हड़ताल में देश भर से 3.5 लाख डॉक्‍टर शामिल,150 डॉक्टरों का इस्तीफा , कोलकाता हाको का दखल से इनकार

बंगाल / मारपीट के विरोध में हड़ताल: , देशभर में प्रदर्शन
केरल में प्रदर्शन करते डॉक्टर।केरल में प्रदर्शन करते डॉक्टर।दिल्ली एम्स में डॉक्टरों ने हेलमेट पहनकर इलाज किया।कर्नाटक में प्रदर्शन करते डॉक्टर।राजस्थान में काली पट्‌टी बांधकर इलाज करते डॉक्टर।
पश्चिम बंगाल में हमले के बाद कई अस्पतालों के डॉक्टर 4 दिन से हड़ताल पर
दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्यप्रदेश और बिहार के डॉक्टरों ने भी प्रदर्शन किया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बोले- डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध, ममता से बात करूंगा
कोलकाता. पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं के बाद शुरू हुई हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। राज्य के 140 डॉक्टर अब तक इस्तीफा दे चुके हैं। डॉक्टर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चार घंटे के अल्टीमेटम और कार्रवाई करने की धमकियों के लिए बिना शर्त माफी की मांग कर रहे हैं। कोलकाता हाईकोर्ट ने डॉक्‍टरों की हड़ताल में दखल देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि हम डॉक्‍टरों से बात नहीं करेंगे. राज्‍य सरकार डॉक्‍टरों से बात करे.शुक्रवार को इस हड़ताल को देशभर से समर्थन मिला। दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश और बिहार के डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने दिनभर के बंद का ऐलान किया। हड़ताल में देश भर से शामिल हुए 3.5 लाख डॉक्‍टर के लिए इमेज परिणामकई अस्पतालों में डॉक्टरों ने इलाज करने से इनकार कर दिया।उत्‍तर प्रदेश में सरकारी अस्‍पतालों के डॉक्‍टरों ने आज पश्चिम बंगाल के डॉक्‍टरों को समर्थन देने के लिए अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर काम किया है. इसपर प्रांतीय चिकित्‍सा सेवा संघ उत्‍तर प्रदेश के महासचिव डॉक्‍टर अमित सिंह ने कहा, ‘सरकारी डॉक्टरों ने राज्य के विभिन्न अस्पतालों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए काली पट्टी पहनी थी. डॉक्‍टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर को जिला मजिस्‍ट्रेट को प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा.’कोलकाता के डॉक्‍टरों के साथ मारपीट का मामला अब जम्‍मू कश्‍मीर तक पहुंच गया है. वहां के डॉक्‍टरों ने पश्चिम बंगाल के प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया है. इसके साथ ही शनिवार की सुबह 10 बजे से 12 बजे तक 2 घंटे के लिए ओपीडी बंद करने का आह्वान भी किया है.

दरअसल, बंगाल के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में 11 जून को जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट हुई थी। इसके बाद डॉक्टर विरोध जता रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता ने गुरुवार को इस हड़ताल को भाजपा और माकपा की साजिश बताया। उन्होंने डॉक्टरों को हड़ताल खत्म नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।एसोसिएशन में गुस्सा है, डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं तो वहीं राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डॉक्टरों पर ही हमलावर हैं. ममता सरकार से खफा डॉक्टरों ने इस्तीफों की झड़ी लगा दी है अभी तक राज्य में 150 से अधिक डॉक्टर अपना पद छोड़ चुके हैं.अभी तक दार्जिलिंग में 27, उत्तर 24 परगना में 18 और NRS कॉलेज में 100 से अधिक डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं तो वहीं कोलकाता में 80 से अधिक डॉक्टरों ने इस्तीफे की धमकी दी है.अब तक कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के 95, दार्जिलिंग में नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज के 27 और सागर दत्ता मेडिकल कॉलेज के 18 डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं। उनका कहना है कि वे हिंसा और धमकियों के माहौल में काम नहीं कर सकते।

मता बनर्जी के भतीजे ने किया डॉक्‍टरों का समर्थन, हड़ताल में हो गए शामिल

कोलकाता के केपीसी मेडिकल कॉलेज और अस्‍पताल में पढ़ने वाले आबेश बनर्जी ने डॉक्‍टरों की हड़ताल का समर्थन किया है और इस हड़ताल में शामिल हो गए हैं.

ममता बनर्जी के भतीजे ने किया डॉक्‍टरों का समर्थन, हड़ताल में हो गए शामिल
कोलकाता में मेडिकल स्‍टूडेंट हैं ममता बनर्जी के भतीजे आबेश. फोटो TWITTER पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक अस्‍पताल में तीमारदारों की ओर से डॉक्‍टरों संग की गई मारपीट के बाद शुरू हुई डॉक्‍टरों की हड़ताल पूरे देश में फैल गई है. देश के सबसे बड़े सरकारी अस्‍पताल एम्‍स के भी रेजीडेंट डॉक्‍टर भी इसमें शामिल हो गए हैं. डॉक्‍टरों की इस हड़ताल में खुद ममता बनर्जी के भतीजे भी शामिल हुए हैं. कोलकाता के केपीसी मेडिकल कॉलेज और अस्‍पताल में पढ़ने वाले आबेश बनर्जी ने डॉक्‍टरों की हड़ताल का समर्थन किया है और इस हड़ताल में शामिल हो गए हैं.

