सोनभद्र हत्‍याकांड: बड़हर राजघराने की जमीन, 1952 में संघर्ष के बीज

विवादित प्‍लॉट राजा बड़हर, आनंद ब्रह्म शाह की 600 बीघा जमीन का एक हिस्‍सा हुआ करता था। जमींदारी प्रथा समाप्‍त होने के बाद इस जमीन को राजस्‍व अभिलेखों में बंजर घोषित करके इसे ग्राम सभा की संपत्ति के रूप में दर्ज कर दिया गया।

सोनभद्र हत्याकांड: 1952 में पड़े थे खूनी संघर्ष के बीज
हाइलाइट्स

  • पूर्वी यूपी के जिले सोनभद्र के गांव उम्‍भा में हुए हत्‍याकांड के सिलसिले में पुलिस ने अब तक 21 लोगों को अरेस्‍ट किया
  • इस घटना में 10 लोगों की मौत, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त ऐक्शन लेते हुए एसडीएम सहित 8 को किया सस्पेंड
  • हमले में इस्‍तेमाल 26 ट्रैक्‍टर और दो बंदूकें भी जब्‍त, सभी 78 आरोपियों के खिलाफ मर्डर सहित अन्य गंभीर मामले दर्ज

राजीव मणि, वाराणसी
पूर्वी यूपी के जिले सोनभद्र के गांव उम्‍भा में हुए हत्‍याकांड के सिलसिले में पुलिस ने अब तक 21 लोगों को अरेस्‍ट किया है। इस घटना में 10 आदिवासी किसानों की मौत हुई थी। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त ऐक्शन लेते हुए घोरावल के उप जिलाधिकारी वीपी तिवारी, सीओ अभिषेक सिंह, कोतवाल अरविंद मिश्रा व क्षेत्र के दरोगा सहित 4 सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है।
दरअसल, इस पूरे विवाद की नींव लगभग 5 दशक पहले एक आईएएस अफसर ने रखी थी। वाराणसी जोन के एडीजी ब्रजभूषण का कहना है कि इसमें मुख्‍य आरोपी यज्ञदत्‍त भुर्तिया, उसके दो भाई और 23 अन्‍य लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। हमले में इस्‍तेमाल 26 ट्रैक्‍टर और दो बंदूकें भी जब्‍त कर ली गई हैं। बुधवार को हुए हमले के कुछ ही घंटों बाद पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसमें 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सभी 78 आरोपियों के खिलाफ हत्‍या, हत्‍या की कोशिश, असलहों के साथ दंगे करने समेत दूसरे अपराधों में मामला दर्ज किया गया है।
1952 में बनी थी आदर्श सोसायटी
भूमि विवाद की कथित तौर पर शुरुआत उस समय हुई जब 1952 में आईएएस प्रभात कुमार मिश्रा ने अपने परिवार के सदस्‍यों के नाम पर एक सोसायटी की स्‍थापना की। उन्‍होंने ही इस सोसायटी को 112 बीघा के इस विवादित प्‍लॉट का संरक्षक नियुक्‍त किया, जिसके बारे में गांववालों का कहना है कि यह ग्राम सभा की जमीन है। गांव वाले और सोसायटी के बीच तभी से कानूनी लड़ाई चलती आ रही है।
मूलत: राजा बड़हर की थी यह जमीन
गांववालों के वकील नित्‍यानंद द्विवेदी का कहना है, ‘य‍ह विवादित प्‍लॉट राजा बड़हर, आनंद ब्रह्म शाह की 600 बीघा जमीन का एक हिस्‍सा हुआ करता था। जमींदारी प्रथा समाप्‍त होने के बाद इस जमीन को राजस्‍व अभिलेखों में बंजर घोषित करके इसे ग्राम सभा की संपत्ति के रूप में दर्ज कर दिया गया।’
1952 तक गांव वाले इसे जोतते रहे
गांववाले इसे 1952 तक जोतते रहे। इसी साल प्रभात कुमार मिश्रा ने आदर्श कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड ऑफ उम्‍भा की स्‍थापना की। द्विवेदी कहते हैं, ‘प्रभात कुमार मिश्रा ने अपने ससुर और मुजफ्फरपुर, बिहार के निवासी माहेश्‍वरी प्रसाद सिन्‍हा को सोसायटी का अध्‍यक्ष और पत्‍नी आशा मिश्राा को पदाधिकारी बना दिया।’
इसी तरह मिश्रा ने अपनी बेटी विनिता को मैनेजर बनाते हए कुल 463 बीघा उनके नाम रजिस्‍ट्री कर दी। सिन्‍हा की मृत्‍यु के बाद 6 सितंबर 1989 को 200 बीघा जमीन आशा और विनिता के नाम ट्रांसफर कर दी गई। द्विवेदी के मुताबिक, इसमें से 144 बीघा को ग्राम प्रधान भुर्तिया को 2 करोड़ रुपये में बेच दी।
साल 2017 में डीएम ने दिया था जांच का आदेश 
19 अक्‍टूबर 2017 को एक आवेदन दाखिल किया गया जिसमें जमीन का नामांतरण भुर्तिया के नाम पर होना था। द्विवेदी कहते हैं, ‘जब गांव वालों को इस बात का पता चला तो वे डीएम अमित कुमार सिंह के पास पहुंचे। डीएम ने असिस्‍टेंट रेवेन्‍यू ऑफिसर को आदेश दिया कि वह यह जांच करें कि यह जमीन सोसायटी और फिर भुर्तिया के नाम पर कैसे ट्रांसफर हुई।’
‘सोसायटी ही अवैध है’
द्विवेदी के मुताबिक, यूपी सोसायटीज रजिस्‍ट्रेशन ऐक्‍ट के नियमों के तहत तो सोसायटी अपने आप ही में अवैध है। नियमानुसार किसी प्रदेश का निवासी अपने गृह प्रदेश में ही सोसायटी रजिस्‍टर करवा सकता है। यह सोसायटी रॉबर्ट्सगंज में रजिस्‍टर हुई थी और तहसीलदार ने ग्राम सभा की यह जमीन सोसायटी को ट्रांसफर की थी, जबकि 1961 तक यह अधिकार तहसीलदार के पास था ही नहीं।

