अरविंद केजरीवाल के घर ईडी की खोजबीन शुरू

दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर पहुंची ED की टीम, सर्च ऑपरेशन जारी,भारी पुलिस बल तैनात
ED की टीम शाम को मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर पहुंच गई. ACP रैंक के कई अधिकारी मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे हैं. 6 से 8 अधिकारी मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर समन देने पहुंचे हैं. बता दें कि ईडी इसके पहले भी मुख्यमंत्री केजरीवाल को 9 समन दे चुकी. आज 10वां समन मुख्यमंत्री केजरीवाल को दिया गया .
नई दिल्ली,21 मार्च 2024,दिल्ली के कथित शराब घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं.लगातार 9 समन भेजने के बाद ईडी की टीम 10वें समन के साथ शाम केजरीवाल के घर पहुंच गई है. ईडी के जांच अधिकारी जोगेंद्र केजरीवाल से पूछताछ कर रहे हैं.सूत्रों के अनुसार, घर की भी तलाशी हो रही है.इस बीच केजरीवाल की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है.
इस बीच दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज भी केजरीवाल के घर के बाहर पहुंच गए.उन्होंने कहा कि केजरीवाल को गिरफ्तार करने की तैयारी है.आज ही दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी कि मुख्यमंत्री केजरीवाल को गिरफ्तारी से राहत नहीं है.

इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर पोस्ट की, ‘भाजपा की राजनीतिक टीम (ED) .,केजरीवाल की सोच कैद नहीं कर सकती…क्योंकि AAP ही BJP को रोक सकती हैं.. सोच को कभी भी दबाया नहीं जा सकता’

ईडी ने किया था बड़ा दावा

ED ने सोमवार को रिलीज में कई दावे किए थे. प्रेस रिलीज में अरविंद केजरीवाल का नाम पहली बार लिखते हुए ED ने दावा किया कि ED की जांच में आरोपित के. कविता के साथ केजरीवाल का नाम भी जुड़ा है.ED के अनुसार,जांच में खुलासा हुआ कि नई आबकारी नीति से लाभ उठाने को के.कविता ने आप पार्टी के नेताओं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से मिलकर षड्यंत्र रचा.

दावे के मुताबिक,नई आबकारी नीति से निजी लाभ पाने के बदले आप पार्टी नेताओं तक 100 करोड़ रुपये पहुचाये गए. षड्यंत्र में नई शराब नीति में होलसेलर्स से लगातार रिश्वत का पैसा आप पार्टी तक पहुंचाया जाता रहा. षड्यंत्र में साउथ लॉबी की एडवांस दी गयी करोड़ों रुपये रिश्वत शराब पर प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाकर वसूलना और इस नीति से दोगुना मुनाफा कमाना था.

क्या सिर्फ समन देने पहुंची इतनी बड़ी टीम?
इसके बाद शाम को ED की टीम मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर पहुंच गई. एसीपी रैंक के 6 से 8 अधिकारी मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर समन देने पहुंचे . ईडी इसके पहले भी मुख्यमंत्री केजरीवाल को 9 समन दे चुकी है. आज 10वां समन मुख्यमंत्री केजरीवाल को दिया गया है.

केजरीवाल से पूछताछ कर रही ED, फोन किए जब्त, घर के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा

ED Action On Arvind Kejriwal: शराब नीति केस में ईडी अरविंद केजरीवाल को अब तक 9 समन भेज चुकी है. केजरीवाल ने 9वें समन को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए गिरफ्तारी से प्रोटेक्शन की मांग की थी.

शराब नीति केस में ईडी अब तक दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को 9 बार समन भेज चुकी है.
दिल्ली के शराब नीति केस (Delhi Liquor Policy Case) में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की ईडी की गिरफ्तारी से बचने को लेकर दायर याचिका गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में खारिज हो गई. इसके कुछ देर बाद प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की टीम केजरीवाल के घर पर सर्च वारंट के साथ पहुंची. ईडी के 12 अधिकारी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे . घर की तलाशी के बाद केजरीवाल से पूछताछ हो रही है. PMLA एक्ट के सेक्शन 50 में मुख्यमंत्री से सवाल किए जा रहे हैं. ईडी के सूत्रों के मुताबिक, आज ही केजरीवाल को गिरफ्तार किया जा सकता है. ईडी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं.

