दो आतंकियों का पिता शादाब अहमद है अखिलेश का नजदीकी

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022)शादाब अहमद है
आतंकी के पिता संग तस्वीर पर रारः अखिलेश बोले- झूठ फैला रही BJP, मुख्यमंत्री योगी ने किया पलटवार
अहमदाबाद धमाके के गुनहगार मोहम्मद सैफ के पिता शादाब अहमद की पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ भी तस्वीर सामने आई. अब इसे लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक पारा चढ़ गया है.

कुमार अभिषेक/अभिषेक वर्मा
सीतापुर/ लखीमपुर,(19 फरवरी 2022).उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. दो चरणों में 113 सीटों पर मतदान हो गया है, जबकि तीसरे चरण के लिए 20 फरवरी को मतदान होना है. तीसरे चरण के मतदान से ठीक दो दिन पहले गुजरात के 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में विशेष अदालत ने 49 दोषियों के लिए सजा की घोषणा की थी. 38 आरोपितों को फांसी और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. इनमें से कई आतंकी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले हैं. एक आतंकी मोहम्मद सैफ के पिता शादाब अहमद की पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ भी तस्वीर सामने आई. अब इसे लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक पारा चढ़ गया है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भाजपा का आरोप है कि कोर्ट में भी ये कहा गया है कि आरोपित के पिता का सपा अध्यक्ष के साथ लिंक है. लखीमपुरी खीरी पहुंचे अखिलेश यादव ने इन आरोप को लेकर कहा कि यदि कोई झूठ बोल फैला रहा है तो वो भाजपा है. भाजपा नेता अमित मालवीय ने एक तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा है कि अहमदाबाद ब्लास्ट का आरोपित मोहम्मद सैफ समाजवादी पार्टी के नेता शादाब अहमद उर्फ मिस्टर का पुत्र और इंडियन मुजाहिदीन का सदस्य है. फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है. मोहम्मद सैफ का भाई डॉक्टर शहनवाज आलम दिल्ली बम ब्लास्ट में आरोपित है और NIA ने उस पर 10 लाख का इनाम रखा है.

अखिलेश पर मुख्यमंत्री योगी के चुभते बोल

वहीं, सीतापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर कहा कि देखिए समाजवादी पार्टी पहले से ही बदनाम रही है. याद करिए जब 2012 में सपा की सरकार प्रदेश में बनी थी. अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने थे और 2013 में उन्होंने दर्जनों मुकदमे वापस लेने का कुत्सित प्रयास किया था, जिनका संबंध आतंकी घटनाओं से था. उन्होंने अखिलेश यादव पर हमला बोला कि अयोध्या में राम जन्मभूमि, संकट मोचन मंदिर पर हमला रहा हो या गोरखपुर के सीरियल ब्लास्ट रहे हों. कानपुर और बिजनौर के ब्लास्ट के जिम्मेदार जितने भी आतंकी तत्व थे, इन सभी का मुकदमा वापस लेने का प्रयास सपा ने किया था.

मुख्य मंत्री योगी ने कहा कि तब न्यायालय ने मामले को ठीक किया था इसलिए सपा उस वक्त सफल नहीं हुई.कल जो फैसला गुजरात की अहमदाबाद न्यायालय ने दिया है वह बहुत लोगों की आंखें खोलने वाला है.इसमें से कई लोगों के संबंध आजमगढ़ के संजरपुर से हैं.आजमगढ़ का एक आतंकी जिसे फांसी की सजा हुई है, उसका पिता समाजवादी पार्टी का प्रचारक है. सपा के मुखिया के साथ उसकी फोटो है. सपा का हाथ आतंकियों के साथ है. समाजवादी पार्टी को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. देश से माफी मांगनी चाहिए।

शादाब के साथ अखिलेश यादव की तस्वीर (फोटोः ट्विटर)

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संजरपुर के जिस आतंकी के पिता के साथ सपा के मुखिया की तस्वीर आई है, क्या यह झूठ है. यह कट एंड पेस्ट है क्या? अहमदाबाद ब्लास्ट में दर्जनों लोग मरे थे. समाजवादी पार्टी क्या माफी मांगेंगी देश की जनता से? अरविंद केजरीवाल को लेकर जारी विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोई व्यक्ति अगर राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा है. अगर राजनीतिक सत्ता के लिए देश विरोधी तत्वों का इस्तेमाल कर रहा है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

भाजपा ने लिस्ट जारी कर सपा पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सपा सरकार के सत्ता में आने के बाद 2013 में वापस हुए सात जिलों के 14 मामलों में की सूची जारी की है जिनमें केस वापस लिए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी. इनमें वाराणसी, गोरखपुर, बिजनौर, लखनऊ, कानपुर नगर, रामपुर और बारांबकी जिले से जुड़े केस शामिल हैं. हालांकि, कोर्ट ने इन मुकदमों को समाप्त करने से मना करते हुए कई आतंकियों को सजा भी सुनाई थी .

गोरखपुर के केस में आतंकी मोहम्मद तारिक काजमी को लेकर कोर्ट में मुकदमा चला भी. दोषियों को 20 साल सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई. ऐसे ही कानपुर के इम्तियाज अली को 23 साल, सितारा बेगम आदि को सात साल सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई. बाराबंकी मामले में तारिक काजमी और खालिद मुजाहिद को भी आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई. भाजपा का कहना है कि जिन आतंकियों के मुकदमे वापसी के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पैरवी कर रहे थे वो आतंकी थे और न्यायालय ने मुकदमा चला कर उन्हें सजा दी थी जो अखिलेश यादव के आतंकियों से रिश्ते सिद्ध कर रहे हैं।

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