यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे तिवारी का निधन, जन्मदिन के दिन ही ली आखिरी सांस

ND tiwari diedनई दिल्ली:  उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे एनडी तिवारी का निधन हो गया है. उन्होंने दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. एनडी तिवारी का निधन उनके जन्मदिन के दिन हुआ है.वह 93 साल के थे. एनडी तिवारी बीते एक साल से बीमार चल रहे थे. वह तीन बार उत्तरप्रदेश और एक बार उत्तराखंड के सीएम रहे. वह  आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं. इसके अलावा वह केंद्र में वित्त और विदेश मंत्री भी रह चुके हैं.Image result for एनडी तिवारी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एनडी तिवारी के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित नारायण दत्त तिवारी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करता हूं. ईश्वर से उनकी दिवंगत आत्मा की शांति व परिजनों को दुःख सहने की प्रार्थना करता हूं.’

रावत ने कहा, ‘तिवारी का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. विरोधी दल में होने के बावजूद उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर रहकर सदैव अपना स्नेह बनाए रखा. तिवारी के जाने से भारत की राजनीति में जो शून्य उभरा है, उसकी भरपाई कर पाना मुश्किल है. तिवारी देश के वित्तमंत्री, उद्योग मंत्री और विदेश मंत्री जैसी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं.’

मुख्यमंत्री रावत ने कहा, ‘उत्तराखंड तिवारी के योगदान को कभी नहीं भुला पाएगा. नवोदित राज्य उत्तराखंड को आर्थिक और औद्योगिक विकास की रफ़्तार से अपने पैरों पर खड़ा करने में तिवारी ने अहम भूमिका निभाई.’

 पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब थी. पिछले दिनों उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती भी किया गया था.

सियासी सफर
आपको बता दें कि एनडी तिवारी पहली बार 1952 में विधायक बने. एनडी तिवारी पहली बार 1976 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. 5 बार विधायक रहे तो तीन बार यूपी के सीएम की कुर्सी पर कब्जा किया. 1980 में तिवारी पहली बार लोकसभा पहुंचे और इंदिरा गांधी ने उन्हें योजना मंत्री बनाया बाद में एनडी तिवारी ने वित्त, विदेश जैसे कई बड़े मंत्रालय संभाले.

कहा जाता है कि खांटी कांग्रेसी एनडी तिवारी, राजीव गांधी की मौत के बाद प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे थे लेकिन वो चुनाव हार गए और सत्ता की सबसे बड़ी कुर्सी के इतने करीब होने के बावजूद उसे पा ना सके. और यही वजह थी कि एनडी कांग्रेस से अलग हो गए थे लेकिन बाद में सोनिया गांधी के आने के बाद फिर से कांग्रेस में वापस आ गए.

जब एनडी ने रचा इतिहास

उसके बाद साल 2000 में उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ, साल 2002 में ही उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बन एनडी तिवारी ने इतिहास रच दिया और दो राज्यों के मुख्यमंत्री बनने वाले इकलौते राजनेता बन गए. इतना ही नहीं साल 2007 में एनडी तिवारी आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी बने.

इतना बड़ा सियासी करियर होने के साथ ही एनडी तिवारी का विवादों से चोली दामन का साथ रहा . साल 2009 में एनडी तिवारी सेक्स स्कैंडल में फंस गए, एक तेलगू चैनल ने तीन लड़कियों के साथ उनकी तस्वीर दिखाई, जिसके बाद उन्हें राज्यपाल पद से इस्तीफा देना पड़ा. तब बीजेपी ने एनडी तिवारी पर जमकर हमला बोला था लेकिन अमित शाह के साथ आई एक तस्वीर ने चाल, चरित्र और चेहरा सब बदल दिया.

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