उत्तराखंड 22 मई : ब्लैक फंगस महामारी घोषित, कोरोना नये केसों के विपरीत ठीक हुए ढाई गुणा

उत्तराखंड में कोरोना: शनिवार को 8164 मरीज हुए ठीक, 2903 नए संक्रमित मिले, 64 मरीजों की मौत
देहरादून 22मई। प्रदेश में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सरकार का कंटेनमेंट जोन बनाने पर जोर है। एक माह के भीतर प्रदेश के 13 जनपदों में 425 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।
उत्तराखंड में शनिवार को कोरोना संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है। 24 घंटे में 64 मरीजों की मौत हुई और 2906 नए संक्रमित मिले हैं। जबकि 8164 मरीजों को ठीक होने पर डिस्चार्ज किया गया। मृतकों में ऋषिकेश के कांग्रेस नेता जयपाल जाटव भी हैं जो एम्स में भर्ती थे।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, शनिवार को देहरादून जिले में 610, नैनीताल में 256, हरिद्वार में 465, ऊधमसिंह नगर में 183, चमोली में 160, बागेश्वर में 40, रुद्रप्रयाग में 131, पिथौरागढ़ में 112, अल्मोड़ा में 221, टिहरी में 281, उत्तरकाशी में 58, पौड़ी में 297 और चंपावत जिले में 89 कोरोना संक्रमित मिले हैं। मौत का आंकड़ा 5734 पहुंच गया है। आज 8164 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इन्हें मिला कर 241430 मरीज स्वस्थ हो चुके। वर्तमान में 57929 सक्रिय मरीजों का अस्पतालों व होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण रोकने को सरकार का कंटेनमेंट जोन बनाने पर जोर है। एक माह में प्रदेश के 13 जनपदों में 425 कंटेनमेंट जोन बनाए गए। प्रदेश में अब तक कुल 531 कंटेनमेंट जोन बनाकर पाबंदी लगाई गई है।

कोरोना से जंग में पुलिस ने मैदान में उतारे घुड़सवार

कोरोना से जारी जंग में देहरादून पुलिस ने अपने घुड़सवारों को भी मैदान में उतार दिया है। इन्हें बाजारों और मंडियों में तैनात किया गया है। ताकि, यहां आने वाली अनावश्यक भीड़ को आसानी से नियंत्रित किया जा सके।

कोविड कर्फ्यू में ढील का कुछ लोग बेवजह फायदा भी उठा रहे हैं। ऐसे में बाजारों और मंडियों में बेहद भीड़ देखने को मिल रही है। चूंकि, पैदल जवानों को भी संक्रमण का खतरा रहता है। ऐसे में अब घुड़सवार दस्ते को भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस के अनुसार यह घुड़सवार विशेषकर इन्हीं जगहों पर तैनात होंगे।
इनमें कोतवाली क्षेत्र में हनुमान चौक, भंडारी चौक और मंडी तिराहा बैरियर, पटेलनगर क्षेत्र में निरंजनपुर मंडी, आईएस बीटी और नेहरू कॉलोनी में धर्मपुर मंडी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार घुड़सवार दस्ता इन जगहों पर लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक भी करेगा ताकि, वहां भीड़ कम से कम हो और लोग संक्रमण से बचें ।

शासन ने ब्लैक फंगस को किया महामारी घोषित, कोरोना के साथ होगा इलाज़

कोरोना के साइड इफ़ेक्ट के रूप में सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। कोरोना के साथ ही इसका भी इलाज होगा। गौरतलब है कि एम्स में अब तक चार मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है।
उत्तराखंड सरकार ने ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) को महामारी और सूचीबद्ध बीमारी घोषित किया है। इसके साथ ही सरकार ने इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा एंफोटेरेसिन-बी के वितरण को संशोधित मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) जारी कर दी है। साफ किया गया है कि दवा केवल जिला कोविड अस्पताल और सरकारी मेडिकल कालेज अथवा संस्थाओं को ही जारी होगी। अस्पताल इस दवा के लिए सरकारी कार्यालयों के खुलने की अवधि में कभी भी आवेदन कर सकते हैं। इसको कुमाऊं मंडल में डाक्टर रश्मि पंत और गढ़वाल मंडल में डाक्टर कैलाश गुंजियाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

प्रदेश में बीते कुछ दिनों से ब्लैक फंगस के मामले बढ़ रहे हैं। इससे होने वाली मौत के मामले भी बढ़ने लगे हैं। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। सचिव स्वास्थ्य पंकज कुमार पांडेय ने इस संबंध में जारी आदेश में कहा कि ब्लैक फंगस बीमारी कोरोना के साइड इफेक्ट के रूप में सामने आ रही है। ब्लैक फंगस और कोरेाना का एकीकृत इलाज किए जाने के दृष्टिगत इसे कोरोना के अंतर्गत ही महामारी व सूचीबद्ध बीमारी घोषित किया जाता है। ब्लैक फंगस को कोरोना के अंतर्गत महामारी घोषित करने से इसकी अटल आयुष्मान योजना व आयुष्मान भारत योजना में मुफ्त इलाज का रास्ता भी साफ हो गया है।
इसके साथ ही शासन ने इसके इलाज में इस्तेमाल की जाने वाले दवा एंफोटेरेसिन-बी के उपयोग को लेकर संशोधित गाइडलाइन जारी कर दी है। अभी केंद्र ने उत्तराखंड सरकार को पहली खेप के रूप में एंफोटेरेसिन-बी की 50 डोज भेजी है। ये अब समाप्त होने की कगार पर है। दवा की कमी को देखते हुए सरकार ने इसके इस्तेमाल के लिए संशोधित एसओपी जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि यह दवा केवल जिला कोविड अस्पताल, सरकारी मेडिकल कालेज और संस्थानों को ही दी जाएगी। किसी निजी अस्पताल और व्यक्तिगत मांग पर यह उपलब्ध नहीं होगी।
सचिव स्वास्थ्य डाक्टर पंकज कुमार पांडेय द्वारा जारी एसओपी के अनुसार दवा को अस्पताल अथवा मेडिकल कालेज के डाक्टर मरीज के संबंध में पूरी जानकारी एक निश्चित प्रारूप में भरकर शासन द्वारा गढ़वाल व कुमाऊं में अधिकृत किए गए नोडल अधिकारियों को भेजेंगे। ये नोडल अधिकारी दवा का वितरण संपूर्ण धनराशि प्राप्त होने के बाद सुनिश्चित करेंगे।

होम आइसोलेट मरीज की निगरानी के लिए 350 मेडिकल काउंसलर को दिया प्रशिक्षण

होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे कोरोना संक्रमितों की निगरानी के लिए प्रदेेश भर में 350 मेडिकल काउंसलरों को प्रशिक्षण दिया गया। सरकार ने होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की निगरानी मेडिकल काउंसलरों के माध्यम से करने के आदेश जारी किए हैं। एक काउंसलर को 50 मरीजों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन मरीजों के स्वास्थ्य निगरानी विभाग की ओर से चयनित मेडिकल काउंसलरों को शनिवार को आइलाइन प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें विभिन्न जनपदों के 350 मेडिकल काउंसलरों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर शिव कुमार के माध्यम से दिया गया।

प्रशिक्षण के बाद सभी मेडिकल काउंसलर जनपदों में होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से निरंतर संपर्क करेंगे और उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी। यदि कोई भी खतरे के संकेत दिखाई देखते हैं तो उस व्यक्ति को शीघ्र ही एंबुलेंस से निकटवर्ती कोविड अस्पताल भेजा जाएगा। इस प्रशिक्षण को राज्य नोडल अधिकारी सविन बंसल व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक सोनिका के दिशानिर्देशों पर आयोजित किया गया।

कुमाऊं : टीकाकरण में अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ की महिलाएं आगे

कोविड 19 से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान में भी आधी आबादी ही दम दिखा रही है। टीकाकरण कराने में भी अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की महिलाएं आगे हैं, जबकि ऊधमसिंह नगर में महिलाएं टीकाकरण कराने में पीछे हैं।

टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। यह बात अलग है कि टीके अभी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। पर्याप्त टीके न मिलने के कारण अभियान कुछ सुस्त पड़ जा रहा है। टीकाकरण कराने में भी महिलाओं ने दम दिखाया है। ऊधमसिंह नगर में 118538 ने टीका लगवाया तो टीका लगवाने वाली महिलाओं की संख्या महज 95260 है। जबकि नैनीताल में भी टीका लगवाने के मामले में महिलाएं पीछे हैं।
जिला-पुरुष-महिलाएं-पहली डोज-आयु वर्ग के ऊपर- आबादी
नैनीताल-105794-99031-204907-74305- 954605
अल्मोड़ा-64812-76411-141245-63216 – 622506
पिथौरागढ़-45260-46445-91712-33143 – 483439
ऊधमसिंह नगर-118538-95260-213836-73273-1648902
बागेश्वर-34449-38326-72790-28634- 259898
चंपावत-35729-35490-71235-24643-259648

युवाओं की वैक्सीन का टोटा, जिले में आठ हजार डोज ही बचीं

टीके की कमी के चलते टीकाकरण की रफ्तार धीमी हो गई है। नैनीताल जिले में 45 वर्ष और अधिक के लिए कोविशील्ड की महज 130 डोज जबकि कोवाक्सिन की 2340 डोज बची हैं। 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों के लिए 8800 डोज बची हैं। राहत की बात यह है कि 45 वर्ष और अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए कोविशील्ड की 15 हजार डोज जिले को शुक्रवार को मिल गई। जबकि 24 और 29 मई को कोवाक्सीन की 50-50 हजार डोज आने की संभावना है।

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