दुखद:केदारनाथ धाम में हैलीकॉप्टर टेल रोटर से कटी अफ़सर की कटी गर्दन, मौत

Kedarnath UCADA Finance Controller Died After Being Hit By A Helicopter In Kedarnath

धाम में हादसा, निरीक्षण के लिए पहुंचे यूकाडा के वित्त नियंत्रक की हेलीकॉप्टर की चपेट में आने से मौत

देहरादून/रुद्रप्रयाग 23 अप्रैल। केदारनाथ धाम में हेलीपैड पर हेली से उतरते हुए यूकाडा के वित्त नियंत्रक अमित सैनी दुर्घटना का शिकार हो गए। हेलीकॉप्टर की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।

केदारनाथ में एमआई-26 हेलीपैड के निरीक्षण को पहुंचे 2017 बैच के पीसीएस अधिकारी यूकाडा के वित्त नियंत्रण अमित सैनी की हेलीकॉप्टर के टेल रोटर की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस  शव का पंचनामा सहित अन्य जरूरी कार्रवाई कर रही हैं।

रविवार को यूकाडा के वित्त महाप्रबंधक अमित सैनी हेलीपैड निरीक्षण व हेलीकॉप्टर सेवा व्यवस्थाओं के निरीक्षण को केदारनाथ पहुंचे हुए थे। दोपहर बाद लगभग पौने एक बजे वह वापस लौटने के लिए हेलीकॉप्टर की तरफ गए। लेकिन अचानक हेलीकॉप्टर के टेल रोटर की चपेट में आ गए, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जब वह हेलीकॉप्टर की तरफ जा रहे थे, उन्हें पीछे से कई लोगों ने आवाज भी दी कि वह उल्टी तरफ से जा रहे हैं। लेकिन उन्हें सुनाई नहीं दिया।

दुर्घटना के समय केदारनाथ में मौजूद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि उन्हें जो जानकारी मिली है, उसके हिसाब से यूकाडा वित्त नियंत्रक हेलीकॉप्टर में बैठने के लिए दूसरी तरफ से जा रहे थे, जिस कारण वह टेल रोटर की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि पुलिस  शव का पंचनामा कर रही है। उसके बाद शव को संभवतः देहरादून भेजा जाएगा। इधर, पुलिस अधीक्षक डाक्टर विशाखा अशोक भदाणे ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का सही पता जांच के बाद ही लग पाएगा। उन्होंने सेल्फी लेने के चलते दुर्घटना की चर्चाओं को शरारतपूर्ण बताते हुए ऐसे किसी भी घटनाक्रम को पूरी तरह से नकारा है।

सवा दो बजे हुई इस दुर्घटना को लेकर ब्रेकिंग न्यूज की होड़ में इतनी विवादास्पद और गैरजिम्मेदाराना बातें प्रसारित हुई है कि जांच कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। हद तो तब हुई कईयों ने तो स्वर्गीय अमित सैनी का नाम जितेन्द्र कुमार सैनी तक प्रचारित कर दिया। वे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के भी वित्त नियंत्रक थे।

ये दुर्घटना एक मंहगा सबक

this accident is a costly lesson

केदारनाथ धाम के हेलीपैड पर रविवार को दुर्घटना एक सबक है। यूसीएडीए के फाइनांस कंट्रोलर की हेलीपैड पर मौत से हर कोई हैरान है। इस दुर्घटना का बड़ा सबक यह है कि जरा सी लापरवाही आपकी जान ले सकती है।

दरअसल, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के वित्त नियंत्रक अमित सैनी की रविवार दोपहर केदारनाथ में हेलीकॉप्टर के टेल रोटर ब्लेड की चपेट में आने से मौत हो गई। इसको लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। रुद्रप्रयाग जिले के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके रजवार ने इस दुर्घटना को लेकर कहा कि यह घटना केदारनाथ में गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के हेलीपैड पर दोपहर करीब 2.15 बजे हुई। इस दुर्घटना ने चार धाम यात्रा के तहत 25 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले सनसनी मचा दी है। इस मामले को लेकर सीएम धामी ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, यात्रा के दौरान सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कराने का निर्देश दिया है।

राज्य वित्त सेवा के 2017 बैच के अधिकारी अमित सैनी 25 अप्रैल से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा से पहले ऑडिट और निरीक्षण को रविवार सुबह अन्य अधिकारियों के साथ देहरादून से केदारनाथ गए थे। दुर्घटना तब हुई जब काम पूरा कर वापस देहरादून जा रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे केस्ट्रेल एविएशन कंपनी के हेलीकॉप्टर पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन्हें हेलिकॉप्टर के ब्लेड से चोट लग गई। दुर्घटना की वजह एक छोटी सी चूक थी, जिससे उन्हें सावधान भी किया गया था।

गलत साइड में चले गए थे अधिकारी

यूसीएडीए के फाइनांस कंट्रोलर अमित सैनी की मौत की वजह उनके हेलीकॉप्टर के गलत साइड में जाना बताया जा रहा है। रुद्रप्रयाग एसपी विशाखा अशोक भड़ाने ने  बताया कि हेलीकॉप्टर के पायलट ने फाइनांस कंट्रोलर को दूसरी तरफ से हेलीकॉप्टर में चढ़ने के लिए कहा था। प्रोटोकॉल के अनुसार, हेलीकॉप्टर में सामने से जाकर चढ़ा जाता है। अमित सैनी पीछे से हेलीकॉप्टर पर चढ़ने गए थे। इसी में वे टेल रोटर्स की चपेट में आ गए।

एसपी ने बताया कि गर्दन में गंभीर चोट लगने के बाद अमित सैनी की मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव को दोपहर बाद देहरादून भेजा गया। अधिकारी के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। यूकाडा के सीईओ सी. रविशंकर भी दुर्घटना के समय केदारनाथ में थे।

सीएम ने दिए जांच के आदेश

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने घटना को दुखद करार दिया है। मुख्यमंत्री ने मौत पर दुख जताते हुए घटना के पीछे के सही कारण का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि चार धाम यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर से चढ़ते और उतरते समय सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।

 

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर नितिन उपाध्याय की फेसबुक वॉल से

रहने को सदा दहर में आता नहीं कोई
तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई

अमित सैनी

11 जनवरी से पहले हम इनको जानते नहीं थे , जब ये हमारे विभाग में वरिष्ठ वित्त अधिकारी के पद पर तैनात हुए। अगर एक दो दिन ऊपर नीचे कर दें तो शायद 100 दिन का साथ रहा भाई के साथ। अभी इतने पुराने भी नहीं हुए कि फ़ेसबुक फ़्रेंड नहीं है ये ख़्याल आता। आज उनकी फोटो ढूँढने को फ़ेसबुक देखा तो लॉक्ड प्रोफाइल मिली क्योकि हम फ़ेसबुक दोस्त नहीं थे। फोटो अपने एक कॉमन फ़्रेंड से माँगनी पड़ी। मिलनसार, खुशमिज़ाज और अपने काम की समझ रखने वाले अधिकारी थे। एक सुबह से रात 8 बजे तक काम करने वाले । उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन प्राधिकरण में वित्त नियंत्रक का प्रभार भी था, केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा की व्यवस्थाओं से नज़दीकी से जुड़े थे, बहुत उत्साह था इनको कि इस बार यात्रा में हेली सेवा ठीक रहेगी। हाय रे क्रूर नियति, आज केदारनाथ बाबा ने क्या कड़ी परीक्षा ली है अमित के परिवार की , ये तो वही समझ सकते हैं , इतनी कम उम्र में ऐसी हृदय विदारक मृत्यु का वरण … दुःखद। अभी भी ऐसा लग रहा कोई बुरा सपना चल रहा। क्या जीवन है ? किस लिये इतनी भाग दौड़। पता नहीं कब इस ट्रेन का कंडक्टर आके बोल दे , उतरिए आपका स्टॉप आ गया। आप लाख बोलिये अरे अभी तो आगे जाना था। आपके साथ वाले बोलें अरे इन्हें तो अभी लंबा सफ़र करना था। सफ़र ख़त्म तो ख़त्म। ट्रेन चलती रहेगी। कल फिर सूरज निकलेगा बस कुछ के जीवन में एक कभी न ख़त्म होने वाला अंधेरा छाया रहेगा , बाक़ी उनकी कुर्सी कोई और ले लेगा, उनकी फ़ाइलों पर कोई और साइन करेगा , यात्रा भी चलेगी , हेलीकॉप्टर भी उड़ेंगे। बस अमित भाई किसी और सफ़र पे होंगे।

लोग अच्छे हैं बहुत दिल में उतर जाते हैं
इक बुराई है तो बस ये है कि मर जाते हैं

अलविदा भाई

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