सुप्रीम कोर्ट पहुंची केजरीवाल की लीगल टीम
इस बीच ED के एक्शन के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की लीगल टीम सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. टीम ने केस की तुरंत सुनवाई को अर्जेंट लिस्टिंग की मांग की है. कोर्ट में कांग्रेस नेता और जाने-माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी केजरीवाल का पक्ष रख रहे हैं. केजरीवाल की लीगल टीम सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से संपर्क कर रही है. लीगल टीम ने मामले की जानकारी चीफ जस्टिस को देने की मांग की है.

मुख्यमंत्री आवास के आसपास कड़ी सुरक्षा
अरविंद केजरीवाल को अरेस्ट किए जाने के अटकलों के बीच मुख्यमंत्री आवास के आसपास काफी सुरक्षा व्यवस्था है। घर के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स है. नॉर्थ के डीजीपी मनोज कुमार मीणा भी हैं।
मुख्यमंत्री केजरीवाल को गिरफ्तार करने की तैयारी में ईडी- सौरभ भारद्वाज
इस बीच ग्रेटर कैलाश से विधायक और दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा,”दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर किसी को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है.लगता है कि छापेमारी हो रही है.लगता है ईडी की मुख्यमंत्री केजरीवाल को गिरफ्तार करने की पूरी तैयारी है.”

केजरीवाल ने कोर्ट से कहा था कि वे प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें भरोसा दिया जाए कि जांच एजेंसी उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी. इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ED को जवाब देने और नई अंतरिम याचिका दायर करने के लिए भी कहा है. 22 अप्रैल को इस केस की अगली सुनवाई होगी।

केजरीवाल को कब-कब जारी हुआ समन?
शराब नीति केस में ईडी ने अरविंद केजरीवाल को इस साल 27 फरवरी को आठवां,26 फरवरी को सातवां,22 फरवरी को छठा,2 फरवरी को पांचवां,17 जनवरी को चौथा,3 जनवरी को तीसरा समन जारी किया था.वहीं,2023 में 21 दिसंबर को दूसरा और 2 नवंबर को पहला समन जारी हुआ था.

ED समन केस में CM केजरीवाल को अग्रिम जमानत
इससे पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 16 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल 15 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी.कोर्ट ने इस मामले में केजरीवाल को हाजिर होने से भी छूट दे दी .ED ने बार-बार समन भेजने के बावजूद पेश नहीं होने पर केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में दो शिकायतें दर्ज करवाईं थीं.केजरीवाल के वकील ने कोर्ट से अपील की कि उन्हें ED से वे दस्तावेज चाहिए,जिनके आधार पर उनसे पूछताछ होनी है.कोर्ट ने ED को दस्तावेज देने के आदेश दिए.मामले की सुनवाई 1 अप्रैल को होगी.

दिल्ली की नई शराब नीति क्या थी?
17 नवंबर 2021 को दिल्ली सरकार ने राज्य में नई शराब नीति लागू की. इसमें राजधानी में 32 जोन बनाए गए. हर जोन में ज्यादा से ज्यादा 27 दुकानें खुलनी थीं. इस तरह से कुल मिलाकर 849 दुकानें खुलनी थीं. नई शराब नीति में दिल्ली की सभी शराब की दुकानों को प्राइवेट कर दिया गया. इसके पहले दिल्ली में शराब की 60 प्रतिशत दुकानें सरकारी और 40 प्रतिशत प्राइवेट थीं. नई नीति लागू होने के बाद 100 प्रतिशत प्राइवेट हो गईं. सरकार ने तर्क दिया था कि इससे 3,500 करोड़ रुपये का फायदा होगा.
सरकार ने लाइसेंस की फीस भी कई गुना बढ़ा दी. जिस L-1 लाइसेंस के लिए पहले ठेकेदारों को 25 लाख देना पड़ता था,नई शराब नीति लागू होने के बाद उसके लिए ठेकेदारों को 5 करोड़ रुपये चुकाने पड़े.इसी तरह अन्य कैटेगिरी में भी लाइसेंस की फीस में काफी बढ़ोतरी हुई.

