हरिद्वार, : कांग्रेस के महापौर और पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक ऑडियो क्लिप ने घमासान मचा दिया है। करीब 21 मिनट की इस ऑडियो क्लिप में टिकट वितरण से जुड़े दो कांग्रेसी नेताओं की बातचीत अनजाने में रिकॉर्ड हो गई है। पर्दे के पीछे की बात बाहर आने से कार्यकर्ताओं ने आला नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कई दावेदारों ने तो सोशल मीडिया पर टिकट बंटवारे में लेनदेन और चहेतों को बंदरबांट करने के आरोप भी लगाए हैं।हरिद्वार में कांग्रेस ने ज्वालापुर, कनखल व हरिद्वार क्षेत्र के टिकट वितरण की जिम्मेदारी एक पूर्व दर्जाधारी, पूर्व विधायक और कनखल के दो कांग्रेसी बंधुओं को सौंपी थी। रविवार को सूची जारी होते ही दावेदारों के तेवर तल्ख हो गए। रात में ही एक ऑडियो क्लिप त्रिमूर्ति नगर से टिकट के दावेदार अहसान अंसारी की ओर से सोशल मीडिया पर वायरल की गई जिसमें पूर्व दर्जाधारी और पूर्व विधायक वार्ड दर वार्ड प्रत्याशियों पर विचार-विमर्श करते सुनाई पड़ रहे हैं।demo pic टिकट मांगने वालों को कभी देहरादून तो कभी दिल्ली से टिकट फाइनल होने की बात कही जा रही थी, लेकिन ऑडियो में साफ सुना जा सकता है कि दोनों नेताओं ने किस तरीके से टिकटों का वितरण किया। चर्चा में आए दोनों ने इस मामले पर दिनभर सफाई देते रहे।   पिछले कई दिनों से कांग्रेस में हरिद्वार नगर निगम पार्षद के प्रत्याशी तय करने को लेकर मारामारी मची हुई थी। कई जगह एक वार्ड से कई दावेदार थे। ऐसे दावेदारों से जान छुड़ाने के लिए पार्टी के नेता कभी देहरादून तो कभी दिल्ली से टिकट फाइनल होने की बात कर रहे थे।
इस बीच रविवार की शाम जारी एक ऑडिया ने कांग्रेस में घमासान मचा दिया है। इस ऑडियो पूर्व विधायक अंबरीष कुमार और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय पालीवाल वार्डवार प्रत्याशियों के बारे में चर्चा करते सुनाई दे रहे हैं।

पार्टी हाईकमान को भी यह ऑडियो भेजा गया

संजय पालीवाल जहां दावेदारों के नाम पढ़कर सुनाते रहे, वहीं अंबरीष कुमार टिकट देने या न देने पर चर्चा करते रहे। जहां पालीवाल सहमत नहीं दिखे वहां वे भी आपत्ति जताते दिखाई दे रहे हैं। एक एक कर सभी वार्डों के टिकट दोनों नेताओं ने आपसी चर्चा में ही फाइनल कर दिए।

एक जगह तो डा. संजय पालीवाल ज्वालापुर के एक वार्ड से अपने समर्थक दिनेश पुंडीर को टिकट दिए जाने की वकालत करते हुए यह भी कहते हुए सुने जा रहे हैं कि उन्होंने जब चाहा दिनेश पुंडीर को रावत के खिलाफ प्रयोग किया।Image result for वायरल ऑडियो क्लिप

ऐसे में उसे टिकट देना उनकी मजबूरी है। वह किस रावत के बारे में कह रहे हैं वह इस ऑडियो में स्पष्ट नहीं है। टिकट पाने से वंचित रहे कार्यकर्ता दोनों नेताओं पर मनमानी करने का आरोप लगा रहे हैं।

पार्टी हाईकमान को भी यह ऑडियो भेजा गया है। जबकि पूर्व विधायक अंबरीष कुमार और संजय पालीवाल ने कहा कि ऑडियो में जो भी बातें हैं वह सामान्य चर्चा है। कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। उस समय कक्ष में केवल तीन ही लोग मौजूद थे।

बातचीत के दौरान कई वार्ड में सक्रिय दावेदारों का टिकट काटकर नए लोगों को मौका देने की बात सुनने पर दावेदारों का गुस्सा फूट पड़ा। महापौर पद की दावेदार वंदन गुप्ता, पार्षद पद के दावेदार अंसार अंसारी, अथर अंसारी आदि ने ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए आला नेताओं पर लेनदेन व चहेतों को टिकट देने के आरोप लगाए। उनका कहा है कि ऑडियो क्लिप ने टिकट वितरण में धांधली की पूरी पोल पट्टी खोलकर रख दी है।

महिला कांग्रेस की महानगर अध्यक्ष विमला पांडेय व जिलाध्यक्ष किरण सिंह ने भी गंभीर आरोप लगाए है। वंदना गुप्ता ने तो ऑडियो को टुकड़ों में फेसबुक पर पोस्ट कर दी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के समर्थकों ने तीखा हमला बोला।

भाई जी, इसने रावत के खिलाफ मेरा साथ दिया

क्लिप में एक नेता ज्वालापुर के एक वार्ड से कार्यकर्ता की सास को टिकट देने की वकालत करता सुनाई दे रहा है। दूसरे नेता अपने करीबी का नाम लेता है तो पहला नेता कहता है कि भाई जी इसने हरीश रावत के खिलाफ मेरा साथ दिया है। चाहे यह हार क्यों न जाए, इसे टिकट देना पड़ेगा। आखिरकार टिकट भी नेता की सास का फाइनल हुआ है। जिससे दावेदारों में रोष है। हरीश रावत खेमे के कार्यकर्ताओं का कहना है कि टिकट वितरण का यह कौन सा पैमाना है कि जिसने हरीश रावत के खिलाफ काम किया है, उसे ही टिकट दिया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि क्लिप पूर्व सीएम हरीश रावत तक भी पहुंच चुकी है।

जाति विशेष को बोले अपमानजनक बोल

एक नेता के मोबाइल फोन आने पर वह कॉल रिसीव कर बात करना भूल गए। कॉल चालू रहने के दौरान पूरी बात दूसरी तरफ रिकार्ड हो गई। बातचीत में दोनों नेता इतने तल्लीन हो गए कि एक ने जाति विशेष के लोगों को अपमानजनक बोल भी बोल डाले। इसको लेकर कांग्रेस से जुड़े जाति विशेष के लोगों में नाराजगी है।