लौटते ही एमजे अकबर ने ईमेल से भेज दिया इस्तीफा!

देश लौटने के बाद एमजे अकबर खुद पर लगे यौन शोषण और छेड़छाड़ के आरोपों पर बोलने से बचते नजर आए. हालांकि उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वो बाद में बयान जारी करेंगे

  • 11:45(IST)टाइम्स नाऊ के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संबंध में उच्च अधिकारियों से आज मुलाकात करने वाले हैं

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    @mjakbar quits as MoS, seeks meeting with @SushmaSwaraj: Sources | @SiddiquiMaha with more details

नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री एमजे अकबर विदेश दौरे के बाद रविवार को स्वदेश लौट आए हैं. भारत लौटते ही पत्रकारों ने अकबर से उन्हें लेकर उठ रहे विवादों के संबंध में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वह आरोपों पर बाद में जवाब देंगे.
दिल्ली लौटते ही केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर  इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पत्रकारों के सवालों से कन्नी काटते नजर आए और इस पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. हालांकि, पत्रकारों के बार-बार सवाल दोहराने पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे बाद में बयान देंगे और फिर चलते बने .आधिकारिक विदेश यात्रा पर गए केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री ने अभी तक खुद पर लगे आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया है.  गौरतलब है कि #MeToo के तहत करीब 10 महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. इन महिला पत्रकारों में एक विदेश महिला पत्रकार भी शामिल हैं. वहीं, माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर के इस्तीफे के लिए बढ़ रहे दबाव को देखते केंद्र सरकार और भाजपा जल्द ही कोई फैसला ले सकती है. सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में भाजपा पहले केंद्रीय मंत्री से उनका पक्ष सुनना चाहती है. यह वजह है कि विदेश राज्यमंत्री एम जे अकबर को लेकर केंद्र सरकार अभी तक कुछ भी नहीं कह रही है. मिली जानकारी के अनुसार अपने विदेशी दौरे से लौटने के बाद बाद अब भाजपा पहले अकबर से उनका स्पष्टीकरण मांगेगी. इसके बाद यह फैसला किया जाएगा कि इस मामले में पार्टी और सरकार को आगे क्या कदम उठाने चाहिए.

सोशल मीडिया पर मी टू अभियान के जोर पकड़ने के बीच पिछले कुछ दिनों में कई महिला पत्रकारों ने उनपर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. हालांकि, भाजपा ने मामले में चुप्पी साध रखी है लेकिन अकबर के खिलाफ लगे आरोपों पर कोई रूख अपनाए बिना कुछ महिला मंत्रियों ने मी टू अभियान को अपना समर्थन दिया है. पार्टी के नेताओं का कहना है कि सबसे पहले अकबर को ही आरोपों पर जवाब देना है.

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर करीब 9 महिलाओं ने अकबर पर सेक्शुअल हैरसमेंट का आरोप लगाया है। हालांकि ये आरोप तबके हैं जब एमजे अकबर की राजनीति में एंट्री नहीं हुई थी। अधिकतर आरोप एमजे अकबर के पत्रकारिता करियर के दौरान उनके साथ काम की हुई महिला पत्रकारों ने लगाए हैं। ये आरोप जब सामने आए तो अकबर विदेश दौरे पर थे।

मोदी को मंत्रियों ने दी सलाह, एमजे अकबर पर नहीं जा रहा ठीक संदेश
एमजे अकबर पर कई महिलाओं के आरोप सामने आने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी इस मामले पर लगातार फीडबैक ले रहे थे। पिछली कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने पीएम को सलाह दी थी कि एमजे अकबर पर संदेश ठीक नहीं जा रहा है। सवाल उठ रहे थे कि आखिर अकबर कब इस्तीफा देंगे।

बता दें कि पिछले हफ्ते केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने #MeToo से जुड़े सभी मामलों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी में रिटायर्ड जज और कानूनविद् को बतौर सदस्य शामिल किया गया है.

एमजे अकबर पर क्या लगे हैं आरोप?

#MeToo कैंपेन के तहत एक अमेरिकी महिला पत्रकार समेत 10 महिला पत्रकारों ने पत्रकार से राजनेता बने एमजे अकबर पर छेड़छाड़ और यौन शोषण के आरोप लगाए हैं.

प्रिया रमानी नाम की एक महिला पत्रकार ने अपनी आपबीती बयां करते हुए कहा कि वर्षों पहले अकबर ने उन्हें मुंबई के एक आलीशान होटल के कमरे में नौकरी के इंटरव्यू के लिए बुलाया था. लेकिन उन्होंने उनकी नीयत को भांपते हुए वहां जाना मुनासिब नहीं समझा और इंटरव्यू ऑफर को ठुकरा दिया था.आरोपों में कहा गया है कि एमजे अकबर ने यह काम तब किया जब वो अखबारों के संपादक के रूप में काम कर रहे थे.

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