नई दिल्ली, । दिल्ली-एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। लोगों ने आदेश के बावजूद दिवाली की रात जमकर पटाखे फोड़े। कई जगहों पर पटाखे फोड़ने का सिलसिला रातभर चला। उधर, जमकर आतिशबाजी के चलते दिवाली की रात से ही हवा खतरनाक हो गई है और बृहस्पतिवार सुबह हालात बदतर हो गए। एयर क्वालिटी इंडेक्स दिल्ली के कई इलाकों में 999 पहुंच गया है।

कोर्ट की अवमानना पर सैकड़ों लोगों पर कार्रवाई
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश था कि दिल्ली-एनसीआर में दिवाली की शाम 8-10 बजे तक ही पटाखे जलाए जाएं, लेकिन इसके विपरीत बुधवार शाम से ही लोगों ने पटाखे छोड़ने शुरू कर दिए और यह सिलसिला आधी रात तक चला। हालांकि, दिल्ली और एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने पर 5 00 से अधिक लोगों पर कार्रवाई हुई है। दिल्ली से सटे नोएडा में ही 31 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस के डीसीपी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को उल्लंघन करने में 562 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और 323 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। .

वहीं, शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर पश्चिम दिल्ली में 140 किलोग्राम पटाखे सीज किए और 57 मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा, 200 किग्रा पटाखे द्वारका में सीज किए हैं और 42 मामले दर्ज किए हैं।  वहीं, दक्षिण पूर्व दिल्ली में 228 किलो पटाखे बरामद करने के साथ 23 पर एफआइआर हुई है और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उत्तरी दिल्ली में 72 किलोग्राम पटाखे सीज करने के साथ 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

चारों ओर धुंध नजर आई
पटाखे फोड़े जाने के चलते बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली-एनसीआर के आसमान में काला धुआं नजर आ रहा है। दिल्ली में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) में ‘खतरनाक’ स्तर पर पहुंच गई है।

बृहस्पतिवार सुबह जारी आकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के आनंंद विहार इलाके में 999, दूतावास के इलाकों, चाणक्यपुरी में 459 रहा और मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के पास 999 रहा। लोगों के स्वास्थ्य खास बुजुर्गों और बच्चों के मद्देनजर यह बेहद खतरनाक माना जाता है।

पीएम 2.5 और पीएम 10 स्तर पर बेहद खराब
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम (इंडिया गेट) के आसपास पीएम 2.5 का स्तर सामान्य से 30 गुना ज्यादा और पीएम 10 का स्तर 20 गुना ज्यादा दर्ज किया गया। इसके आसपास राष्ट्रपति भवन, संसद और कई हाई प्रोफाइल लोगों के आवास हैं।

इसके अलावा, वजीरपुर में 2.5 का स्तर 18 गुना और पीएम 10 12 गुना ज्यादा दर्ज किया गया. इसी तरह जहांगीरपुरी में 2.5 17 गुना और पीएम 10 12 गुना ज्यादा दर्ज किया गया। आरकेपुरम में 2.5 अभी भी 11 गुना ज्यादा और पीएम 10 8 गुना ज्यादा बना हुआ है।

बुधवार शाम से ही हालात हो गए थे खराब
दिल्ली में बुधवार रात दस बजे AIQ 296 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शाम सात बजे एक्यूआई 281 था। रात आठ बजे यह बढ़कर 291 और रात नौ बजे यह 294 हो गया। हालांकि, केंद्र की ओर से चलाए गए सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने समग्र एक्यूआई 319 दर्ज किया जो ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में आता है।

दिल्ली में धुंध, वायु गुणवत्ता में गिरावट

दिल्ली में बृहस्पतिवार सुबह धुंध छाई रही और न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिवाली के एक दिन बाद दिल्ली की वायु गुणवत्ता का स्तर ‘गंभीर’ हो गया है। वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूवार्नुमान अनुसंधान प्रणाली (एसएएफएआर) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता बदतर हो गई है और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री नीचे रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने कहा, “सुबह के समय धुंध रहने के साथ आसमान साफ रहेगा।” राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। सुबह 8.30 बजे आद्र्रता 86 फीसदी रही। दिल्ली में बुधवार को वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार देखा गया था। वायु गुणवत्ता मंगलवार सुबह ‘आपातकाल’ स्तर में पहुंचने के बाद बुधवार को ‘खराब’ स्तर में आ गई थी। राजधानी दिल्ली में बुधवार को अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से एक डिग्री नीचे थे। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री नीचे 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

इन अाकड़ों से समझें वायु प्रदूषण का मानक
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, एयर क्वालिटी इंडेक्स 0-50 तक होने पर हवा को ‘अच्छा’, 51-100 होने पर ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘सामान्य’, 201-300 से ‘खराब’, 301-400 तक ‘बहुत खराब’ और 401-500 के बीच को ‘खतरनाक’ श्रेणी में रखा जाता है। फिलहाल दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 900 के पार चला गया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों पटाखों की बिक्री पर सुनवाई करते हुए साफ कर दिया था कि इस पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। कोर्ट की तरफ से कहा गया था कि दिवाली और अन्य त्योहार पर रात आठ बजे से लेकर 10 बजे तक पटाखा चला सकते हैं।