पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित दिवंगत, कई दिन से थीं बीमार

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का निधन हो गया है। 81 वर्षीय शीला दीक्षित लंबे समय से बीमार थीं।

नई दिल्ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का निधन हो गया है। शीला दीक्षित दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष भी थीं और काफी लंबे समय से बीमार चल रहीं थीं। तीन बार शीला दीक्षित की बाईपास सर्जरी हुईं थी और आज सुबह ही दिल्ली के एस्कार्ट्स अस्पताल में भर्ती थी। शीला दीक्षित का निधन का अचानक निधन कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित 1998 से लेकर 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं।बता दें कि अपने निधन से कुछ दिनों पहले तक वह राजनीति में खासी ऐक्टिव थीं और हाल ही में उन्होंने दिल्ली में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति भी की थी। यही नहीं कांग्रेस पार्टी दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर उतारने की तैयारी में थी। दिल्ली में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद केरल की राज्यपाल भी रही थीं। इसके अलावा कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर भी पेश किया था। शीला को हमेशा से गांधी-नेहरू परिवार का करीबी माना जाता था।
शीला दीक्षित को समन्वयवादी राजनीति और विकास का चेहरा माना जाता रहा है। दिल्ली में मेट्रो के नेटवर्क का विस्तार हो या फिर बारापूला जैसे बड़े रोड नेटवर्क उन्हीं की देन माने जाते हैं। दिल्ली में उनके सहयोगी मंत्री रहे महाबल मिश्रा ने शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि देते हुए कहा उनके निधन से हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती।

ऐसे बनीं कांग्रेस की कद्दावर नेता

शीला दीक्षित सबसे लंबे समय तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही है. वह तीन बार लगातार विधानसभा चुनाव जीती और दिल्ली की सत्ता पर 15 साल तक राज किया.

दिल्‍ली की सबसे लंबे समय तक सीएम रहने वाली शीला दीक्षित, ऐसे बनीं कांग्रेस की कद्दावर नेता
शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च, 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था.

 राजधानी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित का निधन हो गया है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक शीला दीक्षित काफी लंबे समय से बीमार चल रही थी, जिसके कारण उनकी मौत हो गई है. एस्कॉर्ट अस्पताल में शीला दीक्षित ने अंतिम सांस ली. अभी दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष थीं. शीला दीक्षित के जाने से कांग्रेस को गहरा सदमा लगा है. वह लंबे समय दिल्ली की मुख्यमंत्री रही हैं. दिल्ली में मेट्रो और तमाम विकास का श्रेय शीला का ही जाता है.

आइये जानते हैं शीला दीक्षित के बारे में खास बातें….

– शीला दीक्षित सबसे लंबे समय तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही है. वह तीन बार लगातार विधानसभा चुनाव जीती और दिल्ली की सत्ता पर 15 साल तक राज किया. दीक्षित ने 1998 से 2013 तक दिल्ली में मुख्यमंत्री पद सम्भाला था.

– शीला दीक्षित केरल के राज्यपाल का कार्यभार संभाल चुकी हैं.

– शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च, 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था. उन्होंने दिल्ली के जीसस एंड मेरी कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षा पाई और दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से इतिहास में एमए किया था.

– शीला दीक्षित 1984 से 89 तक कन्नौज (उप्र) से सांसद रहीं. इस दौरान वह संयुक्त राष्ट्र में महिलाओं के आयोग में भारत की प्रतिनिधि रहने के साथ लोकसभा की समितियों में भी शामिल रहीं.

कौन थी शीला दीक्षित

शीला दीक्षित राजीव गांधी सरकार में केन्द्रीय मंत्री भी रह चुकी हैं. इसके बाद वह 2014 में केरल की राज्यपाल भी रहीं.

– शीला दीक्षित की शादी यूपी के उन्नाव के आईएएस अधिकारी स्वर्गीय विनोद दीक्षित से हुआ था. बता दें कि विनोद दीक्षित बंगाल के पूर्व राज्यपाल और कांग्रेस के बड़े नेता स्वर्गीय उमाशंकर दीक्षित के बेटे थे. शीला को कांग्रेस में लाने का श्रेय विनोद दीक्षित को ही जाता है.

– शीला दीक्षित साल 1998 में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष बनाई गईं. 1998 में ही लोकसभा चुनाव में वह कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में पूर्वी दिल्ली से चुनावी रण में उतरीं पर हार गईं. लेकिन फिर उन्होने दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाते हुए लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहीं.

केरल की राज्यपाल थी। 11 अप्रैल 2014 से  25 अगस्त 2014।

दिल्ली की  15 साल मुख्यमंत्री रही।

15 साल तक मुख्यमंत्री रहने वाली वाली पहली महिला मुख्यमंत्री

दिल्ली कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष थी।
10 जनवरी को बनाया गया था दिल्ली कांग्रेस चीफ

1984 से 1989 तक उत्तर प्रदेश की कनौज लोकसभा सीट से सांसद थी।

2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री प्रत्याशी बनाया था।

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का काफी करीबी माना जाता था।

1986 से 1989 तक केंद्र में मंत्री थी।
केंद्र में संसदीय कार्य राज्य मंत्री थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्व‍िटर लिखा,  शीला दीक्षित जी के निधन से गहरा दुख हुआ. एक मिलनसार व्यक्तित्व के साथ मिलना हमेशा ही अच्‍छा रहा. उन्‍होंने दिल्ली के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया. उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना. ओम शांति.

Narendra Modi
@narendramodi

Deeply saddened by the demise of Sheila Dikshit Ji. Blessed with a warm and affable personality, she made a noteworthy contribution to Delhi’s development. Condolences to her family and supporters. Om Shanti.

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राहुल गांधी ने भी शीला दीक्ष‍ित के निधन पर शोक व्‍यक्‍त करते हुए उन्‍हेें कांग्रेस की बेटी बताया, उन्‍होंने लिखा, शीला दीक्षि‍त की मौत की खबर से दुख हुआ. वह कांग्रेस की सबसे प्‍यारी बेटी थीं. मेरा उनके साथ गहरा रिश्‍ता था. उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना. उन्‍होंने तीन कार्यकाल में दिल्‍ली की नि‍स्‍वार्थ भाव से सेवा की.

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्ष‍ित के निधन पर शोक व्‍यक्‍त करते हुए लिखा, शीला दीक्ष‍ित जी का जाना दिल्‍ली के लिए बहुत बड़ी क्षति है. दिल्‍ली में उनके द्वारा किए गए काम हमेशा याद रखे जाएंगे. उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. ईश्‍वर उन्‍हें शांति प्रदान करे.

एस्‍कॉर्ट फो‍र्ट‍िस अस्‍पताल के डायरेक्‍टर डॉ. अशोक सेठ के अनुसार, शीला दीक्षि‍त की देखभाल डॉक्‍टरों की एक टीम द्वारा की जा रही थी. शाम 3.15 पर उन्‍हें कार्ड‍ियक अरेस्‍ट के कारण वेंटीलेटर पर भेजा गया. 3.55 पर उन्‍होंने अंतिम सांस ली.

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