तलाक लेने वाले पति ने कहा- जॉब नहीं है, पैसे नहीं , राशन ले लो!!!

पति ने अपनी पत्नी को 3 महीने में 3 सूट और हर रोज 2 किलो दूध के साथ 20 किलोग्राम चावल, 15 किलोग्राम गेहूं, 5 किलोग्राम देसी घी, 5 किलो ग्राम चीनी और 5 किलोग्राम दालें हर महीने देने के लिए तैयार हैं.
चंडीगढ़: भिवानी के एक पति ने अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता देने की बजाय भरण पोषण का सामान देने की मांग पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से की है. पति ने याचिका में में कहा है वो गुज़ारा भत्ता देने की बजाए पत्नी को 20 किलोग्राम चावल, 15 किलोग्राम गेहूं, 5 किलोग्राम देसी घी, 5 किलो ग्राम चीनी और 5 किलोग्राम दालें हर महीने देने के लिए तैयार हैं. इसके साथ ही पति ने अपनी पत्नी को 3 महीने में 3 सूट और हर रोज 2 किलो दूध देने का ऑफर भी किया है. हाईकोर्ट ने पति की अपील को मंजूर भी कर लिया है और 3 दिन के भीतर पति को याचिका में बताया हुआ सारा सामान पत्नी के पास पहुंचाने के निर्देश भी दिए है.

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई में पति अमित मेहरा को हाईकोर्ट में पेश होने के निर्देश भी दिए हैं. पत्नी मंजू के वकील सन्नी नामदेव ने बताया कि हाईकोर्ट ने पति अमित मेहरा को भरण पोषण का सामान देने के साथ साथ पत्नी को महीनों से पेंडिंग पड़े एरियर्स यानी कि बकाया गुजारा भत्ता देने के भी निर्देश दिए हैं और इसपर हाईकोर्ट में हलफनामा देने के लिए भी कहा है.

वकील सन्नी नामदेव ने बताया कि भिवानी के रहने वाले अमित मेहरा ने अपनी पत्नी मंजू के खिलाफ जिला अदालत में तलाक की दरख्वास्त डाली हुई है जिसके चलते भिवानी जिला अदालत ने पति अमित मेहरा को गुजारे के तौर पर पत्नी मंजू को हर महीने ₹5000 भत्ता देने के आदेश दिए थे.

जिसको पति अमित मेहरा ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि जिस कंपनी में वह काम करते थे वह कंपनी बंद हो गई है जिसके चलते उनकी नौकरी चली गई है. इसीलिए वह अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं दे सकते बल्कि इसके बजाय वह अपनी पत्नी को दूध, देसी, घी, दाल, चावल, गेहूं, शुगर, कपड़े देने के लिए तैयार हैं.

हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार पति अमित मेहरा को 19 जुलाई तक अपनी पत्नी को यह सारा सामान देना होगा और 25 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में पेश होना होगा.

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