अंततः बन ही गये ओम प्रकाश मुख्य सचिव उत्तराखंड

1987 बैच के आइएएस अधिकारी ओमप्रकाश बने उत्‍तराखंड के नए मुख्‍य सचिव,
दुल्हन वही जो पिया मन चाहे। वर्तमान में अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश को सरकार ने प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। इस संबंध में अपर मुख्‍य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से गुरुवार को आदेश जारी किए हैं। ओमप्रकाश तब से मुख्यमंत्री की गुड बुक में हैं जब वे उनके कृषि मंत्री रहते कृषि सचिव थे वैसे भी ओमप्रकाश राज्य में उपलब्ध वरिष्ठतम आईएएस अधिकारी हैं। …

देहरादून 30 जुलाई। वर्तमान में अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश को सरकार ने प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। इस संबंध में अपर मुख्‍य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से गुरुवार को आदेश जारी किए हैंजिसमें कहा गया कि शासन द्वारा जनहित में मुख्‍य सचिव के पद पर तैनात करने का निर्णय लिया है। 1987 बैच के आइएएस और मौजूदा वरिष्ठतम अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश का नया मुख्य सचिव बनना तय माना जा रहा था। प्रदेश प्रशासन के प्रमुख मौजूदा मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने हैं। नया प्रमुख कौन बनेगा, इसे लेकर गत कई दिनों से चर्चाएं जोरों पर थी। ऐसे में उन्हें संबंधित पुराने-नये मामलों को उनके खिलाफ माहौल बनाने को मौखिक चर्चाओं से लेकर सोशल मीडिया तक में उछाला जा रहा था। जाहिर है, निर्णय लेने में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठतम को दायित्व की परंपरा के पालन को ही प्राथमिकता दी, अपने विश्वस्त अफसर के विरुद्ध आवाजों को निहित स्वार्थ प्रेरित माना या दोनों विषयों को सम्मिलित करते हुए निर्णय किया। याद करें, सुभाष कुमार को मुख्य सचिव बनने से रोकने को तो देहरादून में पोस्टर तक लगे थे जिनके पीछे एक सीनियर अधिकारी का ही हाथ समझा गया था। जाहिर है, कोई सरकार इन आधारों पर निर्णय नहीं कर सकती।

ओमप्रकाश उन वरिष्ठ आइएएस में शामिल हैं, जो राज्य बनने के बाद से उत्तराखंड में कार्यरत रहे हैं। वर्तमान में वह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अपर मुख्य सचिव भी रहे। उनकी गिनती मुख्यमंत्री के विश्वासपात्रों में होती है। नए मुख्य सचिव की दौड़ में उत्तराखंड कैडर के 1985 बैच के केंद्र सरकार में सचिव अनूप वधावन को बताया जा रहा था। वर्तमान में सूबे में कार्यरत आइएएस में ओमप्रकाश वरिष्ठतम हैं। खास बात ये है कि उनकी सेवानिवृत्ति में डेढ़ वर्ष से कम वक्त शेष है। वरिष्ठता क्रम में उनसे पीछे केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत 1988 बैच के आइएएस डॉक्टर एसएस संधू और 1988 बैच की अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी है।
जानिए जिलाधिकारी मऊ से लेकर उत्तराखंड के मुख्य सचिव तक की यात्रा
वरिष्ठ आईएएस ओमप्रकाश उत्तराखंड के 16वें मुख्य सचिव होंगे. गुरुवार को उनको मुख्य सचिव बनाए जाने का आदेश जारी हुआ. शुक्रवार को वह मुख्य सचिव का चार्ज लेंगे. हमने 27 जुलाई को ही बता दिया था कि ओमप्रकाश उत्तराखंड के नए मुख्य सचिव बन रहे हैं.
जानिए ओमप्रकाश का मुख्य सचिव तक का सफ़र

14 मई 1962 को पैदा हुए ओमप्रकाश मूलतः बिहार के बांका ज़िले के रहने वाले हैं. 31 जुलाई, 2020 को मुख्य सचिव बनने वाले ओमप्रकाश मई 2022 में रिटायर होंगे.
वह 1987 बैच के आईएएस ऑफिसर हैं और उनके पास उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अब तक 33 साल का अनुभव है.
यूपी कैडर में ओमप्रकाश सबसे पहले जौनपुर में ट्रेनी आईएएस रहे.
फिर खुर्जा के परगनाधिकारी और फतेहपुर के मुख्य विकास अधिकारी रहे.
इसके बाद मऊ, गाजीपुर, बांदा, हाथरस और उत्तराखंड बनने पर देहरादून के जिलाधिकारी रहे.वह अर्द्धकुंभ 2004 में मेलाधिकारी रहे.फाइनेंस और इंडस्ट्री डिपार्टमेंट छोड़कर ओमप्रकाश सभी विभागों के सचिव रहे.ओमप्रकाश 2012 में प्रमुख सचिव और 2017 में अपर मुख्य सचिव बने.

एजुकेशनल क्वालिफ़िकेशन
ओमप्रकाश पटना साइंस कॉलेज से फिजिक्स ऑनर्स हैं.
इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से फिजिक्स में एमएससी हैं.
स्टैंड लेने वाले अफसर
ओमप्रकाश शासन में स्टैंड लेने वाले अफसर माने जाते हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के समय ओमप्रकाश देहरादून के जिलाधिकारी रहते तत्कालीन ग्राम्य विकास मंत्री प्रीतम सिंह के सामने अडे तो फिर भले उन्हें अपना पद ही क्यों न छोड़ना पड़ा हो। उस समय उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों में भी टेंडर व्यवस्था लागू कर दी थी जबकि विभागीय मंत्री प्रीतम सिंह कम से कम चकराता विधानसभा क्षेत्र में मस्टरोल पर काम चाहते थे।

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