काबुल: शादी में आत्मघाती बम धमाका, 63 की मौत,180 से ज़्यादा घायल

अल्पसंख्यक शिया बहुल इलाक़े हजारा समुदाय का घर कहे जाने वाले पश्चिम काबुल के दुबई सिटी वेडिंग हॉल में यह विस्फोट हुआ.एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि शादी में 1,000 से अधिक लोग शामिल हुए थे, जिसके चलते ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यह इस साल काबुल (Kabul) में अब तक का सबसे भीषण हमला हो सकता है.लाशें इतनी थीं कि दो घंटे बाद तक उन्हें बाहर निकाला जाता रहा

धमाके में मारे गए व्यक्ति की रिश्तेदारइमेज कॉपीराइटAFP

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में एक शादी समारोह में बम धमाका हुआ है.इस हमले में 63 लोग मारे गए हैं जबकि 180 से ज़्यादा लोग घायल हो गए हैं. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि एक आत्मघाती  हमलावर ने खचाखच भरे रिसेप्शन हॉल में ख़ुद को विस्फोटकों से उड़ा लिया.ये हमला शहर के शिया बहुल इलाक़े में किया गया  है. हमला ,स्थानीय समयानुसार रात क़रीब 10 बजकर 40 मिनट पर हुआ.अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन तालिबान का कहना है कि उसका इस हमले से कोई लेना-देना नहीं है.सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में घटनास्थल के बाहर महिलाएं विलाप करती दिख रही हैं.वहीं हमले में घायल हुए एक व्यक्ति मोहम्मद तूफान ने बताया कि कई मेहमान मारे गए. हमले में बचे अहमद ओमीद ने बताया, ‘कई लोग मारे गए और जख्मी हो गए. मैं दूसरे कमरे में दूल्हे के साथ था, जब हमने धमाके की आवाज सुनी और मैं किसी को ढूंढ नहीं पाया. सभी लोग हॉल के आसपास पड़े हुए थे.’
एक स्थानीय अस्पताल के बाहर हमले में मारे गए और जख्मी हुए लोगों के परिजन जोर-जोर से रो रहे थे.

घायल लोगइमेज कॉपीरइटEPA

आत्मघाती हमले

हाल के दिनों में अफ़ग़ानिस्तान में कई बड़े आत्मघाती हमले हुए हैं.इसी महीने काबुल के बाहरी इलाक़े में एक पुलिस चौकी को निशाना बनाकर किए गए ट्रक बम हमले में 14 लोग मारे गए थे. इस हमले में 150 से अधिक लोग घायल भी हुए थे.उस हमले की ज़िम्मेदारी तालिबान ने ली थी.इसके अलावा बीते शुक्रवार यानी 16 अगस्त को तालिबानी नेता हिबातुल्लाह अख़ुंदज़ादा के भाई की मौत भी एक बम धमाके में हो गई थी. अभी तक किसी भी समूह ने इसकी ज़िम्मेदारी नहीं ली है.अफ़गानिस्तान के खुफ़िया विभाग के एक अधिकारी ने  बताया कि जिस मस्जिद में यह धमाका हुआ था, हिबातुल्ला वहां नमाज़ के लिए जाने वाले थे और संभव है कि वही बम धमाका करने वालों के निशाने पर भी थे.एक ओर जहां तालिबान और अमरीका के बीच अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध समाप्त करने को लेकर वार्ता चल रही है. वहीं दूसरी ओर इस तरह के बड़े हमले हो रहे हैं, जिससे तनाव बना हुआ है.वहीं रिपोर्टों के मुताबिक अमरीका और तालिबान जल्द ही शांति समझौते की घोषणा भी कर सकते हैं.

इस हमले के बारे में क्या-क्या पता है?

अफ़गानिस्तान के गृहमंत्री ने बम धमाके होने के कुछ घंटे बाद ही मौत के आंकड़ों की पुष्टि कर दी थी. सोशल मीडिया पर इस हमले की जो तस्वीरें आई हैं उनमें साफ़ देखा जा सकता है कि एक बड़े से हॉल में चारों तरफ़ लाशें बिखरी पड़ी हैं.अफ़गानिस्तान में होने वाली शादियों में अमूमन सैकड़ों की संख्या में लोग जमा होते हैं. जहां आमतौर पर पुरुष, महिलाओं और बच्चों से अलग रहते हैं.शादी समारोह में शरीक हुए मोहम्मद फ़रहाग ने बताया कि जिस समय धमाका हुआ वो उस ओर थे जिधर महिलाओं का समूह खड़ा था. वो कहते हैं “धमाका बहुत तेज़ था… इतना तेज़ कि उसे सुनते ही हम सभी बाहर की तरफ़ भागे.”वो बताते हैं “क़रीब 20 मिनट बाद पूरा हॉल धुएं से भरा हुआ था. पुरुषों वाले हिस्से में या तो लोग मर चुके थे और नहीं तो घायल थे. लाशें इतनी थीं कि दो घंटे बाद तक उन्हें बाहर निकाला जाता रहा.”तालिबान के प्रवक्ता ने  इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है.

राष्ट्रपति अशरफ गनी के प्रवक्ता सादिक सिद्दीकी ने टि्वटर पर कहा, ‘काबुल में एक वेडिंग हॉल में आत्मघाती हमले की खबर से बहुत दुखी हूं. हमारे लोगों के खिलाफ एक जघन्य अपराध, यह कैसे मुमकिन है कि किसी व्यक्ति को प्रशिक्षण दो और उसे एक शादी में जाकर खुद को उड़ाने के लिए कहो.’गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहीमी ने बताया, ‘घायलों में महिलाएं एवं बच्चे शामिल हैं.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अभी इस हमले की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है. इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि इस धमाके के पीछे मकसद क्या है.शादी में शामिल हुए थे हजार से ज्यादा लोग
दशकों से जंग से जूझ रहे शहर में बड़े और भव्य वेडिंग हॉल सामुदायिक जीवन के आकर्षण का केंद्र है. यहां एक शादी पर हजारों डॉलर तक खर्च कर दिए जाते हैं. एक चश्मदीद ने बताया कि शादी में 1,000 से अधिक लोग शामिल हुए थे, जिसके चलते ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यह इस साल काबुल में अब तक का सबसे भीषण हमला हो सकता है. तालिबान और इस्लामिक स्टेट दोनों ही काबुल में हमले करते रहते हैं.

शांति वार्ताएं किस दिशा में आगे बढ़ रही हैं?

तालिबान और अमरीकी प्रतिनिधि कतर की राजधानी दोहा में शांति वार्ता कर रहे हैं और दोनों ही पक्षों का कहना है कि शांति वार्ता प्रगति की ओर है.

वहीं शुक्रवार को अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट भी किया था और उम्मीद जताई थी कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाए.

उन्होंने ट्वीट किया था “अफ़गानिस्तान पर एक बहुत अच्छी बातचीत अभी अबी पूरी हुई. 19 साल से छिड़े इस युद्ध के तमाम विपरीत पहलुओं से हटकर हम एक समझौता करने के क़रीब हैं..यदि संभव हुआ तो.”

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