देश में दूसरा सबसे मंहगा तलाक:पत्नी को कोर्ट रूम में ही दिए पूरे दो अरब

दिग्गज फार्मा कंपनी कैडिला के चेयरमैन राजीव मोदी और उनकी पत्नी मोनिका गरवारे के बीच चल रहे तलाक के मामले को कानूनी रूप से मंजूरी मिल गई. अहमदाबाद की एक फैमिली कोर्ट ने मंगलवार को दोनों के तलाक को मंजूरी दे दी.

इस शख्स ने तलाक के बदले पत्नी को कोर्ट रूम में ही दिए पूरे 200 करोड़

नई दिल्ली/ अहमदाबाद : दिग्गज फार्मा कंपनी कैडिला के चेयरमैन राजीव मोदी और उनकी पत्नी मोनिका गरवारे के बीच चल रहे तलाक के मामले को कानूनी रूप से मंजूरी मिल गई. अहमदाबाद की एक फैमिली कोर्ट ने मंगलवार को दोनों के तलाक को मंजूरी दे दी. दोनों ने यह तलाक आपसी सहमति से लिया है. तलाक के एवज में मोदी ने मोनिका को 200 करोड़ रुपये दिए हैं. आपको बता दें कि राजीव और मोनिका की 26 साल पहले शादी हुई थी. राजीव मोदी की मोनिका गरवारे संग जनवरी, 1992 में शादी हुई थी। पूरे गुजरात में तलाक के एवज में यह सबसे ज्यादा धनराशि देने का मामला माना जा रहा है.rajiv modi

मोनिका ने सभी पदों से पहले ही रिजाइन किया
तलाक पर अदालत की तरफ से दिए गए निर्णय के अनुसार कैडिला फार्मास्युटिकल लिमिटेड के एमडी राजीव को गरवारे पालिस्टर्स लिमिटेड की ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर को 200 करोड़ रुपये सैटेलमेंट अमाउंट के तौर पर देने का आदेश दिया गया. कैडिला फार्मास्युटिकल लिमिटेड का सालाना टर्नओवर दो हजार करोड़ रुपए है। इस तलाक के बाद राजीव ने मोनिका को 200 करोड़ रुपए दिए। यह देश का दूसरा सबसे महंगा तलाक है। इससे पहले फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन ने अपनी पत्नी सुजैन खानImage result for कैडिला के चेयरमैन राजीव मोदी और उनकी पत्नी मोनिका गरवारे को तलाक के बाद 400 करोड़ रुपए दिए थे।  गरवारे के वकील सीनियर एडवोकेट सुधीर नानावती ने हमारी सहयोगी अखबार डीएनए को बताया कि उनकी मुवक्किल कैडिला में सभी पदों से पहले ही रिजाइन कर चुकी है और अब वह मोदी की किसी भी कंपनी में शेयर होल्डर नहीं है.After 26 years of marriage Court grants divorce to Cadila Pharma Chairman Rajiv Modi Monika Garware

दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश नाकामयाब
मोनिका गरवारे और राजीव मोदी के बीच विवाद सबसे पहले अगस्त 2018 में सामने आया था। मोनिका ने पुलिस को दी शिकायत में राजीव पर व्यभिचार और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया था।मोनिका की तरफ से पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया कि राजीव पिछले तीन साल से उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर मोदी को समन भेजा. इस बीच दोनों के बीच आपसी सहमति से समझौता कराने की कोशिश की गई. लेकिन कोई हल नहीं निकला. इसके बाद दोनों के बीच 200 करोड़ रुपये पर तलाक की सहमति बनी और उन्होंने तलाक के लिए अर्जी दी थी.  इस शर्त में यह भी तय किया गया कि तलाक के बाद मोनिका राजीव की संपत्ति में हिस्सा नहीं मांगेंगी। Image result for कैडिला के चेयरमैन राजीव मोदी और उनकी पत्नी मोनिका गरवारे

एस्क्रो अकाउंट में जमा कराए गए 200 करोड़ रुपए
दोनों पक्षों के बीच अहमदाबाद के सोला थाने में हुए समझौते के मुताबिक, राजीव ने बैंक ऑफ बड़ौदा की अंबावाड़ी ब्रांच में एक एस्क्रो अकाउंट खोला और उसमें 200 करोड़ रुपए जमा करा दिए। तलाक के बाद इस एस्क्रो बैंक अकाउंट के दस्तावेज मोनिका को सौंपे जाने थे ! फाइल मामले के अंतिम फैसले के वक्त दोनों पक्षों के 35 लोग अदालत में मौजूद थे। फैमिली कोर्ट के फैसले के अनुसार, राजीव-मोनिका का 17 साल का बेटा अपने पिता की कस्टडी में रहेगा।Image result for कैडिला के चेयरमैन राजीव मोदी और उनकी पत्नी मोनिका गरवारे

1992 में हुई थी राजीव-मोनिका की शादी
राजीव मोदी और मोनिका की शादी 18 जनवरी 1992 को हुई थी। शादी के कुछ साल बाद ही उनमें विवाद होने लगा। अगस्त 2018 में झगड़ा बढ़ने पर उन्होंने तलाक के लिए आवेदन कर दिया। फैमिली कोर्ट के जज ने दोनों से पूछा कि तलाक के आवेदन पर क्या आपको दोबारा विचार करना है? राजीव-मोनिका ने जवाब दिया कि हम 2012 से अलग हैं। अब आपसी सहमति से अलग होना चाहते हैं। Image result for कैडिला के चेयरमैन राजीव मोदी और उनकी पत्नी मोनिका गरवारे

पॉलिस्टर लिमिटेड की ज्वॉइंट एमडी और चेयरमैन हैं मोनिका 
मोनिका मुंबई स्थित पॉलिस्टर लिमिटेड के चेयरमैन शशिकांत गरवारे की बेटी हैं। वे इस कंपनी में वाइस चेयरमैन और ज्वॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। मोनिका ने न्यूयॉर्क के वास्सर कॉलेज से स्नातक किया। वहीं, जोसेफ आई लुबिन स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की डिग्री ली। मोनिका 10 कंपनियों के बोर्ड की भी डायरेक्टर हैं।

तलाक की अर्जी मंजूर कर मामले का निपटारा किया
फैमिली कोर्ट ने दोनों की तरफ से तलाक की अर्जी दिए जाने के बाद छह महीने का समय दिया. जो कि तलाक के किसी भी मामले में सुलह की गुंजाइश के लिए जरूरी समय होता है. लेकिन दोनों की तरफ से कोर्ट में यह साफ कर दिया गया कि उनके बीच रिश्ता 2012 से समाप्त हो गया. इस पर कोर्ट ने उन्हें इससे सितंबर में ही राहत दे दी. इसके बाद अदालत ने तलाक की अर्जी को मंजूरी देते हुए इसका निपटारा कर दिया.

तलाक की शर्त के अनुसार कोर्ट रूम में ही राजीव मोदी ने मोनिका को 200 करोड़ रुपये का ड्रॉफ्ट दे दिया. समझौते के अनुसार इस दंपति का बेटा, जिसका नाम भी राजीव है वह अपने पिता के साथ रहेगा. हालांकि मोनिका के पास बेटे राजीव से मिलने का अधिकार है. तलाक के अनुसार मोनिका का राजीव की किसी भी संपत्ति पर अधिकार नहीं रहेगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *