फतवा :  हराम है नेल पॉलिश, इसकी जगह मेहंदी

 पिछले साल 21 अक्टूबर को दारुल उलूम देवबंद ने फतवा जारी कर कहा था कि सोशल मीडिया पर मुस्लिम पुरुषों और महिलाओं की फोटो अपलोड करना नाजायज है.देवबंद का फतवा: इस्लाम में हराम है नेल पॉलिश, इसकी जगह मेहंदी लगाएंसांकेतिक तस्वीर
सहारनपुर के दारुल उलूम देवबंद ने सोमवार को एक महिला के खिलाफ केवल इसलिए फतवा जारी कर दिया है, क्योंकि उसने नेल पॉलिश लगाई थी. फतवे में कहा गया है कि महिलाओं के लिए नाखून काटना और नेल पॉलिश लगाना इस्लाम के खिलाफ है. दारुल उलूम के मुफ्ती इशरार गौरा ने कहा है कि इस्लाम में महिलाएं नाखून पर मेहंदी लगा सकती हैं, नेल पॉलिश गैर इस्लामिक है. बता दें कि दारुल उलूम इससे पहले भी महिलाओं से जुड़ी कई आदतों के खिलाफ फतवा जारी कर चुका है.

  • मुजफ्फरनगर जिले के गांव तेवड़ा के एक व्यक्ति ने दारुल उलूम से पूछा था सवाल
  • ‘ऐसी चीजें जिनके इस्तेमाल से फर्ज की अदायगी में परेशानी हो उससे बचना जरूरी।’

सहारनपुर. इस्लामिक इंस्टीट्यूट दारुल उलूम देवबंद ने महिला या पुरुष के नाखून बढ़ाने को इस्लाम के खिलाफ बताया है। इस पर फतवा जारी किया गया है। हालांकि, महिलाओं को नेल पॉलिश लगाने की छूट इस शर्त पर दी है कि इसे नमाज पढ़ने से पहले साफ करना होगा।

मुजफ्फरनगर जिले के गांव तेवड़ा निवासी मोहम्मद तुफेल ने दारुल उलूम देवबंद के इफ्ता विभाग को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या ये दो काम इस्लाम में जायज हैं।

नेल पॉलिश में नापाक चीज न मिली हो

पत्र के जवाब में दारुल उलूम देवबंद ने कहा कि औरत के लिए नेल पॉलिश लगाने की छूट है। लेकिन नेल इसमें नापाक चीज नहीं होनी चाहिए। फतवे में स्पष्ट किया गया कि पॉलिश से नाखून पर रंग की पर्त जम जाती है। इससे वजू (नमाज से पहले हाथ-पैर धोना) करते वक्त नाखून पर पानी नहीं लगता। ऐसे में वजू से पहले नेल पॉलिश को नाखून से हटाना होगा।

इस्लाम औरत को सजने संवरने से नहीं रोकता
तंजीम-अबना-ए-दारुल उलूम देवबंद के अध्यक्ष मुफ्ती यादे इलाही कासमी ने दारुल इफ्ता के फतवे को पूरी तरह सही बताया है। उनका कहना है कि इस्लाम औरत को सजने-संवरने से नहीं रोकता। लेकिन ऐसी चीजें जिनके इस्तेमाल से किसी फर्ज की अदायगी में परेशानी होती हो तो उससे बचना जरूरी है।

पिछले साल 21 अक्टूबर को दारुल उलूम देवबंद ने फतवा जारी कर कहा था कि सोशल मीडिया पर मुस्लिम पुरुषों और महिलाओं की फोटो अपलोड करना नाजायज है. दारूल उलूम देवबंद से एक शख्स ने यह सवाल किया था कि क्या फेसबुक, व्हाट्सअप एवं सोशल मीडिया पर अपनी (पुरुष) या महिलाओं की फोटो अपलोड करना जायज है. इसके जबाव में फतवा जारी करके यह कहा है कि मुस्लिम महिलाओं एवं पुरुषों को अपनी या परिवार के फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करना जायज नहीं है, क्योंकि इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता.

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Saharanpur: “Darul-Uloom Deoband has issued fatwa against Muslim women using nail polish because it is un-Islamic and illegal . Rather women should use mehendi on their nails,”Mufti Ishrar Gaura, Darul-Uloom Deoband (4.11)

इस संबंध में मुफ्ती तारिक कासमी का कहना है कि जब इस्लाम में बिना जरूरत के पुरुषों एवं महिलाओं के फोटो खिंचवाना ही जायज न हो, तब सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड करना जायज नहीं हो सकता.
वहीं 7 अक्टूबर को दारुल उलूम देवबंद ने मुस्लिम महिलाओं के लिए चौंकाने वाला फतवा जारी किया था. दारुल उलूम देवबंद के फतवा में कहा गया है कि मुस्लिम महिलाओं के लिए हेयर कटिंग और आइब्रो बनवाना नाजायज है. दारुल उलूम देवबंद के फतवा विभाग के मौलाना लुतफुर्रहमान सादिक कासमी ने कहा कि ये फतवा काफी पहले जारी कर दिया जाना चाहिए था.

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