फैक्ट चेक / दावा- दिल्ली में मंंदिर की मूर्तियां तोड़ने वाले बजरंग दल कार्यकर्ता, एसपी चंदौली   संतोष कुमार ने बताया झूठा

क्या फेक : दिल्ली के लाल कुंआ इलाके में मंदिर की मूर्तियां तोड़ने की घटना में बजरंग दल के कार्यकर्ता शामिल थे
क्या सच : वायरल तस्वीर यूपी के मुगलसराय में जून 2019 में पकड़े गए शातिर चोरों की है
फैक्ट चेक डेस्क. सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है, जिसमें कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ सादे कपड़ों में कुछ लोग खड़े दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि तस्वीर में पुलिस के साथ दिखाई दे रहे लोग बजरंग दल के कार्यकर्ता है, जो दिल्ली के लाल कुआं क्षेत्र में हाल ही में मंदिर तोड़ने की घटना में शामिल थे।

क्या वायरल

यूजर्स तस्वीर शेयर करते हुए लिख रहे हैं, “दिल्ली में मूर्तियां तोड़ने वाले मुस्लिम नहीं बजरंग दल के कार्यकर्ता थे, पुलिस द्वारा 6 कार्यकर्ताओं की चल रही है कुटाई।”

दिल्ली मे मूर्तिया तोड़ने वाले
मुस्लिम नही बजरंग दल के
कार्यकर्ता थे,

पुलिस द्वारा 6 कार्यकर्ताओं
की चल रही है कुटाई,
दंगे की साज़िश

संगठन के नाम पर आतंकवाद फैलाने का काम करके दलित -मुस्लिम को लडाने के लिए उकसाते है ये लोग pic.twitter.com/9g7Vlcl8WI

— Tariq gouri (@tarigouri) July 13, 2019

तस्वीर इसी दावे के साथ वॉट्सऐप पर भी शेयर की जा रही है।

क्यों फेक

वायरल दावे की पुष्टि करती कोई भी खबर इंटरनेट पर उपलब्ध नहीं है। गूगल रिवर्स इमेज टूल की मदद से सर्च करने पर पता चला कि वायरल तस्वीर दिल्ली नहीं बल्कि यूपी के चंदौली की है।तस्वीर में पुलिस के साथ तीन चोर है, जिन्हें पुलिस ने मुगलसराय में जून 2019 में पकड़ा था।स्थानीय समाचार पत्रों ने भी इस खबर को कवर किया था। पत्रिका की वेबसाइट पर 4 जून 2019 को इस संबंध में खबर पब्लिश की गई है।

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  • खबर के अनुसार 20 साल में 200 से ज्यादा चोरी करने वाले तीन लोगों को मुगलसराय पुलिस ने गिरफ्तार किया है।तीन चोरों में से दो चंदौली और एक मिर्जापुर का रहने वाला है।वायरल तस्वीर में दिखाई दे रहे पुलिस अफसर चंदौली के एसपी संतोष कुमार हैं।

स्पष्टीकरण के लिए हमने एसपी संतोष कुमार से बात की। उन्होंने बताया, “तस्वीर तीन शातिर चोरों की है, जिन्हें हमने पिछले महीने पकड़ा था। तस्वीर का किसी भी अन्य घटना से कोई संबंध नहीं है।”
पड़ताल से स्पष्ट है कि वायरल तस्वीर चंदौली में पकड़े गए तीन चोरों की है। दिल्ली में मूर्तियां तोड़ने वालों में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा झूठा है।

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