घटना में 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैंघटना में 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं

सोनभद्र हत्याकांड पर सियासत तेज, प्रियंका गांधी के बाद अब पीड़ितों से मिले योगी आदित्यनाथ

इस हिंसा को लेकर विपक्ष ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। वहीं योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल इस मामले में राजनीति जारी है।

सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिले सीएम योगीसोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिले सीएम योगी
हाइलाइट्स

  • उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 10 लोगों की जघन्‍य हत्‍या के मामले में सियासत गरमाई, प्रियंका के बाद पीड़ितों से मिले सीएम योगी
  • सीएम ने मूर्तिया गांव के उभ्भा में पीड़ितों से मुलाकात की और करीब एक घंटे तक वहां रहे, परिजनों को मुआवजे का चेक भी सौंपा
  • सोनभद्र में योगी आदित्यनाथ के दौरे का विरोध करने के लिए जुटे कई एसपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, कड़ी सुरक्षा

लखनऊ 
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 10 लोगों की जघन्‍य हत्‍या के मामले में सियासत काफी गरमा गई है। सोनभद्र के पीड़ितों से मिलने जा रहे पहले तृणमूल कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोक दिया गया और फिर लंबी मशक्कत के बाद पीड़ित कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से अपना दर्द बांट पाए। अब एसपी वर्कर्स के विरोध के बीच सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ रविवार को पीड़ित परिवार से मिलने सोनभद्र पहुंचे। सीएम ने मूर्तिया गांव के उभ्भा में पीड़ितों से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक वह पीड़ित परिवारों के साथ रहे और उन्होंने सरकार की तरफ से हर तरह की मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने पीड़ित परिजनों को मुआवजे का चेक भी सौंपा। à¤¸à¥‹à¤¨à¤­à¤¦à¥à¤° हत्याकांड के पीड़ितों से मिले सीएम योगी के लिए इमेज परिणाम
बता दें कि ग्राम प्रधान यज्ञदत्त के समर्थकों और गोंड आदिवासियों के बीच घोरावल तहसील में भूमि विवाद को लेकर बुधवार को हुए संघर्ष में दस लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस खूनी संघर्ष में 28 लोग जख्मी हुए हैं। इस घटना की जांच के आदेश के बाद सीएम योगी ने मृतक के परिवारवालों को 5-5 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया था।
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा: योगी
पीड़ितों से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीएम योगी ने माना कि पुलिस की लापरवाही इस मामले में सामने आई है। उन्होंने कहा, पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई है। आरोपियों की पहचान की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान कांग्रेस पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि सोनभद्र में कांग्रेस के नेताओं ने पाप किए हैं।

एसपी कार्यकर्ता हिरासत में
उधर, सोनभद्र में सीएम के दौरे का विरोध करने के लिए जुटे कई एसपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। यहां समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर भी पुलिस की जबरदस्त घेराबंदी रही। सीएम योगी के कार्यक्रम का विरोध करने में जुटे एसपी के पूर्व जिलाध्यक्ष अविनाश कुशवाहा को पुलिस ने हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया।

NBT

एसपी नेता हिरासत में

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प्रियंका ने योगी सरकार पर बोला हमला
उधर, इस हिंसा को लेकर विपक्ष ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। खासकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार को निशाने पर लिया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पहले घायलों को देखने के लिए वाराणसी पहुंचीं। इसके बाद वह सोनभद्र निकलीं लेकिन उन्हें पहले ही रोक लिया गया। यहां से प्रियंका चुनार गेस्टहाउस में रुकीं। 24 घंटे के धरने के बाद यहीं उन्होंने कुछ पीड़ितों से मुलाकात भी की। प्रियंका ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन न हमें मिलने दे रहा है और पीड़ित परिवारों को भी यहां आने से रोक रहा है।
योगी ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार
वहीं, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इस पूरे विवाद के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस के शासन काल के दौरान वनवासियों की जमीन को एक सोसायटी के नाम कर दिया गया। एक तीन सदस्‍यीय जांच कमिटी बनाई गई है, जो 10 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।

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जमीन खरीद-फरोख्त के पीछे एक आईएएस
जमीन की खरीद-फरोख्त के पीछे बिहार के एक आईएएस के होने की बात सामने आई है। मूर्तिया गांव आदिवासी बहुल इलाका है। गौड़ बिरादरी के लोग यहां कई पुश्तों से खेती करते आए हैं। आरोप है कि इस जमीन में से 90 बीघा जमीन बिहार काडर के एक आईएएस अफसर ने खरीदी लेकिन कब्जा करने में वह नाकाम रहे। आखिरकार उन्होंने यह जमीन मूर्तिया गांव के प्रधान यज्ञदत्त भूरिया को बेच दी। बुधवार दोपहर यज्ञदत्त जमीन पर कब्जा करने पहुंचा था, इसी के बाद विवाद भड़का।

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