नई टिहरी, ।मंगलवार सुबह हुए तीन बडी दुर्घटनाओं ने उत्तराखंड को दहला कर रख दिया है। टिहरी में स्कूल का वाहन खाई में गिर गया, जिसमें नौ बच्चों की मौत हो गई। दूसरी दुर्घटना बदरीनाथ हाईवे पर हुईं, जिसमें सात यात्रियों की मौत हुई है। वहीं चमोली के गैरसैंण में आज तड़के बादल फट गया जिससे चार गोशालाएं मलबे में दफन हो गईं।

टिहरी जिले के प्रतापनगर-कंगसाली-मदननेगी मोटर मार्ग पर बच्चों को लेकर स्कूल जा रहा मैक्स वाहन (संख्या यूए 07क्यू 3126) अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। दुर्घटना में नौ बच्चों की मौत हो गई, जबकि 10 बच्चे घायल हैं। प्रतापनगर के कंगसाली गांव से मदननेगी जा रही स्कूल वाहन के कंगसाली के समीप करीब दो सौ मीटर गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार नौ बच्चों की मौत हो गई, जबकि नौ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया है। यह सभी बच्चे कंगसाली गांव के थे, जो मदननेगी में एक अंग्रेजी स्कूल में पढ़ते थे। चंबा पुलिस लाइन से यहां हेलीकाप्टर पहुंचे और एयर लिफ्ट कर तीन गंभीर घायल बच्चों को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। घटनास्थल जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर है।

वैन में कुल 17 बच्चे सवार थे

जानकारी के मुताबिक घटना टिहरी जिले के प्रतापनगर ब्लॉक की है। जहां आज सुबह करीब साढ़े सात बजे यह  दुर्घटना हुईं। मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर एसडीआर, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया।                                                                                     7
बताया गया कि वाहन में कुल 19 बच्चे सवार थे। तहसीलदार ने बताया कि दो बच्चों की मौत मौके पर ही हो गई थी। मरने वालों में चार-पांच साल उम्र के बच्चे भी शामिल हैं। सभी बच्चे एंजल्स इंटरनेशनल स्कूल मदननेगी में पढ़ते हैं। चालक का नाम लक्ष्मण रतूड़ी (पुत्र प्रेम दत्त रतूड़ी निवासी रिंडोल गांव) है। मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे प्रतापनगर के कंगसाली से मदननेगी जा रही स्कूल मैक्स वाहन (संख्या यूए07क्यू- 3126) कंगलसाली के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। ImageImageइसमें सवार ऋषभ (5 वर्ष, पुत्र जस्सी), अयान (4 वर्ष, पुत्र अतर सिंह), आदित्य (8 वर्ष, पुत्र अरविंद), विहान (5 वर्ष, पुत्र अजयपाल सिंह), इशान (6 वर्ष, पुत्र दर्मियान), अभिनव (6 वर्ष, पुत्र सोबन सिंह), साहिल (13 वर्ष, पुत्र विशन सिंह), आदित्य (10 वर्ष, पुत्र अरविंद), वंश (5 वर्ष, पुत्र प्रवीन सिंह) सभी निवासी कंगसाली गांव की मौत हो गई। वहीं नौ घायल बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गंभीर घायलों में अखिलेश चौहान (7 वर्ष), सूरज चौहान (8 वर्ष), आशीष सेमवाल (10 वर्ष), प्रिंस (9 वर्ष), कृष्णा (6 वर्ष) व कान्हा (8 वर्ष, पुत्र उमेद सिंह) को एम्‍स ऋषिकेश रेफर किया गया। वाहन में करीब 18 बच्चे सवार बताए जा रहे हैं। मौके पर पहुंचे एसडीएम अजयवीर ने बताया कि घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया गया है। प्रशासन ने शासन से हेलीकाप्टर की मांग की, जिस पर चंबा पुलिस लाइन से हेलीकाप्टर यहां पहुंचा और तीन गंभीर घायल बच्चों को एम्स ऋषिकेश  रेफर किया गया। वहीं तहसीलदार एसडी चौरसिया व थानाध्यक्ष लंबगांव विनोद राणा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भर्ती कराया। वाहन को लक्ष्मण रतूड़ी (पुत्र प्रेमदत्त निवासी रिंडोल) चला रहा था।

वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टिहरी के प्रतापनगर क्षेत्रांतर्गत कगंसाली में मैक्‍स वाहन दुर्घटना पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को तेजी से राहत बचाव कार्य करने और घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गंभीर घायलों को एम्स ऋषिकेश लाने के लिए हेली रेस्क्यू के लिए निर्देश दिए हैं।ImageImage

दुर्घटना का शिकार हुई मैक्स गाड़ी देहरादून में पंजीकृत

दुर्घटना का शिकार हुई मैक्स गाड़ी देहरादून में पंजीकृत है। वाहन का मालिक का नाम कुंवर सिंह है, जबकि गाड़ी किसी और संचालक के पास थी। गाड़ी 10 सीट में पास है। गाड़ी की फिटनेस 19 फरवरी 2020, परमिट 12 जनवरी 2021, जबकि बीमा 29 नवंबर 2019 तक वैध है। टिहरी एआरटीओ कार्यालय की तकनीकी टीम हादसे की जांच के लिए घटनास्थल रवाना हो गई है। परिवहन विभाग के अनुसार गाड़ी को ओवरलोड नहीं माना जा सकता, क्योंकि उसमें अधिकतर 5-6 साल से कम के बच्चे सवार थे।

उधर, उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने जनपद टिहरी में वाहन दुर्घटना में बच्चों के मौत पर शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा यह हृदय विदारक है, इस दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। उनके माता-पिता किस वेदना और मनः स्थिति में होंगे अनुभव कर सकता हूं। कहा, मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हू कि उनके परिजनों को इस असह्य पीड़ा को सहने की शक्ति दे और दिवंगतों को अपने श्री चरणों में स्थान दें। यह दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई? यह गंभीर जांच का विषय है क्योंकि पूरे पर्वतीय क्षेत्र में दूर-दूर तक स्कूली बच्चे बसों और टैक्सियों द्वारा यात्रा करते हैं। उनके सुरक्षा उपाय की निगरानी के मानक सुनिश्चित करने होंगे।

यात्रियों की बस के ऊपर पहाड़ी से विशालकाय बोल्डर गिरा

जानकारी के मुताबिक बदरीनाथ हाईवे के लामबगड़ स्लाइडिंग जोन में बस के ऊपर एक बड़ा बोल्डर गिर गया. जिसमें दबने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हैं. वहीं घायलों को पास के अस्पताल में पहुंचाया गया है.

आज सुबह बदरीनाथ हाईवे पर यात्रियों की बस के ऊपर पहाड़ी से विशालकाय बोल्डर गिर गया। जिससे सात यात्रियों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना लामबगड़ में आज सुबह नौ बजे हुई । एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन की टीम और स्थानीय लोग राहत व बचाव कार्य में लगे हैं।  बस में कुल 14 लोग सवार थे जिसमें से तीन को रैस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, 5 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है। दुर्घटना के समय बदरीनाथ से आ रही थी बस। बस में कुल 13 लोग सवार थे। बस पर बोल्डर गिरने से 7 लोगों की मौतबस के चालक,  परिचालक सहित पांच लोगो पांडुकेशवर चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। बस में स्थानीय यात्रियों के अलावा 6 मुंबई के यात्री भी सवार थे। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।अभी छह लोगों को बस से निकाला गया है। आठ लोग बस के अंदर फंसे हुए हैं। यह बस बदरीनाथ से जोशीमठ लौट रही थी। छह घायलों का उपचार चल रहा है।  पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने से रेस्क्यू करने में परेशानी आ रही है। कटर से वाहन को काटा जा रहा है।

चमोली जिले के गैरसैंण में बादल फटा

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बादल कहर बरपा रहे हैं। मंगलवार तड़के उत्तराखंड के चमोली जिले के गैरसैंण में बादल फटा गया। जिससे भारी मात्रा में मलबा नीचे स्थित गांव में आ गया। गैरसैंण तहसील के पत्थरकटा गांव में आज तड़के चाड़ गधेरे (बरसाती नाला) में बादल फटने से चार गोशाला मलबे में दब गई हैं। संपर्क पुलिया व प्राथमिक विद्यालय का किचन तथा फरस्वाण गांव की पेयजल लाइन बह गई है। कुछ आवासीय मकानों में मलबा भर गया है।
जानकारी के मुताबिक सोमवार को दिनभर और मंगलवार रात को भारी बारिश के कारण पत्थरकटा गांव में आज सुबह चार बजे चार गोशाला मलबे में दब गईं। गैरसैंण के रजिस्ट्रार कानूनगो राकेश पल्लव ने बताया कि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है और वहां बादल फटा है। जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।