मोदी ने भारत-चीन सीमा पर सैनिकों के साथ मनाई दिवाली

मोदी ने सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की मौजूदगी में सैनिकों से कहा, ‘‘आप हमारी जमीन के केवल एक कोने की रक्षा नहीं कर रहे हैं. देश की सरहदों की सुरक्षा करके, आप 125 करोड़ भारतीयों के सपनों और जिंदगियों की सुरक्षा कर रहे हैं.’’

उत्तरकाशीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन सीमा के पास बर्फीले पहाड़ों पर सेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के जवानों के साथ बुधवार को दिवाली मनाई. मोदी ने जवानों से कहा कि दूर-दराज के इलाकों में बर्फीले पहाड़ों पर ड्यूटी करने की उनकी लगन राष्ट्र की ताकत को और मजबूत बनाती है. हर्षिल छावनी क्षेत्र में जवानों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे अपनी प्रतिबद्धता और अनुशासन के जरिये 125 करोड़ भारतीयों के सपने एवं भविष्य को सुरक्षित करते हैं और लोगों में सुरक्षा और निडरता का भाव पैदा करने में मदद करते हैं.हर्षिल में PM मोदी ने जवानों संग मनाई दिवाली, देखें तस्वीरें

मोदी ने सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की मौजूदगी में सैनिकों से कहा, ‘‘आप हमारी जमीन के केवल एक कोने की रक्षा नहीं कर रहे हैं. देश की सरहदों की सुरक्षा करके, आप 125 करोड़ भारतीयों के सपनों और जिंदगियों की सुरक्षा कर रहे हैं.’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली के मौके पर महार रेजिमेंट के जवानों को पहले मिठाई खिलाई और उसके बाद उनके साथ फोटो खिंचाई.

जवानों और दिवाली के दौरान जलने वाले दीयों की तुलना करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया को रोशनी देने के लिये जिस तरह दीया स्वयं को जलाता है उसी तरह आप भी देश की सुरक्षा करने के लिये अपने जीवन का बलिदान देते हैं.’’ बलों के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपने करियर की शुरुआत में सैनिकों के साथ समय बिताने का मौका मिला और वह उनकी जरूरतों को लेकर संवेदनशील हैं.उन्होंने पूर्व सैनिकों के लिए लंबे समय से अटके ‘वन रैंक, वन पेंशन’ लागू करने को रक्षाकर्मियों के साथ उनके लंबे जुड़ाव का नतीजा बताया.Image may contain: 6 people, people smiling, people standing, suit and outdoor

मोदी ने कहा, ‘‘आरएसएस सदस्य के रूप में, मुझे सेना के जवानों के बीच रहने का मौका मिला. उस समय, मैंने ‘वन रैंक, वन रेंशन’ के बारे में बहुत सुना था. कई सरकारें आईं और चली गईं. चूंकि मैं आपसे जुड़ा रहा था, मैंने आपकी भावनाओं को समझा. इसलिए प्रधानमंत्री बनने के बाद, आपके सपने को पूरा करना मेरी जिम्मेदारी थी.’’ प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘भले ही इसे लागू करने के लिए 12 हजार करोड़ रुपये की बड़ी राशि की जरूरत थी, इसे पूरा किया गया. आज मैं खुश हूं कि 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक ‘वन रैंक, वन पेंशन’ के तहत खर्च हो चुके हैं.’’

फोटोः आईएएनएस

उन्होंने आईटीबीपी के जवानों के साथ सालों पहले हुई बातचीत का भी जिक्र किया जब वह कैलाश मानसरोवर यात्रा का हिस्सा बने थे.मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत अच्छी प्रगति कर रहा है. मोदी ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने संयुक्त राष्ट्र के शांतिरक्षा मिशनों में दुनिया भर से प्रशंसा और सराहना हासिल की है. अपने संबोधन के बाद, प्रधानमंत्री ने जवानों को मिठाई बांटी.प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि जवानों के साथ तब से दिवाली मना रहे हैं, जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे.. हर्षिल में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रक्षा के क्षेत्र में काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व सैन्यकर्मियों की भलाई के लिए सरकार बहुत कुछ कर रही है. इसमें वन रैंक-वन पेंशन योजना भी शामिल है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-ANI)

