डॉक्टरों की हड़ताल: 632 सर्जरी रद्द, आईसीयू-इमरजेंसी सर्विस जारी!बंगाल से दिल्ली, महाराष्ट्र पहुंची डॉक्टरों की हड़ताल

डॉक्टरों की हड़ताल, मरीज बेहाल

अकेले दिल्ली में 11 हजार रेजीडेंट हड़ताल पर, एम्स में रद्द हुई 632 रूटीन सर्जरी, दूर दराज से अप्वाइंटमेंट लेकर ओपीडी में इलाज करवाने आने वाले मरीज परेशान!

डॉक्टरों की हड़ताल: रद्द हुईं सैकड़ों सर्जरी, आईसीयू-इमरजेंसी सर्विस जारी!
नई दिल्ली/मुंबई/कोलकाता :पश्चिम बंगाल से शुरू हुई जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आज महाराष्ट्र और दिल्ली तक आ पहुंची है। डॉक्टरों ने शुक्रवार सुबह एम्स और सफदरजंग में नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया। इससे दूर-दराज से आए मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। हालांकि पुराने मरीजों के लिए ओपीडी खुली है। हड़ताल के समर्थन में दिल्ली मेडिकल असोसिएशन, आईएमए और डॉक्टरों के अन्य कई संगठन भी आ गए हैं।
इन्होंने आज दिल्ली, महाराष्ट्र समेत देशभर में हड़ताल का आह्वान किया है। आईएमए से जुड़े डॉ. हरजीत सिंह भट्टी के मुताबिक एम्स, सफदरजंग के अलावा निजी क्लिनिक-नर्सिंग होम भी बंद रहेंगे। एमसीडी हॉस्पिटल के डॉक्टर शनिवार से स्ट्राइक पर जाएंगे। महाराष्‍ट्र के रेजिडेंट डॉक्‍टरों ने भी आज शाम 5 बजे तक सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है। ऐसे में डर है कि देशभर में डॉक्टर इस हड़ताल में शामिल हो सकते हैं।
जूनियर डॉक्टरों पर 200 लोगों ने किया था हमला
दरअसल कोलकाता स्थित एनआरएस मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई थी। इस पर बुजुर्ग के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया था और दो डॉक्टरों की पिटाई कर दी गई थी। आरोपों के मुताबिक करीब 200 लोग ट्रकों में भरकर आए थे और अस्पताल परिसर पर हमला बोल दिया। इस हमले में दो जूनियर डॉक्टर बुरी तरह घायल हो गए थे।
पश्चिम बंगाल में डाॅक्टर की पिटाई के विरोध में हड़ताल
हम बंगाल के रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ”

फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन से जुड़े डॉ. प्रकाश ठाकुर ने कहा कि हम नहीं चाहते कि कोई मरीज परेशान हो लेकिन हम बंगाल के रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ खड़े हैं. जब तक बंगाल के डॉक्टरों के साथ न्याय नहीं होता हम उनके साथ हैं. ममता बनर्जी जब तक माफी नहीं मांगेंगी तब तक हम हड़ताल खत्म नहीं करेंगे. एम्स, सफदरजंग, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, आरएमएल सहित सभी सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर उनके समर्थन में हड़ताल पर हैं. ज्यादा गंभीर मरीजों को सेवाएं मिल रही हैं. इन अस्पतालों में एक तरफ मरीज भटक रहे हैं तो दूसरी ओर रेजीडेंट डॉक्टर अपना कामकाज रोक कर नारेबाजी कर रहे हैं.

बंगाल में ममता की चेतावनी के बावजूद चौथे दिन भी जारी है डॉक्टर्स की हड़ताल, आज देशभर में प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टर्स का हड़ताल पिछले चार दिनों से जारी है. डॉक्टर कोलकाता में एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद भीड़ द्वारा अपने दो सहकर्मियों पर हमले के विरोध में हड़ताल कर रहे हैं.

