सांसद सावित्री बाई फूले ने भाजपा से दिया इस्तीफा,

भाजपा सांसद सावित्री बाई फूले ने पार्टी से दिया इस्तीफा, बताई ये वजह

भाजपा सांसद सावित्री बाई फूले ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सावित्री का कहना है कि पार्टी समाज में विभाजन पैदा कर रही है। 
नई दिल्ली,। बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा देश को मनुस्मृति से चलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा दलित, पिछड़ा व मुस्लिम विरोधी है और आरक्षण खत्म करने की साजिश रच रही है। 
सावित्री बाई ने भाजपा पर देश के संविधान को बदलने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न तो संविधान लागू किया जा रहा है और न ही आरक्षण। केंद्र सरकार ने मेरी मांगों को ठुकराया है क्योंकि सरकार दलित विरोधी है।
सावित्री बाई ने कहा कि भाजपा बहुजनों के हित में कोई कार्य नहीं कर रही है। यहां तक कि समतामूलक समाज की स्थापना करने वाले बाबा साहेब की प्रतिमा तोड़ने वालों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कार्यकाल पूरा होने तक सांसद रहेंगी। सिर्फ पार्टी से इस्तीफा दिया है। हनुमान जी को दलित बताए जाने पर उन्होंने कहा कि हनुमान जी दलित थे लेकिन मनुवादियों के खिलाफ थे। तभी राम ने उन्हें बंदर बना दिया।

वहीं, राम मंदिर पर उन्होंने कहा कि दलितों को मंदिर नहीं संविधान चाहिए। देश संविधान से चलेगा । मनुस्मृति से नहीं।

। बता दें कि सावित्री बाई फूले यूपी के बहराइच से लोकसभा पहुंची हैं। बता दें कि सावित्री बाई फूले कई बार पार्टी लाइन से हटकर बयान दे चुकी हैं। इसके अलावा वो समय-सयम पर दलितों का नाम लेकर योगी सरकार पर भी हमला बोलती रहती हैं।
सावित्री ने कहा था- आरक्षण और संविधान खतरे में 
बता दें कि सावित्री बाई ने हाल ही में मऊ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि भाजपा सरकार संविधान व आरक्षण समाप्त करने का कुचक्र रच रही है जिसे बहुजन समाज किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। बहुजन समाज के लोगों को बाबा साहब डा.भीमराव आंबेडकर व भगवान गौतम बुद्ध जैसे महापुरुषों के बनाए गए संविधान विचार व व्यवस्था पर एकजुट होकर चलना होगा।

‘अयोध्या में राम नहीं बुद्ध का मंदिर बनना चाहिए’ 
इसके अलावा सावित्री बाई फूले अयोध्या में भी पार्टी लाइन से हटकर बयान दे चुकी हैं। सलेमपुर (दाउदपुर) में आयोजित भीम चर्चा महोत्सव में उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर नहीं बुद्ध का मंदिर बनाने की बात कही थी। सावित्री ने कहा, ‘अयोध्या में राम नहीं  बुद्ध का मंदिर बनना चाहिए। यह कार्य तभी संभव होगा जब बहुजन समाज व पिछड़ा समाज एकजुट होकर अपनी ताकत का एहसास कराएगा। मैं सांसद बनी हूं तो वह बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर की देन है। अगर मेरी सीट आरक्षित नहीं होती तो क्या सांसद बन पाती! ‘

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