घोटाले के आरोप क्यों लगे?
नई शराब नीति से जनता और सरकार दोनों को नुकसान होने का आरोप है. इस नीति से बड़े शराब कारोबारियों को फायदा होने की बात कही गई. भारतीय जनता पार्टी का  आरोप है कि लाइसेंस फीस में भारी इजाफा करके बड़े कारोबारियों को लाभ पहुंचाया गया. इससे छोटे ठेकेदारों की दुकानें बंद हो गईं और बाजार में केवल बड़े शराब माफियाओं को लाइसेंस मिला. विपक्ष का आरोप ये भी है कि इसके बदले आप के नेताओं और अफसरों को शराब माफियाओं ने मोटी रकम घूस के तौर पर दी।

शराब नीति केस में अब तक कौन-कौन गिरफ्तार
दिल्ली की शराब नीति केस में अब तक पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कारोबारी विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली और AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह अरेस्ट हो चुके. इस केस में मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी 2023 को लंबी पूछताछ बाद गिरफ्तार किया गया था. तब से वह तिहाड़ जेल में हैं. शराब नीति घोटाले में संजय सिंह का नाम पहली बार दिसंबर 2022 में सामने आया था. तब ईडी ने चार्जशीट में कारोबारी दिनेश अरोड़ा के बयान के हिस्से के रूप में आप नेता के नाम का उल्लेख किया था. दिल्ली शराब नीति घोटाला केस में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बीआरएस नेता और केसीआर की बेटी के. कविता को हिरासत में ले रखा है.
गुरुवार को कोर्ट में क्या हुआ था?
दिल्ली हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री केजरीवाल को बड़ा झटका लगा था। गुरुवार को कोर्ट ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी से राहत नहीं है.दरअसल ED के समन पर केजरीवाल पूछताछ में नहीं पहुंच रहे थे,उन्होंने कोर्ट से श्योरिटी मांगी थी कि वह पूछताछ में जाते हैं तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा.इस पर कोर्ट ने कहा कि समन पर केजरीवाल को ईडी के सामने पेश होना होगा, उनकी गिरफ्तारी पर रोक नहीं है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगे थे सबूत
ईडी के समन के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी से सबूत मांगे. इसके बाद ईडी के अधिकारी सबूत लेकर जज के चैंबर में पहुंचे थे.माना जा रहा था कि सबूत देखने के बाद जज आज ही इस मामले में कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं.

ईडी के समन के खिलाफ कोर्ट पहुंचे थे मुख्यमंत्री
दरअसल, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ईडी के समन मामले में दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. सुनवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के नोटिसों के बाद दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल ने पूछताछ को आने से पहले गिरफ्तार ना करने की गारंटी मांगी थी. मुख्यमंत्री केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि केजरीवाल ईडी के सामने पूछताछ में आएंगे, लेकिन कोर्ट में ईडी ये कहे कि उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.

केजरीवाल को गिरफ्तार करने की रेस में CBI ने कैसे ED को पीछे छोड़ दिया, जानिये
अरविंद केजरीवाल का केस कोर्ट में ले जाकर प्रवर्तन निदेशालय भले ही फंस गया  लेकिन ये बात दिल्ली के मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी में आड़े नहीं आ रही है. CBI ने कोर्ट को बताया है कि दिल्ली शराब केस में हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी हो सकती है – ऐसे में सबसे पहले अरविंद केजरीवाल का ही ख्याल आ रहा है.

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