पिता की मौत बाद मां को रेलवे स्टेशन पर मरने छोड़ दिया था सिद्धू ने?

 

‘सिद्धू ने पिता की मौत के बाद माँ को लावारिस छोड़ा, रेलवे स्टेशन पर मर गईं’: बहन ने रो-रो कर बताई कहानी, नए विवाद में पंजाब कॉन्ग्रेस अध्यक्ष

‘जो परिवार का नहीं हुआ किसी और का क्या होगा’: नवजोत सिद्धू की बड़ी बहन ने खोली पोल

चंंडीगढ़28जनवरी।पंजाब का CM बनने की होड़ में लगे पंजाब कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू फिर मुश्किल में फँस गए हैं। इस बार सिद्धू की NRI बहन डा. सुमन तूर ने उनपर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सिद्धू ने पिता भगवंत सिद्धू की मौत के बाद माँ निर्मल भगवंत और बड़ी बहन को घर से निकाल दिया। पंजाब विधानसभा चुनावों के बीच उनकी बहन सुमन ने शुक्रवार (28 जनवरी, 2022) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि जो परिवार का नहीं हुआ हुआ वो किसी और का क्या होगा।

अमेरिका से चंडीगढ़ आई नवजोत सिंह सिद्धू की बहन सुमन तूर ने कहा सिद्धू ने प्रॉपर्टी पर कब्जा करने के लिए माँ को बेघर किया और झूठ बोला है। उन्होंने अपनी बात की सच्चाई का दावा करते हुए कहा, “मैं सिद्धू नहीं हूँ कि झूठ बोलूँगी।” उन्होंने यह भी दावा कि इस मुद्दे पर नवजोत सिद्धू से मिलने के लिए उनके अमृतसर स्थित घर पर गई थी लेकिन सिद्धू गेट नहीं खोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धू ने उन्हें वॉट्सऐप पर भी ब्लॉक कर रखा है। हालाँकि, इस मामले में अभी तक सिद्धू की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सिद्धू की अमेरिका में रहने वाली बहन डाक्टर सुमन तूर ने मीडिया को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “सिद्धू ने इंडिया टुडे के साथ बातचीत में झूठ बोला कि मेरे माता-पिता कानूनी तौर पर अलग हुए। सिद्धू उस वक्त अपनी उम्र 2 साल बता रहे हैं लेकिन वह सब भी झूठ है।” सुमन तूर ने एक पुरानी तस्वीर दिखाते हुए पत्रकारों से ही पूछा, क्या इसमें सिद्धू दो साल का लग रहा है।” उन्होने कहा कि उनकी माँ ने लावारिस हालत में दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दम तोड़ा था और वह (सिद्धू) उनके पैसे पर ऐश कर रहा है। सुमन तूर का आरोप है कि सिद्धू 1986 में उनके पिता की मृत्यु के बाद उनकी बूढ़ी माँ को छोड़ दिया और बाद में 1989 में दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक बेसहारा महिला के रूप में उनकी मृत्यु हो गई।

 

सिद्धू का परिवार

सुमन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “मेरी माँ और बहन चली गईं लेकिन मैं आज भी मेहनत करके गुजारा कर रही हूँ। नवजोत सिद्धू की सास जसवीर कौर ने हमारा घर बर्बाद कर दिया है। मैं कभी भी अपने पैतृक घर में नहीं जा सकी।”

अमेरिका के न्यूयार्क में रहने वाली नवजोत सिद्धू की बहन डॉक्टर सुमन तूर से जब यह पूछा गया कि वह इतने सालों बाद आज पंजाब में चुनाव के समय आरोप क्यों लगा रही हैं तो उन्होंने कहा, “मैं वह आर्टिकल जुटाना चाहती थी, जिसमें सिद्धू ने मेरे माता-पिता के अलग होने संबंधी बयान दिया है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि मैं चुनाव के कारण ऐसा नहीं कर रही हूँ, बल्कि मुझे एक आर्टिकल के जरिए यह जानकारी मिली है कि नवजोत सिद्धू ने मेरी माँ के बारे में यह बयान दिया था कि वह और उसके पिता तब अलग हो चुके थे, जब वह 2 साल के थे। उनका अपनी माँ और बहनों के साथ कोई रिश्ता नहीं है।

सुमन ने कहा, “जो सिद्धू अपने परिवार का नहीं हुआ वो किसी और का क्या होगा। नवजोत सिद्धू ने पैसे के पीछे माँ को लावारिस कर दिया। भले ही सिद्धू ने करोड़ों कमाए हों, पर वह परिवार का न हो सका।”

बहन सुमन ने बताया, “उन्होंने सिद्धू को कई मैसेज भेजे कि उससे बात कर ले, लेकिन भाई (सिद्धू) ने उसे ब्लाक कर दिया। मेरी एक बहन भी थी। उसकी मौत हो चुकी है। जब बहन की मौत हुई तो भांजी अकेली थी। वह स्पेशल चाइल्ड थी, मैं उसे अमेरिका ले गई।” सुमन तूर सिद्धू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “भाई सिद्धू हर चीज को प्रूफ के साथ बताता है। अब मैं चाहती हूँ कि माँ का प्रूफ भी जरूर दें।”

 

 

बिजली बिल भी नहीं दे रहे नवजोत सिंह सिद्धू, कॉन्ग्रेस ने पंजाब में किया है फ्री देने का वादा

नवजोत सिंह सिद्धू (फ़ाइल फोटो)

पंजाब कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू फिर मुश्किलें  होने का नाम नहीं ले रहे रहीं है। बड़ी बहन सुमन तूर द्वारा उन्हें क्रूर आदमी बताते हुए  गए गंभीर आरोपों के बीच अब सिद्धू पर बिजली  के भारी-भरकम बकाया का मामला सामने आया है। उन्होंने बहुत लम्बे समय से अमृतसर स्थित अपने घर का बिजली बिल नहीं भरा है। ऐसे में सिद्धू पर पिछले छह महीने से जो बिल बकाया है, उसकी राशि 4,22,330 रुपया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नवजोत सिंह सिद्धू पर बकाया बिल 19 जनवरी, 2022 को जारी किया गया था, और इसमें बकाया राशि पर सरचार्ज और ब्याज भी शामिल है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अगस्त 2021 से बिल का भुगतान नहीं किया है। फिर भी पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने अभी तक सिद्धू का बिजली कनेक्शन नहीं काटा है।

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब सिद्धू ने समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है। जुलाई 2021 में भी उन्होंने ऐसे ही एक विवाद को जन्म दिया था, जब पीएसपीसीएल ने उन्हें 8,74,784 रुपए का बकाया बिजली बिल थमाया था। बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने नवंबर 2021 में बिजली पर 3 रुपए प्रति यूनिट की कटौती की घोषणा की वहीं सिद्धू भी राज्य में घरेलू ग्राहकों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा भी करते रहे हैं।

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