बता दें कि इससे पहले गुरुवार को  कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम की बेटी ने भी डॉक्‍टरों की हड़ताल का समर्थन किया था. उनकी बेटी शबा हकीम ने सोशल मीडिया में पोस्‍ट करते हुए डॉक्‍टरों को पश्चिम बंगाल में काम के समय अस्‍पताल में सुरक्षा उपलब्‍ध कराने की मांग की थी.

हर्षवर्धन ने कहा- ममता इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं
दिल्ली एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने बंगाल में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मुलाकात की। हर्षवर्धन ने कहा, ”मैं ममता बनर्जी से अपील करता हूं कि इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं। उन्होंने डॉक्टरों को अल्टीमेटम दिया, जिसकी वजह से वे नाराज होकर हड़ताल पर चले गए। मैं उनसे इस मुद्दे पर बात करने की कोशिश करूंगा। देशभर के डॉक्टरों से कहना चाहता हूं कि सरकार उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। डॉक्टरों से अनुरोध करता हूं कि वे प्रतीकात्मक विरोध करें और अपना काम जारी रखें।”

इन जगहों पर हो रहा प्रदर्शन
राजस्थान के जयपुरिया अस्पताल के डॉक्टरों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर ड्यूटी की। हैदराबाद में निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डॉक्टरों ने विरोध मार्च निकाला। रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। केरल में भारतीय चिकित्सा संघ त्रिवेंद्रम के सदस्यों ने भी विरोध जताया। नागपुर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने भी प्रदर्शन किया। दिल्ली में भी डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी है।

पश्चिम बंगाल में रहते हैं तो बांग्‍ला बोलनी होगी: ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने कहा कि अगर आप पश्चिम बंगाल में हैं तो आपको बांग्‍ला बोलनी होगी। उन्‍होंने कहा कि मैं ऐसे अपराधियों को बर्दाश्‍त नहीं करुंगी जो बंगाल में रहते हैं और बाइक पर घूमते हैं।

जनसभा को संबोधित करतीं ममता बनर्जी
डॉक्‍टरों की हड़ताल से घिरीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को विपक्षी दलों पर हमला बोलने के लिए ‘बांग्‍ला कार्ड’ खेला। बाहरी लोगों के बहाने बीजेपी पर निशाना साधते हुए ममता ने कहा कि अगर आप बंगाल में हैं तो आपको बांग्‍ला बोलनी होगी। उन्‍होंने कहा कि मैं ऐसे अपराधियों को बर्दाश्‍त नहीं करुंगी जो बंगाल में रहते हैं और बाइक पर घूमते हैं। ममता ने यह भी कहा कि वह पश्चिम बंगाल को गुजरात नहीं बनने देंगी।
उत्‍तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस की रैली को संबोधित करते हुए ममता ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा, ‘हमें बांग्‍ला को आगे लाना होगा। जब मैं बिहार, यूपी, पंजाब जाती हूं तो वहां की भाषा बोलती हूं। अगर आप पश्चिम बंगाल में रहते हैं तो आपको बांग्‍ला बोलना ही होगी। मैं ऐसे अपराधियों को बर्दाश्‍त नहीं करूंगी जो बंगाल में रहते हैं और बाइकों पर इधर-उधर घूमते हैं।’ 
बीजेपी पर बोला सीधा हमला 

बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि वह पश्चिम बंगाल को गुजरात नहीं बनने देंगी। बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डॉक्‍टरों की हड़ताल को लेकर विपक्षी बीजेपी और सीपीएम पर हमला बोला है। ममता ने कहा कि विपक्षी दल डॉक्‍टरों को भड़का रहे हैं और मामले को सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं।
इस बीच बीजेपी के राष्‍ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने डॉक्‍टरों की हड़ताल को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर कहा, ‘ममता बनर्जी, आप प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। आपके अहंकार के कारण पिछले चार दिनों में कितने लोगों ने मौत का दरवाजा खटखटाया है…। कुछ तो शर्म करो…।’
पश्चिम बंगाल में चौथे दिन चिकित्‍सा सेवाएं ठप 
बता दें कि डॉक्‍टरों की हड़ताल के केंद्र पश्चिम बंगाल में आज चौथे दिन भी कई अस्‍पतालों में चिकित्‍सा सेवाएं ठप हैं। राज्‍य में कई डॉक्‍टरों के सामूहिक इस्‍तीफा देना शुरू कर दिया है। अब तक 43 डॉक्‍टरों के साम‍ूहिक इस्‍तीफे की पुष्टि हो गई है। इस्‍तीफा देने वाले 43 डॉक्‍टरों में से 16 आरजी कार मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल कोलकाता के हैं, जबकि 27 अन्‍य डॉक्‍टर नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल दार्जिलिंग के हैं।
कोलकाता हाई कोर्ट ने इस मामले में ममता सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास क्यों नहीं किया। इसके अलावा उच्च न्यायालय ने ममता से पूछा कि आखिर उनकी सरकार ने अब तक डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार को न्यायालय ने जवाब देने के लिए एक सप्ताह का वक्त दिया है।

patients hit as doctors across the country go on strike

डॉक्‍टरों की हड़ताल का देशभर में बुरा असर, मरीज परेशान

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