‘हिंसक घटनाओं पर न करे तेरा-मेरा ‘

राज्यसभा में संबोधन देते  प्रधानमंत्री मोदी

संसद सत्र  राज्यसभा में बोले प्रधानमंत्री- मॉब लिंचिंग का दुख है पर पूरे झारखंड को दोष देना गलत
लोकसभा में दिए अपने भाषण में  प्रधानमंत्री मोदी ने चुन-चुन कर कांग्रेस पर हमला बोला, इमरजेंसी से लेकर विकास के मुद्दे पर मोदी ने कांग्रेस को जमकर कोसा. अब आज वह राज्यसभा में किस तरह अपने जवाब को सामने रखते हैं, इस पर हर किसी की नज़र है.

नई दिल्ली, । संसद के मॉनसून सत्र का बुधवार को 10वां दिन है. आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर संसद के दोनों सदनों पर चर्चा जारी है. लोकसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिभाषण पर जवाब दिया, तो वहीं आज पीएम राज्यसभा में जवाब दे रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान लोकसभा चुनाव 2019 का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 2019 का ये चुनाव अब तक सबसे यादगार रहा. इसमें हर किसी को खट्टे मीटे अनुभव मिले.

वहीं, लोकसभा में दिए अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने चुन-चुन कर कांग्रेस पर हमला बोला, इमरजेंसी से लेकर विकास के मुद्दे पर मोदी ने कांग्रेस को जमकर कोसा. आज राज्यसभा में प्रधानमंत्री के भाषण पर सबकी नज़र है.

लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर चर्चा हो रही है। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  बुधवार को राज्यसभा में अपना जवाब दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने गालिब के शेर के जरिए विपक्ष पर तंज कसा। उन्‍होंने कहा, ‘धूल चेहरे पर थी आईना साफ करता रहा…।‘ प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘अपनी गलतियों का श्रेय कांग्रेस को लेना चाहिए। एनआरसी हमारे लिए वोटबैंक का मुद्दा नहीं। एनआरसी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा हमने बनाई। गुलाम नबी आजाद पर तंज कसते हुए उन्‍होंने कहा, ‘गुलाम नबी जी कुछ दिन गुजारिए गुजरात में।’

झारखंड में मॉब लिंचिंग पर प्रधानमंत्री ने दुख जताया। युवक की हत्‍या का दुख हम सबको है, मुझे भी है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। अपराध के लिए कानून और न्‍याय व्‍यवस्‍था है। क्‍या झारखंड को लिंचिंग फैक्‍ट्री कहना शोभा देता है?  लिंचिंग के लिए पूरे झारखंड को कठघरे में खड़ा करना ठीक नहीं। हिंसा की घटनाओं को तेरा-मेरा न किया जाए। हर तरह की हिंसा पर एक तरह का रवैया होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने न्‍यू इंडिया के विरोध पर हैरानी व्‍यक्‍त करते हुए सवाल किया- क्‍या हमें टुकड़े-टुकड़े गैंग के समर्थन वाला ओल्‍ड इंडिया चाहिए, जल–थल-नभ में घोटाला करने वालों को ओल्‍ड इंडिया चाहिए, क्‍या इंस्‍पेक्‍टर राज वाला ओल्‍ड इंडिया चाहिए। मैं न्‍यू इंडिया का विरोध देखकर हैरान हूं देश के लोगों को निराशा में न धकेलें।  मोदी ने कहा कि किसी भी नई टेक्नोलॉजी का दिल से स्वागत किया जाना चाहिए. विपक्ष को इससे ऐतराज क्यों है? न्‍यू इंडिया का मकसद देश को आगे ले जाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जीएसटी का विरोध, ईवीएम का विरोध, डिजिटल पेमेंट का विरोध, हर चीज में विपक्ष नकारात्‍मता दिखाता है। आप जब थे तो आधार महान हम आए तो आधार बेकार। आधार के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। आने वाले 5 साल में सबक सीखने का सबको अवसर मिला है। मुद्दों से भागना ठीक नहीं।’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर हमला किया और चुनाव में इवीएम के इस्‍तेमाल पर अपना पक्ष रखा। उन्‍होंने कहा,’ ईवीएम के खिलाफ माहौल बनाया गया हम भी मानने लग गए थे कि ईवीएम गड़बड़ है। इवीएम को हमने नहीं, कांग्रेस ने स्‍वीकृति दी। कांग्रेस हार स्‍वीकार भी नहीं कर पा रही है। वीवीपैट ने एक बार फिर ईवीएम की ताकत बढ़ा दी।’प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, ‘क्‍या वायनाड रायबरेली में लोकतंत्र हार गया। कांग्रेस हारी तो क्‍या देश हार गया। ऐसा कहना कि लोकतंत्र हार गया, लोकतंत्र का अपमान है।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और पीयूष गोयल राज्यसभा में कई बिल भी पेश करेंगे।

– आरएसपी  सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर लोकसभा में नोटिस दिया।
– आईयूएमएल  के सांसद पीके कुन्हालीकुट्टी ने झारखंड में मॉब लिचिंग की घटना को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया।
– डीएमके  नेता टीआर बालू ने तमिलनाडु में जल संकट को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है।

मंगलवार को लोकसभा में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को आपातकाल और तीन तलाक पर घेरा, साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा 2 जी और कोल घोटाला पर किए गए सवाल का भी जवाब दिया।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम कानून से चलने वाले लोग हैं और किसी को जमानत मिली है तो वह इसका आनंद ले, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी, हमें गलत रास्ते पर जाने की जरूरत नहीं है।प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन खत्म होने के बाद सभी सांसदों से प्रस्ताव को पारित करने की अपील की। प्रस्ताव पर लाए गए सभी संशोधन ध्वनिमत से खारिज हो गए। स्पीकर ने सभी संशोधनों को अस्वीकार कर दिया।

‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे क्षेत्रीय दलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. देश में एक ही मतदाता सूची होनी चाहिए. एक देश एक चुनाव से जुड़ी हर संभव कोशिश का स्वागत है.’

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस बीजेपी की जीत नहीं पचा पा रही है और न ही अपनी हार को स्वीकार कर पा रही है. ये एक मजबूत लोकतंत्र की निशानी नहीं है.
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में कहा कि कांग्रेस का तर्क है कि चुनाव में देश हार गया, लोकतंत्र हार गया. कांग्रेस वाले ये भी बताए कि क्या वायनाड और रायबरेली में हिन्दुस्तान हार गया, क्या अमेठी में हिन्दुस्तान हार गया. कांग्रेस हारी तो देश हार गया ये कौन का तर्क है. कांग्रेस का मतलब देश नहीं, अहंकार की एक सीमा होती है. मोदी ने कहा इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी गलतियों को स्वीकार करने और हार की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं, वे आज ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘क्या वायनाड में हिंदुस्तान हार गया था? क्या रायबरेली में हिंदुस्तान हार गया था? क्या कांग्रेस हारी तो देश हार गया? अहंकार की एक सीमा होती है. इस तरह की भाषा बोलना देश के मतदाताओं को कठघरे में खड़ा करने जैसा है. यह देश के मतदाताओं का अपमान है.’प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम इस चुनाव को देखें तो 40-45 डिग्री तापमान के बाद भी लोग कतारों में थे. 80 साल के बुजुर्ग भी लाइनों में लगे थे. कितनी तपस्या के बाद चुनाव होता है और हम चुनाव पर सवाल उठाकर उनका अपमान कर डालते हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘मैं हैरान हूं कि चुनाव में हार के बाद मीडिया को भी गालियां दी गईं. मीडिया के कारण चुनाव जीते जाते हैं क्या? मीडिया क्या बिकाऊ है? क्या केरल और तमिलनाडु में यह लागू होगा?’

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