मुख्यमंत्री करीबियों पर लेनदेन के आरोप, कांग्रेस का वेल में प्रदर्शन,सदन अनिश्चितकाल को स्थगित

उत्तराखंड विधानसभा सत्रः दो से ज्यादा बच्चे वाले नहीं लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, शैक्षिक योग्यता भी तय
विधानसभा सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस के तेवर मुख्यमंत्री कार्यालय में भ्रष्टाचार को ले काफी तल्ख रहे। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के करीबियों पर अवैध लेनदेन का आरोप लगाया और इस पर चर्चा की मांग की।
देहरादून, । आज विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सदन शुरू होते ही कांग्रेस ने समस्त नियमों का निलंबन करते हुए मुख्यमंत्री के करीबियों पर लेनदेन का आरोप लगाते हुए इस पर चर्चा की मांग की। इस बाबत सामने आए स्टिंग प्रकरण पर चर्चा की मांग को लेकर सदन में विपक्ष ने विरोध किया। इसके साथ ही विपक्ष ने नियम 310 में चर्चा की मांग भी की और वेल में आकर प्रदर्शन किया जिसके बाद सदन स्थगित कर दिया गया।  बाद में सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं सदन में संशोधन के साथ पंचायतीराज संशोधन विधयेक पास हो गया।

विधानसभा सत्र की अवधि कल एक दिन और बढ़ा दी गई थी जिसके बाद बुधवार को भी सत्र चला। पहले सिर्फ दो दिन के लिए सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन विपक्ष ने इस पर एतराज जताया और सदस्यों के सवालों को देखते हुए इसकी अवधि बढ़ाने की मांग की थी। स्पीकर प्रेम चंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। कार्यवाहक संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक के अनुसार, विपक्ष की भावना का सम्मान करते हुए सत्र की अवधि एक दिन और बढ़ाई गई है।विधानसभा सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस के तेवर मुख्यमंत्री कार्यालय में भ्रष्टाचार को लेकर काफी तल्ख रहे। सदन शुरू होते ही कांग्रेस ने समस्त नियमों का निलंबन करते हुए मुख्यमंत्री के करीबियों पर लेनदेन का आरोप लगाया और इस पर चर्चा की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री के इस मामले के कोर्ट में होने पर चर्चा नहीं कराई जाने के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने हंगामा जारी रखा और संबंधित स्टिंग का पेन ड्राइव भी दिखाया। विधायकों के हंगामे के बीच पंचायती राज संशोधित विधेयक सदन में पेश करने के बाद पारित कर दिया गया। साथ ही सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश

कांग्रेस विधायकों के हंगामे के बीच पंचायती राज संशोधित विधेयक सदन में पेश किया गया। संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि अब पंचायत चुनाव में केवल दो बच्चों वालों को ही लड़ने का  मौका मिलेगा। साथ ही आवेदक की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता भी तय कर दी गई है।

सामान्य वर्ग के लिए दसवीं और महिला एससी, एसटी के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य है। राज्यपाल की मंज़ूरी मिलते ही विधेयक तत्काल लागू हो जाएगा। इसके बाद आने वाले पंचायत चुनाव संशोधित विधेयक के आधार पर ही होंगे।

सदन शुरू होते ही कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के करीबियों के बीच लेनदेन के वीडियो का मसला उठाते हुए इस पर अविलंब चर्चा की मांग की। इस पर संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने जवाब दिया कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और ऐसे में इस पर चर्चा नही हो सकती।

इसके बावजूद कांग्रेस लगातार चर्चा की मांग पर अड़ी रही। अपनी मांग के समर्थन में उप नेता प्रतिपक्ष करन माहरा ने लेनदेन से संबंधित पेन ड्राइव भी दिखाया। साथ ही कहा कि सदन में इसकी वीडियो दी जा चुकी है।

संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक कहा कि सदन नियमों से ही चलेगा। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि यह मामला दूसरा है और न्यायालय में विचाराधीन नहीं है। यह मुख्यमंत्री के करीबियों का स्टिंग है।

गतिरोध बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मामला अगर कोर्ट में है तो चर्चा संभव नहीं। इस पर कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि इस मामले में पीठ को गुमराह किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का नाम आने से यह मामला और गंभीर हो जाता है। इसलिए इस पर चर्चा जरूरी है। इस मुद्दे पर सात पक्ष व विपक्ष के सदस्यों के बीच चल रही नोक झोंक चलती रही। इस दौरान कांग्रेस विधायक बेल पर पहुंचकर नारेबाजी करते रहे।

कांग्रेस के हंगामे के दौरान पंचायती राज संशोधित विधेयक सदन में पेश किया गया जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। साथ ही सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

इससे पहले विधानसभा सभा सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने निवृत्त शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद के ब्रह्मलीन होने और शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के पुत्र अंकुर पांडेय के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़ा।

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