11 महीनों का ही रेंट एग्रीमेंट बनवाते हैं प्रापर्टी ऑनर? किरायेदारों को क्या अधिकार है देश में

What Is 11 Month Rent Agreement With Landlord Tenant Know Haq Ki Baat

11 महीने का ये चक्कर क्या है, किराएदारों की बेसिक राइट्स क्या हैं?

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मकान मालिक और किरायेदारों के बीच अक्सर रेंट एग्रीमेंट को लेकर कहासुनी की खबरें आती रहती हैं। आखिर मकान मालिक के क्या अधिकार होते हैं और किरायेदार के पास क्या राइट्स होते हैं। आइए समझते हैं।

हाइलाइट्स
1-किरायेदार और मकान मालिक के अधिकार के बारे में जानते हैं?
2-11 महीने का रेंट एग्रीमेंट ही क्यों करते हैं मकान मालिक
3-हक की बात में आज किरायेदार के अधिकार की बात

नई दिल्ली 13 अप्रैल: मकान मालिक और किरायेदारों के बीच खट्टे-मीठे रिश्तों की खबरें अक्सर सामने आती रहती है। हर साल किराया बढ़ाने से लेकर रेंट एग्रीमेंट को लेकर कई सवाल-जवाब हवा में तैरते हैं। हर 11 महीने में 10% बढ़ाने का चक्कर। जब-तब मकान खाली करने की धमकी। तो सवाल उठता है कि आखिर किरायेदारों के अधिकार क्या हैं? मकान मालिक हर साल कितना किराया बढ़ा सकता है? मकान मालिक और किरायेदारों की चिक-चिक क्यों होती है? आइए आपको हक की बात में मकान मालिक और किरायेदारों के हक की बात बताते हैं।

क्या 11 महीने से ज्यादा वक्त के लिए बन सकता है रेंट एग्रीटमेंट?

दरअसल, रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1908 के सेक्शन 17 के तहत इस बात का कहीं भी जिक्र नहीं है कि रेंट एग्रीमेंट केवल 11 महीने के लिए ही बनेगा। दरअसल, मकान मालिक और किरायेदार 12 महीने से कम का एग्रीमेंट इसलिए बनाते हैं कि ये बिना किसी दिक्कत के बन जाता है। इससे दोनों पक्षों को सब रजिस्ट्रार के ऑफिस में कागजात को रजिस्टर्ड कराने के चक्कर से बच जाते हैं। 11 महीने के रेंट एग्रीमेंट का स्टैंप ड्यूटी कम लगता है जबकि उससे ज्यादा वक्त का रेंट एग्रीमेंट बनाने में ज्यादा पैसे का स्टैंप ड्यूटी देना पड़ेगा। इसलिए दोनों पक्ष 11 महीने का ही एग्रीमेंट बनाते हैं।

किरायेदारों का बेसिक अधिकार क्या होते हैं, हर साल मकान मालिक कितना किराया बढ़ा सकते हैं?

कोई भी मकान मालिक अपने किरायेदार को जरूरी सेवाओं जैसे, बिजली, पानी आदि से मना नहीं कर सकता है। जहां तक हर साल किराया बढ़ाने की बात है तो ये स्थानीय राज्यों के नियमों के अनुसार होता है। जैसे अगर आप महाराष्ट्र में हैं तो वहां के महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट 1999 के तहत मकान मालिक हर साल 4% किराया बढ़ाने का अधिकार रखते हैं। यहां ये भी बता दें कि किरायेदार को स्टैंडर्ड रेंट देना होता है। अगर मकान मालिक मकान में कुछ बदलाव करता है या उसके स्ट्रक्चर में चेंज करता है तो वह 4% के मानक से ज्यादा किराया बढ़ा सकता है और यह 25% तक हो सकता है।
लंबे समय तक किराये पर रहने कितना फायदेमंद
अगर दोनों पक्ष इसबात के लिए सहमत होते हैं तो वो मकान मालिक और किरायेदार लंबे समय के लिए एग्रीमेंट कर सकते हैं। अगर किरायेदार 5 साल के लिए रहना चाहते हैं तो उसके अधिकार को देखते हुए रेंट एग्रीमेंट का रजिस्टर कराया जाना चाहिए। अगर केवल नोटरी के जरिए चीजें होंगी तो 5 साल के टर्म के बावजूद मकान मालिक बिना कोई कारण बताए किरायेदार को एक महीने का नोटिस देकर निकाल सकता है।

11 महीने के कॉन्ट्रैक्ट से किसका फायदा?

जब बात एग्रीमेंट को रद्द करने की बात आती है तो11 महीने के रेंट एग्रीमेंट से मकान मालिक का फायदा होता है। इससे मकान मालिक के पास किराया बढ़ाने का मौका मिल जाता है। दरअसल, मकान मालिक किसी विवाद से बचने के लिए छोटी अवधि का ही रेंट एग्रीमेंट बनवाते हैं। जहां तक कानूनी नजरिए से देखें तो रेंट एग्रीमेंट सबूत के तौर पर कोर्ट में नहीं रखा जा सकता है। ऐसे में गैर रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट को किरायेदार अपने अधिकार के तौर पर पेश नहीं कर सकते है.

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