कन्नौज, । इत्रनगरी कन्नौज में एक मां ने उस मासूम का गला घोंट दिया, जिसे उसने नौ महीने कोख में रखकर सहेजा था। गरीबी व लाचारी में घर के छिटपुट विवादों के बीच हुई इस घटना को आंखों देखने वाली ढाई साल की मासूम ने हकीकत बयां कर दी। सास की सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है और कार्रवाई के लिए उसके पति के आने का इंतजार कर रही है।

कोतवाली छिबरामऊ के मोहल्ला बिरतिया निवासी शाहिद उर्फ शालू की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह चार माह पहले मजदूरी करने के लिए मुंबई गया था। यहां बीपीएल कार्ड धारक उसकी मां महबूबन, पत्नी रुखसार, ढाई साल की बेटी अनम, डेढ़ वर्षीय बेटे अरमान और आठ माह के मासूम अहद के साथ रहती थी। आज सुबह अहद के शरीर में हलचल न होते देख महबूबन ने रुखसार से पूछा तो उसने नींबू पानी पिलाने के बाद हालत बिगडऩे की बात कही। कुछ और देर हरकत न होने पर सास ने पुलिस को फोन किया।

प्रभारी निरीक्षक बलराम मिश्रा मौके पर पहुंचे। रुखसार ने उनसे भी नींबू-पानी पिलाने की बात दोहराई। पुलिस ने ढाई वर्षीय बेटी अनम से पूछा तो उसने राजफाश किया कि मां बहुत गुस्से में थी। अहद लगातार रो रहा था। मां ने उसका गला दबा दिया। इस पर पुलिस ने रुखसार को हिरासत में लेकर अहद का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यहां डॉक्टर अमित वर्मा व मोहम्मद शरीफ के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में गला दबाने से मौत होने की पुष्टि हुई। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मां रुखसार हिरासत में है। शाहिद का इंतजार किया जा रहा है।

पेट में मिला दूध, भूख से मौत होने के बात खारिज

इस घटना के बाद बड़ी तेजी से चर्चा उठी कि तीन दिन से बच्चे को कुछ न खिला पाने और उसे रोता देखकर मां ने उसकी हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया। अहद के पेट में दूध मिला है, जो सुबह ही पिलाया गया था। वहीं उसकी आंत भी ठीक मिली है। चिकित्सकों ने उसके तीन दिन से भूखे होने की पुष्टि नहीं की।

घर में होते थे झगड़े, पुलिस से की थी शिकायत

पड़ोसियों के मुताबिक घर में झगड़े होते थे। सास महबूबन का कहना है कि रुखसार अक्सर बच्चों को पीटती थी। कल पुलिस से शिकायत भी की थी लेकिन महिला सिपाही ने नाम नोटकर लौटा दिया। आज घर में आटा भी बिखरा पड़ा था और चूल्हा भी नहीं जला था। वहीं रुखसार का कहना है कि उसने अपने बच्चे को नहीं मारा है। पति जुए और शराब में कमाई उड़ा देता है। कहो तो मारपीट करता है। गुरुवार को छह हजार रुपये भेजे लेकिन सास ने नहीं दिए। बेटे के दूध और आटे के लिए पड़ोस के डॉक्टर से सौ रुपये उधार लिए थे। वहीं महबूबन का कहना है कि बेटे ने 6000 रुपये भेजे हैं। 5500 रुपये का कर्जा चुकाने के लिए कहा था। बहू को 500 रुपये दिए तो लेने से इन्कार कर दिया।

घर में दो राशन कार्ड, सब पर राशन मिला

प्रशासन की जांच में घर में दो राशन कार्ड मिले। एक कार्ड महबूबन, शाहिद, रुखसार और बच्चों के नाम मिले। वहीं दूसरे कार्ड दूसरे बेटे की पत्नी के नाम है। दोनों कार्ड पर लगातार राशन जारी हुआ है।

ढाई साल की बेटी ने बयां किया वो पल

प्रभारी निरीक्षक बलराम मिश्रा ने पूछताछ के बाद रुखसार को भी कोतवाली भेज दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ढाई वर्षीय पुत्री अनम ने पुलिस को बताया है कि सुबह मां ने भाई की गला दबाकर हत्या कर दी, वह बहुत गुस्से में थी। घटना के बाबत उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी गई है।