हर की पौड़ी में तिल भर भी न बची जगह,कॉप्टर से पुष्प वर्षा

करीब 35 लाख कांवड़ियों ने लगाई गंगा में डुबकी,हरिद्वार में कांवड़ यात्रा जोर-शोर से चल रही है. पंचक खत्म होने के बाद डाक कावड़ का जोर पूरे हरिद्वार क्षेत्र में दिखाई दे रहा है. बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने और जल भरने को कावड़िए हरिद्वार में उमड़ गए हैं.   हरिद्वार में चल रही कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है. आज उत्तराखंड सरकार ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर कांवड़ियों पर हैलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा करवाई. पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर पिछले दिनों हुई बैठक में इस बात की घोषणा की थी कि सरकार इस बार कांवड़ियों का स्वागत, सत्कार करेगी. उन्होंने इस बार कांवड़ियों पर उत्तर प्रदेश की तर्ज पर पुष्प वर्षा करवाने की घोषणा भी की थी. इसी क्रम में आज कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करवाई गई.हरिद्वार कांवड़ यात्राआंकड़ों के मुताबिक, सावन के महीने में अब तक ढाई करोड़ से ज्यादा भक्त गंगाजल भरकर अपने-अपने शहरों की ओर कूच कर चुके हैं. आम कावड़ियों के बाद हरिद्वार में डाक कावड़ियों की भीड़ देखी जा रही है. डाक कावड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार से जो तस्वीरें सामने आई है वो वाकई चकित कर देने वाली है.  हरिद्वार में चल रही कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है. आज उत्तराखंड सरकार ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर कांवड़ियों पर हैलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा करवाई. पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर पिछले दिनों हुई बैठक में इस बात की घोषणा की थी कि सरकार इस बार कांवड़ियों का स्वागत, सत्कार करेगी. उन्होंने इस बार कांवड़ियों पर उत्तर प्रदेश की तर्ज पर पुष्प वर्षा करवाने की घोषणा भी की थी. इसी क्रम में आज कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करवाई गई.

10 लाख वाहनों के आने का अनुमान

भीड़ के कारण हरकी पैड़ी पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। भीड़ को संभालने में पुलिस के भी हाथ-पांव फूल रहे हैं। वहीं हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा का नजारा देख भोले के भक्त गद्गद् हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों का अनुमान है कि इस बार डाक कावर में 10 लाख से ज्यादा वाहन हरिद्वार आएंगे. ऋषिकेश, दिल्ली और हरिद्वार जाने वाले रास्तों पर सिर्फ कावड़ियों की ही भीड़ दिखाई दे रही है.  

 हर की पैड़ी क्षेत्र आज खचाखच भरा हुआ था.

अपने कस्बों की ओर निकले कावड़िए

कांवड़ यात्रा अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच चुकी है। केवल तीन दिन शेष हैं। ऐसे में कांवड़ियों का जबरदस्त दबाव है। डाक कांवड़ की भी रेलमपेल है। उम्मीद है कि 30 जुलाई को जल चढ़ाने के बाद भीड़ हल्की हो। Go to your townsहरिद्वार प्रशासन की मानें तो अभी तक करीब 6 लाख वाहन हरिद्वार में प्रवेश कर चुके हैं. डाक कावड़ में कांवड़िए पूरे जत्थे के साथ गाड़ियों में भरकर हरिद्वार पहुंचते हैं और यहां से हर की पौड़ी का पवित्र गंगाजल लेकर अपने गांव, कस्बों और मंदिरों के लिए निकलते हैं.  

हरिद्वार कांवड़ यात्रा

शिवरात्रि के दिन अर्पित होता है जल

हर कोई गंगा जल भरकर जल्द से जल्द अपने गृह क्षेत्र पहुंच जल चढ़ाने की जल्दबाजी में है। कांवड़ में पहुंची झांकियां लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हैं, वहीं डीजे साउंड सिस्टम की धूम हर जगह देखने को मिल रही है।

Water is offered on Shivratri

शिवरात्रि के पवित्र दिन भगवान भोलेनाथ का इस गंगाजल से अभिषेक करने की मान्यता है. इस बीच पूरे मार्ग में कांवडियों के आने का सिलसिला और तेजी पकड़ चुका है. à¤¹à¤°à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤° कांवड़ यात्रा

इन राज्यों में कावड़ यात्रा का चलन

The practice of Kawad travel in these states

कांवड़ यात्रा के बेहतर संचालन के लिए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की यात्रा शुरू होने से पहले कई बार बैठकें हुई. इन बैठकों में डाक कावड़ में भारी म्यूजिक सिस्टम ना लगे होने को लेकर रणनीति बनी. लेकिन इस बार भी हर साल की तरह कावड़ियों के जत्थे गाड़ियों में भारी साउंड सिस्टम के साथ हरिद्वार तक पहुंचे हैं. à¤¹à¤°à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤° कांवड़ यात्रा     शहरवासी भी कांवड़ियों की सेवा का मौका हाथ से नहीं जाने दे रहे। जगह जगह भंडारे चल रहे हैं। चाय और केले का प्रसाद उनको बांटा जा रहा है। आखिर के तीन दिन कांवड़ियों की भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है।

हरिद्वार कांवड़ यात्रा       हमेशा की तरह इस वर्ष भी मुख्य अर्कषण वाहनों में सजी झांकियां तथा डाक वाहनों में दौड़ते युवाओं की भीड़ है। जिन मार्गों से कांवड़ यात्रा गुजरती है, उसके दोनों ओर रात के समय नगर वासी बैठकर कांवड़ियों की वापसी का नजरा देखने जाते हैं।हरिद्वार कांवड़ यात्रा

नीलकंठ मंदिर में पहुंच रही है कांवड़ियों की भीड़

Nakkanth is reaching the temple

उत्तराखंड के महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने कहा कि इस समय कावड़ियों की भारी भीड़ हरिद्वार और ऋषिकेश के पास नीलकंठ मंदिर में पहुंच रही है. पुलिस ने तमाम जगह ऐसी बैरिकेडिंग की है ताकि कावड़िए ऋषिकेश शहर देहरादून और मसूरी में ना जा पाए. कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली हरिद्वार हाईवे पूरी तरीके से बाधित रहता है इस कारण दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अच्छी खासी परेशानी उठानी पड़ती है. इस समय दिल्ली जाने वाले लोग देहरादून से पोंटा साहिब, करनाल, यमुना कॉलोनी होते हुए दिल्ली पहुंच रहे हैं. अब अगले 3 दिन कावड़ यात्रा अपने चरम पर रहेगी.

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