सीबीआई विवाद: केंद्र सरकार पर हमलावर कांग्रेस, देशभर में प्रदर्शन; राहुल ने दी गिरफ्तारी

CBI विवाद: केंद्र सरकार पर हमलावर कांग्रेस, देशभर में प्रदर्शन; राहुल ने दी गिरफ्तारी
दिल्ली में सीबीआ मुख्यालय के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कांग्रेसी नेताओं के साथ प्रदर्शन किया। 

नई दिल्ली, । सीबीआ में छिड़े घमासान को लेकर विपक्षी दल भी मोदी सरकार पर हमलावर हैं। कांग्रेस ने आज देशभर में सीबीआ मुख्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, दिल्ली में सीबीआइ मुख्यालय के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कांग्रेसी नेताओं के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। राहुल गांधी ने इस दौरान सांकेतिक गिरफ्तारी भी दी।

इस दौरान राहुल गांधी प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी पर वार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमन्त्री भाग सकते हैं, वे छिप सकते हैं, लेकिन आखिरी में सच सामने आ जाएगा। सीबीआइ निदेशक को हटाने से मदद नहीं मिलेगी। प्रधानमन्त्री ने सीबीआ निदेशक के खिलाफ कार्रवाई की। यह सीमा से बाहर है।

दिल्ली में सीबीआ मुख्यालय के बाहर होने वाले विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए शरद यादव और डी राजा समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।

केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोलते हुए उत्तराखंड कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदिरा नगर स्थित सीबीआई कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमन्त्री मोदी पर सीबीआई को जबरन छुट्टी पर भेजने का आरोप लगाते हुए कड़ी निंदा की गई।

सीबीआई के रिजीनल आफिस के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में पहुंचे। यहां उन्होंने सीबीआई के एसपी अखिल कौशिक को ज्ञापन भी सौंपा।

सीबीआई कार्यालय के बाहर कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन, केंद्र पर बोला हमला
केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोलते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदिरा नगर स्थित सीबीआई कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। 

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। कहा कि मोदी राफेल सौदे में की गई गड़बड़ी से घबराई हुई है। सीबीआई निदेशक को रात के दो बजे जबरन छुट्टी पर भेजने से साफ है कि मोदी सरकार ने राफेल सौदे में कुछ न कुछ गलत किया है।

उन्होंने देश के राष्ट्रपति को भेजे मांग पत्र में कहा कि मोदी व अमित शाह देश की संवैधानिक व्यवस्था को समाप्त करना चाहते हैं। लोकतंत्र के नाम पर वे तानाशाह बनाना चाहते हैं।

इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि आज पूरे देश में कांग्रेस सीबीआई आफिस के बाहर मोदी सरकार का विरोध कर रही है। मौके पर पूर्व विधायक राजकुमार, अनुशासन समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह, गरिमा दसोनी, महानगर अध्यक्ष लाल चद शर्मा, महेश जोशी, राजेंद्र शाह आदि मौजूद रहे।

सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी को जांच के लिए 15 दिन का समय
देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआ में मची रार के बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सीवीसी को जांच के लिए 15 दिन का समय दिया है। दरअसल, सीबीआ निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। आलोक वर्मा ने सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। आलोक ने सरकार पर जांच एजेंसी में दखलअंदाजी के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। वरिष्ठ वकील फाली एस नरीमन ने सुप्रीम कोर्ट में आलोक वर्मा का पक्ष रखा। वहीं, सीवीसी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पैरवी की।

अस्थाना की याचिका पर होगी सुनवाई
इसके अलावा, घूसखोरी मामले में सीबीआ की ओर से दर्ज एफआईआर को लेकर एजेंसी के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की याचिका पर भी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। अस्थाना की तरफ से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी सुप्रीम कोर्ट में पेश होंगे। इससे पहले, आज सुबह राकेश अस्थाना मुकुल रोहतगी के आवास पर उनसे मिलने भी गए थे।

अपडेट्स

  • दिल्ली में सीबीआ दफ्तर के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और अशोक गहलोत प्रदर्शन में पहंचे
  • राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने गिरफ्तारी दी
  • कर्नाटक और बिहार में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
  • छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीबीआ के प्रदेश मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
  • लखनऊ में भी सीबीआ दफ्तर के बाहर कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • आलोक वर्मा के वकील फाली एस नरीमन का पक्ष- सीबीआ निदेशक के दो साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही क्या उन्हें हटाया जा सकता है
  • सीवीसी और केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए ऑर्डर कानून के हिसाब से नहीं हैं : नरीमन
  • हम इसकी जांच करेंगे। हमें केवल यह देखना है कि किस तरह का अंतरिम आदेश पास किया जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस
  • सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने अटॉर्नी जनरल को आदेश दिया कि जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा या पूर्व जज से कराई जाए। साथ ही, एजेंसी के अंतरिम निदेशक एम नागेशवर राव कोई नीतिगत फैसला नहीं लेंगे
  • आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना मामले में सीवीसी जांच 10 दिन में पूरी हो :सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस
  • जांच पूरी करने के लिए 10 दिन काफी नहीं : सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता
  • जांच तय समय में ही पूरी होनी चाहिए और इस मामले को लटकाना नहीं चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
  • सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सीवीसी के लिए आलोक वर्मा के खिलाफ जांंच करने की अवधि को 10 दिन से बढ़ाकर 15 दिन किया। 12 नवंबर को अगली सुनवाई होगी
  • अगली सुनवाई तक नागेशवर राव नीतिगत फैसला नहीं ले सकते। वे सिर्फ रूटीन कामकाज ही देखेंगे

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