जलते रावण से बचने रेल ट्रैक पर आईं भीड़ कट मरी,50 से ज्यादा की गई जान

अमृतसर: अमृतसर में रावण दहन के समय जलते पुतले से बचने की कोशिश में रेल ट्रैक पर आई भीड़ उसी समय तेज गति से पहुंची रेल की चपेट में आ गई।इससे 50 से ज्यादा लोग कट मरे!

रावण के पुतले में आग लगते ही वहां जमा भीड़ भाग खड़ी हुई और लोग ट्रैक पर आ गए. इसी दौरान पठानकोट से अमृतसर की तरफ आ रही ट्रेन ट्रैक पर आए लोगों को काटती चली गई. दुर्घटना चौड़ा बाजार के करीब की है जहां ट्रैक के पास रावण का पुतला दहन किया जा रहा था. रावण दहन को देखने के लिए सैकड़ों की भीड़ ट्रैक के पास जमा थी.Image result for अमृतसर में बड़ी रेल दुर्घटना

जानकारी के मुताबिक रावण के पुतने में आग लगते ही वहां जमा भीड़ भाग खड़ी हुई और लोग ट्रैक पर आ गए. इसी दौरान पठानकोट से अमृतसर की तरफ आ रही ट्रेन ट्रैक पर आए लोगों को काटती चली गई. चश्मदीदों के मुताबिक चारों तरह क्षत-विक्षत शव नजर आ रहे हैं और मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है. फिलहाल मौके पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और एंबुलेंस पहुंच गई हैं, राहत और बचाव का काम किया जा रहा.

मौके पर मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक रावण दहन के कार्यक्रम में अमृतसर के सांसद नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू में भी मौजूद थीं और चश्मदीदों का आरोप है कि हादसे के बाद मौके से नवजोत कौर तुरंत फरार हो गईं. स्थानीय लोगों ने कौर की इस हरकत में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया है.

हादसा अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास हुआ है. घटना स्थल से भयावह तस्वीरें आ रही हैं, जिसे हम आपको नहीं दिखा पा रहे हैं. ट्रैक के आसपास खून से लथपथ लाशें बिखरी पड़ी हुई हैं. घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद बता रहे हैं कि ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा थी, जबकि भीड़भाड़ वाले इलाके को देखते हुए इसकी रफ्तार कम होनी चाहिए. इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है.Image result for अमृतसर में बड़ी रेल दुर्घटना

घटनास्थल के पास काफी लोग एकत्रित हो गए हैं और स्वजनों की तलाश कर रहे हैं. मौके पर चारों तरफ लोगों के रोने-बिलखने की तस्वीरें देखी जा सकती हैं. मौके पर बचाव दल पहुंच गया है. बड़े पैमाने पर पुलिस बल को भी तैनात किया गया है.

किसी का हाथ नहीं तो किसी का सिर नहीं, लाशों को देखने की हिम्मत नहीं

चश्मदीदों के मुताबिक ये बहुत दर्दनाक हादसा है. इसमें मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. हादसे का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि लोग कह रहे हैं कि वे ऐसा मंजर अमृतसर में आज तक नहीं देखे थे. चश्मदीदों के मुताबिक शवों की स्थिति बहुत खराब है. किसी का हाथ गायब है तो किसी का सिर. उनके मुताबिक लाशों को देखने की हिम्मत तक नहीं है.

एक चश्मदीद ने इस हादसे के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया. उसने कहा कि क्या लोगों को ट्रेन को लेकर बताया नहीं जा सकता था.  उनके मुताबिक ऐसा मंजर उन्होंने फिल्मों में 1947 को लेकर देखा था और सुना था. 1947 के बाद अमृतसर में ऐसा मंजर पहली बार देखा गया जब यहां पर सिर्फ और सिर्फ शव पड़े हैं. जो भी इसके लिए जिम्मेदार है उसपर कार्रवाई हो.वहीं एक और चश्मदीद के मुताबिक कांग्रेस सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू मौके पर थीं और जैसे ही हादसा हुआ वह मौके से भागकर सुरक्षित जगह पर पहुंच गईं.

एक और चश्मदीद के मुताबिक ट्रेन तेज गति से आ रही थी और जब दशहरा मनाया जा रहा था तभी कई लोगों के ऊपर ट्रेन चढ़ गई. ये हादसा चौड़ा बाजार के पास हुआ है. रावण दहन के दौरान ही ट्रेन कई लोगों के ऊपर चढ़ गई. चश्मदीदों के मुतबाकि यह बेहद दर्दनाक हादसा है. इसमें कई लोगों की मौत हो सकती है.

एक चश्मदीद के मुताबिक प्रशासन और दशहरा कमेटी इसके लिए जिम्मेदार हैं. ट्रेन के आने के पहले अलार्म बजाना चाहिए था. पुलिस के मुताबिक इसमें 50 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका है.

5-5 लाख के मुआवजे का ऐलान

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मुआवज का ऐलान किया है. अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा कि राहत कार्य का जायजा लेने खुद अमृतसर जा रहा हूं. पंजाब सरकार ने मरने वालों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों की मुफ्त में इलाज दिया जाएगा और इसके लिए जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं.

मुख्यमंत्री ने गृह सचिव, स्वास्थ्य सचिव और एडीजी (कानून व्यवस्था) को अमृतसर जाने के निर्देश दिए हैं. राजस्व मंत्री अमृतसर के लिए निकल चुके हैं. सीएम खुद भी घायलों का हाल-चाल लेने शनिवार को वहां पहुंचेंगे.

असंवेदनशील काँग्रेस व उसके नेताओं विशेषकर नवजोत कौर सिधू (पंजाब के मंत्री नवजोत सिँह सिधू की पत्नी) की मौजूदगी में रेल की पटरी के पास हुआ हादसा… 60 से ज़्यादा हताहत। कारण….
1. Fire Act व अन्य प्रकार की सुरक्षा के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गयी। नेता नवजोत कौर कानून से ऊपर ?
2. रेलवे परिसर में अवैध अतिक्रमण क्यों?
3. रेलवे तंत्र से अनुमति नहीं ली गयी।
4. नवजोत कौर सिधू इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थी। उनकी उपस्थिति में यह हादसा हुआ।
5. प्रशासन द्वारा पुलिस व्यवस्था नही की थी।
6. पीछे प्रकाश की व्यवस्था नहीं थी।
7. शर्मनाक बात यह है कि नवजोत कौर सिधू एक डॉक्टर थीं। वे मृत व घायलों को छोड़कर व गाड़ी में बैठकर भाग खड़ी हुई।
8. जब प्रेस वालों बाद में नवजोत कौर से पूछा कि आप ने क्या किया ? कहने लगी कि ‘मैंने फोन करके रेलवे को सूचित कर दिया था’।

 

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