Doctors strike in West Bengal Doctors in Delhi to boycott work over Kolkata hospital violence                पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों का हड़ताल आज चौथे दिन भी जारी है. इससे पहले हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने गुरुवार दोपहर दो बजे तक काम पर लौटने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश को नहीं माना और हड़ताल जारी रखने का फैसला किया. इन डॉक्टरों को भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) का साथ मिला है. आईएमए ने आज ‘अखिल भारतीय विरोध दिवस’ घोषित किया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने गुरुवार को मरीजों और उनके साथ आए लोगों से संयम बरतने का अनुरोध किया और मारपीट की घटना की निंदा की. उन्होंने कहा कि कि वह सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के समक्ष डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा उठाऐंगे.

मारपीट की घटना का कर रहे हैं विरोध
डॉक्टर कोलकाता में एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद भीड़ द्वारा अपने दो सहकर्मियों पर हमले के विरोध में हड़ताल कर रहे हैं. हड़ताली डॉक्टर अस्पताल में सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.

डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से कई सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों अस्पतालों में तीसरे दिन भी आपातकालीन वार्ड, ओपीडी सेवाएं, पैथोलॉजिकल इकाइयां बंद रही. वहीं निजी अस्पतालों में भी चिकित्सकीय सेवाएं बंद रहीं.

इस्तीफा
इस बीच एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रधानाचार्य साइबल मुखर्जी और चिकित्सा अधीक्षक और उप प्रधानाचार्य प्रो सौरभ चटोपाध्याय ने संस्थान के संकट से निपटने में विफल रहने की वजह से इस्तीफा दे दिया है.

ममता पहुंची अस्पताल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को दोपहर में सरकारी एसएसकेएम अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने ‘हमें इंसाफ चाहिए’ के नारे लगाए. उन्होंने कहा, ‘‘मैं आंदोलन की निंदा करती हूं. कनिष्ठ चिकित्सकों का आंदोलन सीपीएम और बीजेपी का षड्यंत्र है.’’ बनर्जी के पास स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का भी प्रभार है.

उन्होंने चिकित्सकों को चार घंटे के भीतर काम पर लौटने को कहा था लेकिन बाद में समय-सीमा में संशोधन करके इसे अपराह्न दो बजे कर दिया. उन्होंने ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि उन्हें छात्रावास खाली करने होंगे. बनर्जी की समय सीमा के बावजूद डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल जारी रखी.

डॉक्टरों की एक टीम ने इस मुद्दे पर राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की. राज्यपाल ने भी उनसे हड़ताल खत्म करने की अपील की. त्रिपाठी से भेंट के बाद राजभवन के बाहर एक जूनियर डॉक्टर ने कहा, ‘‘मांग पूरी होने तक हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे. हमारी मांगे साधारण हैं… उचित सुरक्षा मिले और सभी अस्पताल में सशस्त्र पुलिस बल तैनात हों तथा एनआरएस अस्पताल में शनिवार को हुए हमले में शामिल अपराधियों को गैर जमानती धाराओं में गिरफ्तार किया जाए.’’

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो कहा, हमें उनसे उसकी उम्मीद नहीं थी. बहरहाल, बनर्जी ने आरोप लगाया कि बाहर के लोग चिकित्सीय कॉलेजों और अस्पतालों में व्यवधान डालने के लिए घुस आए हैं. उन्होंने बीजेपी पर हड़ताल को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया.

ममता बनर्जी ने एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दो जूनियर डॉक्टरों को आई चोटों को दुर्भाग्यपूर्ण कहा. बनर्जी ने कहा कि इस बाबत पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और इलाज में लापरवाही की शिकायत पर भी जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि कैंसर व गुर्दे के मरीज तथा दुर्घटना पीड़ित और दूर दराज से आए बच्चे इलाज नहीं मिलने की वजह से सबसे ज्यादा भुगत रहे हैं.

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