देहरादून । उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन भी सदन में काफी हंगामा हो रहा है. विपक्ष सदन में सरकार को गन्ना किसानों और शराब कांड के मुद्दे पर लगातार घेर रहा है. वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत भी पुलिस को चकमा देकर विधानसभा के बाहर गन्ना किसानों के भुगतान की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. सदन से वॉकआउट करने के बाद कांग्रेस के विधायक भी हरदा के धरने का समर्थन करते हुए विधानसभा के बाहर बैठ गए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अपनी घोषणा के अनुरूप विधानसभा के समक्ष धरना देने के लिए पहुंचे। उसके साथ कार्यकर्ताओं भी खासी भीड़ थी। कई कार्यकर्ता हाथों में गन्ना लेकर चल रहे थे। इस दौरान पुलिस ने कांग्रेसियों को विधानसभा गेट से पहले रिस्पना पुलिस के लिए उन्हें रोक दिया। इस पर हरीश रावत सड़क किनारे ही धरने पर बैठ गए। साथ ही वह उपवास पर भी हैं। 

हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मुद्दे में फेल हो गई है। चीनों मिलों से गन्ना किसानों को करीब तीन सौ करोड़ का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। सरकार को किसानों की कोई चिंता तक नहीं है।

उन्होंने कहा कि जहरीली शराब कांड सरकार की गलत आबकारी नीति का नतीजा है। उनकी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की आबकारी नीति बेहतर थी। अब प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को मुंहतोड़ जवाब देगी। इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व विधायक दिनेश अग्रवाल, मंत्री प्रसाद नैथानी भी मौजूद थे।