वह सीमावर्ती गांव बागोरी के लोगों से भी मिले और उन्होंने हर्षिल में गंगा की सहायक नदी भागीरथी के तट पर पूजा अर्चना की.मोदी हर्षिल में करीब सवा घंटा रूके. यह एक छावनी इलाका है जो उत्तरकाशी जिले में भारत-चीन सीमा के करीब 7,860 फुट की ऊंचाई पर स्थित है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के हर्षिल में जवानों के साथ दिवाली मनाने के बाद केदारनाथ पहुंचे. Image result for प्रधानमंत्री बनने के बाद केदारनाथ धामयहां हेलीपैड से उतरने के बाद करीब आधे किलोमीटर का रास्ता उन्होंने पैदल तय किया और बाबा केदारनाथ के मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की. इस बार उन्होंने जलाभिषेक किया. पिछले दो बार से वे रुद्राभिषेक कर रहे थे. मंदिर से बाहर आकर उन्होंने नंदी को प्रणाम किया और मंदिर की परिक्रमा भी की.इसके बाद प्रधानमंत्री ने केदारनाथ जाकर पूजा अर्चना की और केदारपुरी में चल रही पुनर्निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. शीतकाल के लिये कपाट बंद होने से दो दिन पूर्व मंदिर पहुंचे प्रधानमंत्री ने वहां करीब दो घंटे बिताये. उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में करीब 10—15 मिनट गुजारे और इस दौरान भगवान शिव का रूद्राभिषेक किया. केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीर्थ पुरोहित प्रवीण तिवारी ने मंदिर में पूजा संपन्न करायी.Image result for प्रधानमंत्री बनने के बाद केदारनाथ धामप्रधानमंत्री भारतीय वायु सेना के एक विशेष विमान में देहरादून पहुंचे. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने जॉली ग्रांट हवाईअड्डे पर उनका स्वागत किया.

फोटोः पीटीआई
प्रधानमंत्री बनने के बाद केदारनाथ धाम तीन बार पहुंचे हैं. केदारनाथ ऐसा पहला धाम है जहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन बार पहुंचे हों. केदारधाम में पहली बार प्रधानमंत्री ने 2 घंटे का वक्त बिताया. इस दौरान उन्होंने केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों को बारीकी से जाना. वहां लगी फोटो गैलरी में प्रधानमंत्री मोदी को मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने एक-एक जानकारी दी और यह बताया कि कैसे आपदा के बाद से अब तक का पुनर्निर्माण का काम तेजी से केदार घाटी में चला है.Image result for प्रधानमंत्री बनने के बाद केदारनाथ धाम

केदारनाथ में प्रधानमंत्री मोदी ने मीडियाकर्मियों को दीपावली की बधाई तो दी ही, साथ ही साथ उनके स्वस्थ रहने की भी कामना की. मोदी ने मीडियाकर्मियों से पूछा कि आप पुनर्निर्माण के कामों से संतुष्ट हैं. इतनी बात कहकर प्रधानमंत्री मोदी सीढ़ियों से उतरते हुए नीचे चले गए.Image result for प्रधानमंत्री बनने के बाद केदारनाथ धाम

2 घंटे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और मुख्य सचिव उत्पल कुमार रहे. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ पुनर्निर्माण के कामों को जाना जबकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से चंद मिनट भी बात नहीं की. ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात न कर सिर्फ अधिकारियों से ही सभी जानकारी ली जो केदारपुरी के निर्माण में लगे हुए हैं.मोदी ने मंदिर के नजदीक अतिथि गृह के पुनर्निर्माण कार्य पर राज्य सरकार अधिकारियों की ओर से तैयार एक वीडियो प्रजेंटेशन को भी देखाImage result for प्रधानमंत्री बनने के बाद केदारनाथ धाम

उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्य भी इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ मौजूद रही .गर्भगृह से बाहर आने के बाद मोदी ने मंदिर की परिक्रमा की और पिछले कुछ दिनों में धाम में हुई हिमपात से खूबसूरत दिखायी दे रहे नजारे का भी दीदार किया .प्रधानमंत्री ने मंदिर प्रांगण में लगायी गयी केदारनाथ की तस्वीरों का भी अवलोकन किया जिसमें वर्ष 2013 में आयी प्रलयंकारी भीषण आपदा से उजड गये केदारनाथ क्षेत्र के पुनर्निर्माण की यात्रा को दर्शाया गया था .

केदारनाथ के समीप स्थित केदारपुरी ने 2013 की प्रलयकारी बाढ़ का दंश झेला था जिसमें हजारों लोग मारे गए थे.प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि मोदी ने पूरे मंदिर परिसर का दौरा किया जहां पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है. वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें कार्य की प्रगति से अवगत कराया.मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग ‘आस्था पथ’ के दोनों ओर खडे़ श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों का भी प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया और उन्हें दिवाली की शुभकामनायें भी दीं .

फोटो- पीटीआई

प्रधानमंत्री इससे पहले अक्टूबर 2017 में केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने से ठीक पहले भगवान के दर्शन के लिए आए थे.वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने दिवाली सियाचिन में जवानों के साथ मनाई थी.वर्ष 2015 में वह दिवाली पर पंजाब सीमा पर गये थे. इसके अगले वर्ष मोदी हिमाचल प्रदेश गये थे जहां उन्होंने आईटीबीपी पुलिस के जवानों के साथ एक सुरक्षा चौकी पर समय बिताया था.मोदी ने पिछले साल प्रधानमंत्री के रूप में अपनी चौथी दिवाली जम्मू कश्मीर के गुरेज में सैनिकों के साथ मनाई थी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *