा कि देशव्यापी हड़ताल का यूनियन समर्थन करती है। एक जनवरी 2024 से तीन जनवरी तक तीन दिनी देशव्यापी हड़ताल को केमू समेत अन्य का समर्थन है। उन्होंने समस्त विभागों में अधिग्रहित व्यावसायिक वाहन चालकों/मालिकों से अनुरोध किया है कि वह भी इस बंद में अपना पूर्ण समर्थन दें।
ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि जब भी कोई दुर्घटना होती है तो ड्राइवर बचने को नहीं भागता बल्कि, बेकाबू  भीड़ से जान बचाने को भागता है। ऐसे में उस पर कठोर सजा और जुर्माना ठीक नहीं है। एसोसिएशन अध्यक्ष अमरजीत सिंह सेठी और महामंत्री प्रदीप सब्बरवाल ने कहा कि हिट एंड रन केस के नए प्रावधानों ने ट्रक चालकों में भय है। कई ट्रक चालक नौकरी छोड़ चुके हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्ट कारोबार खतरे में है।

नए कानून में दुर्घटना की स्थिति में ट्रक चालक पर सात लाख रुपये का जुर्माना और 10 साल कैद की सजा का प्रावधान है। जो ट्रक चालक की आर्थिक स्थिति के अनुसार गलत है।

वहीं, हरिद्वार, देहरादून और रुड़की में भी हिट एंड रन कानून के विरोध में जमकर प्रदर्शन हुआ। हरिद्वार में बहादराबाद-सिडकुल फोरलेन पर ट्रक चालकों ने बीच रोड  गाड़ी खड़ी कर कर विरोध जताया। इससे लोगों को तो परेशानी झेलनी पड़ी वहीं गाड़ियों का लंबा जाम लग गया। हालांकि ट्रक चालक पारिवारिक गाड़ियों को जाने दे रहे हैं।

इस तरह झूठे पोस्टर-पंफलेट से भड़काया गया अल्पशिक्षित ड्राइवरों को 

वहीं, सिडकुल-बहादराबाद फोर लेन पर भाईचारा पुलिस पिकेट, सलेमपुर चौक से सिडकुल की ओर तीन स्थानों पर ट्रक चालकों ने बीच रोड जेसीबी मशीन, ऑटो रिक्शा, पिकअप आदि गाड़ियां खड़ी कर दी। ऑटो रिक्शा से आने वाली सवारियों को नही बैठाया जा रहा है। महिलाएं और बच्चे पैदल जा रहे हैं।

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